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आयुध डिपो क्षेत्र में बसे मकान हटवाने के लिए केंद्र देगा मुआवजा
Updated Mon, 30 Jul 2018 05:36 PM IST
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आयुध डिपो क्षेत्र में बसे मकान हटवाने के लिए केंद्र देगा मुआवजा
गुरुग्राम। आयुध डिपो के 300 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माण को तोड़ने से पहले जिला प्रशासन बाजार मूल्य पर मुआवजा देगा। यह मुआवजा केंद्र सरकार की ओर से स्थानीय निवासियों को दिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से पूरा शेड्यूल बनाकर 14 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के वक्त रखा जाएगा। उसी दिन आयुध डिपो के 300 मीटर क्षेत्र में बने मकानों के सर्वे के लिए टेंडर भी खोला जाएगा।
जिला प्रशासन की योजना दो या तीन एजेंसियों के मार्फत पूरा सर्वे करवाने की है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों को बांटकर काम करवाया जाएगा। ताकि काम जल्द हो सके। अनुमान के मुताबिक, करीब 6000 मकान उस क्षेत्र में हैं। इसमें कई मकान दो से चार मंजिला हैं। ऐसे में प्रशासन सभी मकानों की जमीन, उस पर बने निर्माण और उसमें इस्तेमाल सामग्री का आकलन करवाएगा ताकि स्थानीय लोगों को मुआवजा उसी आधार पर तय कर दिया जाए। जानकारों की मानें तो करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि बांटनी होगी।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में आयुध डिपो के 300 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माण को हर सूरत में हटाने को कहा है। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद प्रशासन द्वारा एक शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। जिसमें सर्वे की मियाद, मुआवजा देने की समयसीमा और फिर अवैध निर्माण पर पीला पंजा चलाने की तारीख तय होगी। इसके लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और राजस्व विभाग मिलकर खाका तैयार करने में जुटा हुआ है।
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तीन वर्ष पहले थे 6082 मकान
-आयुध डिपो के 300 मीटर दायरे में तीन साल पहले सर्वे कराया गया था। जिसमें 6082 मकान होना पाया गया था। तीन साल के दौरान यहां सैकड़ों निर्माण हुए हैं। ऐसे में यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
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प्रशासन द्वारा आयुध डिपो के 300 मीटर क्षेत्र का सर्वे करवाकर बाजार मूल्य के हिसाब से राशि तय की जाएगी। केंद्र सरकार से राशि आने के बाद मुआवजे की तारीख तय कर उसे बांटने के बाद अवैध निर्माण हटाया जाएगा। इसके लिए पूरा शेड्यूल बनाकर हाईकोर्ट में अगली तारीख तक जमा करा दिया जाएगा।- विनय प्रताप, उपायुक्त।
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गुरुग्राम। आयुध डिपो के 300 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माण को तोड़ने से पहले जिला प्रशासन बाजार मूल्य पर मुआवजा देगा। यह मुआवजा केंद्र सरकार की ओर से स्थानीय निवासियों को दिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से पूरा शेड्यूल बनाकर 14 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के वक्त रखा जाएगा। उसी दिन आयुध डिपो के 300 मीटर क्षेत्र में बने मकानों के सर्वे के लिए टेंडर भी खोला जाएगा।
जिला प्रशासन की योजना दो या तीन एजेंसियों के मार्फत पूरा सर्वे करवाने की है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों को बांटकर काम करवाया जाएगा। ताकि काम जल्द हो सके। अनुमान के मुताबिक, करीब 6000 मकान उस क्षेत्र में हैं। इसमें कई मकान दो से चार मंजिला हैं। ऐसे में प्रशासन सभी मकानों की जमीन, उस पर बने निर्माण और उसमें इस्तेमाल सामग्री का आकलन करवाएगा ताकि स्थानीय लोगों को मुआवजा उसी आधार पर तय कर दिया जाए। जानकारों की मानें तो करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि बांटनी होगी।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में आयुध डिपो के 300 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माण को हर सूरत में हटाने को कहा है। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद प्रशासन द्वारा एक शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। जिसमें सर्वे की मियाद, मुआवजा देने की समयसीमा और फिर अवैध निर्माण पर पीला पंजा चलाने की तारीख तय होगी। इसके लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और राजस्व विभाग मिलकर खाका तैयार करने में जुटा हुआ है।
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तीन वर्ष पहले थे 6082 मकान
-आयुध डिपो के 300 मीटर दायरे में तीन साल पहले सर्वे कराया गया था। जिसमें 6082 मकान होना पाया गया था। तीन साल के दौरान यहां सैकड़ों निर्माण हुए हैं। ऐसे में यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
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प्रशासन द्वारा आयुध डिपो के 300 मीटर क्षेत्र का सर्वे करवाकर बाजार मूल्य के हिसाब से राशि तय की जाएगी। केंद्र सरकार से राशि आने के बाद मुआवजे की तारीख तय कर उसे बांटने के बाद अवैध निर्माण हटाया जाएगा। इसके लिए पूरा शेड्यूल बनाकर हाईकोर्ट में अगली तारीख तक जमा करा दिया जाएगा।- विनय प्रताप, उपायुक्त।