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GST फर्स्ट डे: थाली के दाम में 5 % की बढ़ोतरी, मिठाई में कोई बदलाव नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 02 Jul 2017 10:56 AM IST
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एक देश...एक टैक्स...एक बाजार के तहत बेशक शुक्रवार रात 12 बजे से जीएसटी लागू हो गया है, लेकिन दिल्ली के बाजारों में इसका मिला-जुला असर देखने को मिला है। छोटे रेस्टोरेंट, सिनेमा हाल से लेकर आम दुकानों में जीएसटी के तहत कितना टैक्स लगेगा या फिर कम होगा, उसके बारे में सही से जानकारी ही नही हैं। इसके चलते पुराने दाम पर टिकट से लेकर स्टॉक की क्लीयरेंस हो रही थी। बड़े रेस्टोरेंट ने थाली के दाम पांच फीसदी तक बढ़ा दिए हैं, लेकिन मिठाई के दाम में बढ़ोतरी फिलहाल नहीं की गयी है।
वहीं, खादी ग्रामोद्योग में सबसे अधिक ग्राहकों को परेशानी समेत जेब ढीली हुई। क्योंकि खादी के कपड़ों पर पांच से 12 फीसदी तक जीएसटी लगेगा। अमर उजाला संवाददाता सीमा शर्मा और फोटोग्राफर हिमांशु ने जीएसटी लागू होने के बाद दिल्ली के विभिन्न बाजारों का दौरा करते किया, पेश है रिपोर्ट:-
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खादी ग्रामोद्योग : कनॉट प्लेस : शाम 5 बजे
- पुराने स्टॉक में रेट लिस्ट अपडेट का काम शुरू, कैश काउंटर पर दिक्कत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेशक युवाओं से खादी प्रोडेक्ट खरीदने पर जोर देते हैं, लेकिन जीएसटी का सबसे अधिक असर खादी ग्रामोद्योग की दुकानों पर देखने को मिला है। क्योंकि खादी के रनिंग मैटिरियल पर पांच फीसदी और रेडीमेट कपड़ों पर 12 फीसदी तक जीएसटी लग गया है। रेडीमेट कपड़ों पर पुराने स्टीकर को हटाकर अब नए दाम के स्टीकर चिपकाने का काम शुरू हुआ है।
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इसी प्रकार खादी साबुन जो कि पहले 60 रुपये का था, वह अब 67 रुपये का हो गया है। अन्य सामान पर भी जीएसटी के चलते दाम में बदलाव होगा, जिसकी लिस्ट तैयार की जा रही थी। शनिवार को खादी भवन में सबसे अधिक ग्राहकों की भीड़ रहती है, लेकिन जीएसटी के चलते सामान बिखरा पड़ा था । इसके चलते ग्राहक आकर भी अधिक नहीं पहुंचे।
- सर्वर में नए दाम की लिस्ट अपडेड का काम शुरू
जीएसटी लागू होने के बाद शनिवार सुबह शोरूम खुलने पर सर्वर में नए दाम की लिस्ट को अपडेट करने का काम शुरू हुआ है। इसके अलावा कपड़ों से लेकर अन्य सामान पर लगे पुराने दाम के स्टिकर हटाकर नए स्टिकर लगाने का काम किया जा रहा है। क्योंकि अधिकतर सामान पर जीएसटी लगने के बाद दाम में बढ़ोतरी हुई है। सामान में नए स्टिकर लगने के चलते सामान इधर-उधर बिखरा है।
इसी के चलते ग्राहकों को थोड़ी दिक्कत हुई। सर्वर में सामान के नए दाम की लिस्ट अपडेट न होने के कारण कैश काउंटर पर भी लाइन थी। क्योंकि सारा काम मैनुअल (हाथ से तैयार बिल की पर्ची) हो रहा था।
- नरेंद्र सिंह, सीनियर इंचार्ज, खादी ग्रामोद्योग, कनॉट प्लेस
GST
मल्टीप्लेक्स : कनॉट प्लेस : दोपहर चार बजे
- टिकट के दाम में गिरावट नहीं, महज सामान्य टिकट के दाम कम
मल्टीप्लेक्स के बाहर टिकट काउंटर पर लोग टिकट के दाम कम या ज्यादा पर जानकारी मांगते दिखे। टिकट के दामों में कोई गिरावट न आने के चलते अधिकतर लोग मायूस होकर वापस चले गए तो कुछ ने टिकट खरीद ली। पीवीआर सीपी के डयूटी मैनेजर सुमित ने बताया कि फिलहाल टिकट के दाम कम या ज्यादा करने की कोई जानकारी उनके पास नहीं है।
