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किसान के नाम से एटीएम जारी करा जालसाजों ने जमीन अधिग्रहण की 1.37 करोड़ों की रकम उड़ाई
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गुरुग्राम। गांव मोहम्मद झाड़सा के किसान को जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के तौर पर मिली 1.37 करोड़ से अधिक रकम निकालने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने बड़े ही शातिर तरीके से किसान के नाम से एटीएम कार्ड जारी करा नकदी और आरटीजीएस के माध्यम से 10 दिनों में पैसे निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर सेक्टर-37 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, गांव मोहम्मदपुर झाड़सा निवासी लीलाराम की हरसरू, गाड़ौली, मोहम्मदपुर झाड़सा व खेड़कीदौला में जमीन थी। 2016 में सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण होने के बाद इसकी राशि को जमा कराने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बैंक खाता खुलवाकर उसमें जमा कराई गई। इसमें करीब तीन करोड़ की राशि जमा होने के बाद किसान ने 1.63 करोड़ छोड़कर सारी राशि निकाल ली। किसान ने अपने बेटे का मोबाइल नंबर खाते में लिंक कर रखा था। साथ ही बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए एटीएम की सुविधा भी नहीं ले रखी थी। करीब पांच दिन पहले जब बैंक में पासबुक अपडेट कराई गई तो पता चला कि उनके खाते में महज 65 लाख की राशि है। इसमें से 1.37 करोड़ निकाले जा चुके है। जो 11 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच एटीएम निकासी व आरटीजीएस के माध्यम से निकाले गए। सूचना के बाद किसान ने बैंक को बताया कि उसने पंजीकृत मोबाइल पर नकदी निकासी का कोई संदेश नहीं आया और ना ही उसने एटीएम की सुविधा ले रखी है। इसकी जांच कि गई तो पता चला कि अप्रैल माह में उसके खाते का मोबाइल नंबर बदलने के साथ एटीएम जारी कराया गया था। थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मलिक ने बताया कि बैंक प्रबंधन से खाते की पूरी जानकारी मांगी गई है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस के मुताबिक, गांव मोहम्मदपुर झाड़सा निवासी लीलाराम की हरसरू, गाड़ौली, मोहम्मदपुर झाड़सा व खेड़कीदौला में जमीन थी। 2016 में सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण होने के बाद इसकी राशि को जमा कराने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बैंक खाता खुलवाकर उसमें जमा कराई गई। इसमें करीब तीन करोड़ की राशि जमा होने के बाद किसान ने 1.63 करोड़ छोड़कर सारी राशि निकाल ली। किसान ने अपने बेटे का मोबाइल नंबर खाते में लिंक कर रखा था। साथ ही बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए एटीएम की सुविधा भी नहीं ले रखी थी। करीब पांच दिन पहले जब बैंक में पासबुक अपडेट कराई गई तो पता चला कि उनके खाते में महज 65 लाख की राशि है। इसमें से 1.37 करोड़ निकाले जा चुके है। जो 11 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच एटीएम निकासी व आरटीजीएस के माध्यम से निकाले गए। सूचना के बाद किसान ने बैंक को बताया कि उसने पंजीकृत मोबाइल पर नकदी निकासी का कोई संदेश नहीं आया और ना ही उसने एटीएम की सुविधा ले रखी है। इसकी जांच कि गई तो पता चला कि अप्रैल माह में उसके खाते का मोबाइल नंबर बदलने के साथ एटीएम जारी कराया गया था। थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मलिक ने बताया कि बैंक प्रबंधन से खाते की पूरी जानकारी मांगी गई है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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