फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   दो दिन बाद खुला अस्पताल: 03 घंटे में पंजीकरण, 3 मिनट में जांच

दो दिन बाद खुला अस्पताल: 03 घंटे में पंजीकरण, 3 मिनट में जांच

Tue, 04 Sep 2018 11:32 PM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
दो दिन बाद खुला अस्पताल: 03 घंटे में पंजीकरण, 3 मिनट में जांच
अमर उजाला लाइव::
विज्ञापन


दो दिन बाद खुला अस्पताल: 3 घंटे में पंजीकरण, 3 मिनट में जांच
- दवा लेने में भी मरीजों के छूटे पसीने
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सिविल लाइन स्थित नागरिक अस्पताल दो दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को खुला। इस वजह से यहां मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। मरीजों को अपना पंजीकरण करवाने के लिए जहां ढाई से तीन घंटे लाइन में लग धक्के खाने पड़े, वहीं ओपीडी में डॉक्टरों ने मात्र तीन मिनट में ही उनकी जांच कर विदा कर दिया। इसके साथ ही मरीजों को दवा लेने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन व एमआरआई के लिए भी मरीज लंबी लाइनों में लग परेशानियों से दो-चार होते नजर आए। इमरजेंसी में भी अधिक भीड़ के कारण व्यवस्था चरमराई रही। पेश है अमर उजाला संवाददाता शुभम अरोड़ा और सुदर्शन झा की लाइव रिपोर्ट।

स्थान: पंजीकरण काउंटर
मरीज कार्ड बनवाने के लिए सुबह 6 बजे पंजीकरण काउंटर खुलने से पहले ही लाइनों में लगे रहे। काउंटर खुलते ही यहां अफरातफरी का माहौल रहा। पहले नंबर पाने के लिए लोग धक्कामुक्की पर उतर आए। इससे सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों के साथ महिलाओं व बच्चों को उठानी पड़ी।
विज्ञापन


स्थान: ओपीडी
ओपीडी में इलाज के लिए भी मरीजों की लंबी लाइनें लगी रही। बोझ बढ़ने के कारण डॉक्टरों ने भी मरीजों को सही ढंग से देखे बिना ही उनकी जांच कर विदा करना शुरू कर दिया। अफरातफरी में मरीज अपना दर्द भी बयां नहीं कर पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्थान: इमरजेंसी
ओपीडी में भीड़ के चलते मरीज इलाज के लिए इमरजेंसी में पहुंचने लगे। दबाव अधिक होने के कारण गंभीर हालत में लाए गए मरीजों को भी नंबर के लिए स्ट्रेचर पर इंतजार करना पड़ा।

स्थान: दवा काउंटर
इलाज के बाद दवा लेने में भी मरीजों व उनके परिजनों के पसीने छूट गए। भीड़ ज्यादा होने के कारण यहां भी मारामारी रही। मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी गई पूरी दवाइयां भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो पाई।


बयान -
छुट्टी के बाद अस्पताल खुलने पर मरीजों का दबाव ज्यादा रहा। इसे देखते हुए पंजीकरण के लिए एक काउंटर अलग से खोला गया था। इसके अलावा डॉक्टरों को भी ज्यादा से ज्यादा समय मरीजों को देखने के लिए कहा गया था। -डॉ. मनीष राठी, अस्पताल प्रबंधक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed