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Gurugram News: पुलिस टीम पर हमला करने के तीन दोषियों को 10-10 साल की कैद

Mon, 23 Feb 2026 07:37 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 07:37 PM IST
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10-10 years imprisonment to three accused of attacking police team
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने सुनाया सजा पर फैसला
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पुलिस टीम पर गोली चलाने के मामले में तीन दोषियों को जिला अदालत ने 10-10 साल कैद की सजा दी है। पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने फैसला सुनाया। इन तीन दोषियों में एक मोनू उर्फ बंदर भगोड़ा घोषित है और उसकी गिरफ्तारी के बाद सजा की अवधि शुरू होगी। अन्य दो दोषियों निंदर उर्फ नरेंद्र व मोनू उर्फ पवन को अदालत के सजा सुनाते ही जेल में भेजा है।
अदालत ने मोनू उर्फ बंदर व मोनू उर्फ पवन पर 23,500 और निंदर उर्फ नरेंद्र पर 24,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मुजेसर थाना में एफआईआर 31 मार्च 2019 को दर्ज हुई थी। अपराध शाखा सेक्टर-48 के एएसआई जगदीश ने शिकायत में बताया कि 30 मार्च 2019 की रात लगभग 10 बजे एक सूचना आई थी। इसमें बताया गया कि सेंट्रो कार सवार तीन युवकों ने मुजेसर फाटक के पास शराब ठेके के सामने गोलियां चलाकर दुकानदारों को धमकाया है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी यहां से निकल चुके थे। कुछ देर बाद आरोपी फिर से यहां आए तो मौजूद पुलिस टीम को देखकर गाड़ी भगा ली। एक पुलिसकर्मी ने इनकी कार के आगे आकर रुकवाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने कार रोकने की बजाय स्पीड बढ़ा दी थी।
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पुलिस टीम ने आरोपियों का पीछा किया तो आरोपियों ने गोली चला दी। बाटा चौक से घूमकर आरोपी फिर से मुजेसर इलाके में आए तो वहां रास्ता बंद था। कार रोककर दो आरोपी तो अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले जबकि पिछली सीट पर बैठे आरोपी को पुलिस ने काबू कर लिया। उसकी पहचान मुजेसर इलाके के मोनू उर्फ बंदर के तौर पर हुई। अन्य आरोपियों के नाम मुजेसर का ही मोनू उर्फ पवन व पलवल के पृथला का निंदर उर्फ नरेंद्र पता चले। बाद में पुलिस ने बाकी दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। इनमें से निंदर उर्फ नरेंद्र ने पुलिस पर गोली चलाई थी। पुलिस ने इनके खिलाफ चालान तैयार कर अदालत में पेश किया जिसमें 10 गवाह बनाए गए। ट्रायल के दौरान मोनू उर्फ बंदर गायब हो गया और 2 दिसंबर 2024 को उसे भगोड़ा घोषित किया गया। अब अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुनाया है।
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