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Delhi: अब ऐसे होगी डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम, सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी, आप भी ध्यान दें
Tue, 16 Apr 2024 08:48 AM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 16 Apr 2024 08:48 AM IST
सार
राजधानी दिल्ली में बीमारियों का मौसम शुरू हो गया है। डेंगू, चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निदेशालय ने स्कूलों से कहा है कि वह रोकथाम व जागरूकता के लिए पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता, स्लोगन राइटिंग, नुक्कड़ नाटक, कविता पाठ कराएं।
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डेंगू की रोकथाम
- फोटो : iStock
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विस्तार
दिल्ली में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों का मौसम शुरू हो गया है। हर साल बढ़ने वाले इन बीमारियों के मामलों को देखते हुए शिक्षा निदेशालय अभी से हरकत में आ गया है।
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निदेशालय ने इन वेक्टर जनित बीमारियों के प्रकोप को रोकने व नियंत्रित करने के उद्देश्य से सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों व निजी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों को इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि बच्चे पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
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शिक्षा निदेशालय के अनुसार, दिल्ली में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों का मौसम शुरू हो गया है। ये सभी मच्छर जनित बीमारियां हैं और यदि इनके निवारण के उपाय नहीं किए जाएं तो ये कभी-कभी महामारी का रूप ले लेती हैं। किसी भी बीमारी को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका जागरूकता है। ऐसे में छात्रों को इसके बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
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शिक्षा निदेशालय ने जारी किए दिशा-निर्देश
निदेशालय ने स्कूलों से कहा है कि वह रोकथाम व जागरूकता के लिए पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता, स्लोगन राइटिंग, नुक्कड़ नाटक, कविता पाठ कराएं। अगले माह होने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले सकते हैं। स्कूल बताएं कि मच्छरों के प्रवेश को रोकने के लिए दरवाजों और खिड़कियों पर तार की जाली लगाई जाए, मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए सभी पानी की टंकियों और कंटेनरों को अच्छी तरह से ढकने वाली ढक्कन के साथ कवर करना जरूरी है।
नियमित जांच करें
स्कूल मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए कूलर, फूलदान, पक्षी के बर्तन, पानी के कंटेनर, स्थिर पानी और अन्य संभावित स्थलों का निरीक्षण कर अच्छी तरह से जांच करें। स्कूल परिसर में खाली बोतले, प्लास्टिक कप, टायर जैसे सामान न हों। बच्चों व कर्मचारियों को इन बातों का पालन घर पर भी करने को कहें। जागरूकता फैलाने के लिए की गई गतिविधियों की रिपोर्ट प्रत्येक स्कूल को जिला उप शिक्षा निदेशक (जोनल) के पास जमा कराने के लिए कहा गया है। अनुपालन रिपोर्ट भी जमा कराने के लिए कहा है।