टिकट पर लोग जानकारी मांग रहे हैं। बालकानी या गोल्ट टिकट के दाम में कोई कमी नहीं है। सिर्फ सामान्य टिकट पर पचास रुपये कम हुए हैं। मल्टीप्लेक्स अधिकारियों का कहना था कि टिकट डे, शो टाइम के आधार पर अलग-अलग होता है। इसके अलावा फिल्म कौन सी है, उस पर भी निर्भर करता है।
- जीएसटी से देश को मिलेगी मजबूती
मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखना सस्ता होगा या फिर महंगा, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि जब सुविधाओं की बात आती है तो फिर पैसे देने के नाम पर झिकझिक क्यों? जीएसटी एक अच्छी पहल है, जोकि देश को मजबूती दिलाएगी। इसके अच्छे परिणाम के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। हालांकि टिकट सस्ती जरूर होगी।
- चिराग, निजी कंपनी में कार्यरत, दिल्ली।
- टिकट के दाम में गिरावट नहीं, महज सामान्य टिकट के दाम कम
मल्टीप्लेक्स के बाहर टिकट काउंटर पर लोग टिकट के दाम कम या ज्यादा पर जानकारी मांगते दिखे। टिकट के दामों में कोई गिरावट न आने के चलते अधिकतर लोग मायूस होकर वापस चले गए तो कुछ ने टिकट खरीद ली। पीवीआर सीपी के डयूटी मैनेजर सुमित ने बताया कि फिलहाल टिकट के दाम कम या ज्यादा करने की कोई जानकारी उनके पास नहीं है।
टिकट पर लोग जानकारी मांग रहे हैं। बालकानी या गोल्ट टिकट के दाम में कोई कमी नहीं है। सिर्फ सामान्य टिकट पर पचास रुपये कम हुए हैं। मल्टीप्लेक्स अधिकारियों का कहना था कि टिकट डे, शो टाइम के आधार पर अलग-अलग होता है। इसके अलावा फिल्म कौन सी है, उस पर भी निर्भर करता है।
- जीएसटी से देश को मिलेगी मजबूती
मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखना सस्ता होगा या फिर महंगा, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। क्योंकि जब सुविधाओं की बात आती है तो फिर पैसे देने के नाम पर झिकझिक क्यों? जीएसटी एक अच्छी पहल है, जोकि देश को मजबूती दिलाएगी। इसके अच्छे परिणाम के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। हालांकि टिकट सस्ती जरूर होगी।
- चिराग, निजी कंपनी में कार्यरत, दिल्ली।
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फिल्म की टिकट सस्ती पर खाने-पीने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा
जीएसटी के चलते अब फिल्म देखना बेशक सस्ता होगा, लेकिन आम लोगों को इससे कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि मल्टीप्लेक्स के अंदर फिल्म के टिकट से अधिक खाने-पीने का सामान महंगा होता है। क्योंकि उसके लिए मल्टीप्लेक्स प्रबंधन अपनी मनमानी करता है। क्योंकि दस रुपये का समोसा सौ रुपये तक बिकता है। जबकि पॉपकोर्न का एक पचास रुपये का पैकेट अंदर ढाई से चार सौ रुपये में बिकता है, उस पर कभी कोई आपत्ति नहीं करता है।
-अर्चना, गृहिणी, दिल्ली।
जीएसटी एक अच्छी पहल, लोगों को भविष्य में दिखेगा असर
जीएसटी लागू होने के बाद मैं फिल्म देखने पहुंचा, लेकिन टिकट के दाम में कोई कमी नहीं हुई है। वहीं, मल्टीप्लेक्स के अंदर खाने-पीने के सामान के दाम भी कम नहीं हुए हैं। हालांकि अब हम इंतजार करेंगे कि यहां भी एक समान दाम तय हों, ताकि परिवार संग फिल्म के टिकट खरीदने से मंहगा खाना-पीना न हो। हालांकि यदि सामान्य टिकट के दाम कम हुए हैं तो उसका आम लोगों को ही फायदा होगा।
- सुधीर दत्ता, निजी कंपनी में कार्यरत, दिल्ली।
जीएसटी के चलते अब फिल्म देखना बेशक सस्ता होगा, लेकिन आम लोगों को इससे कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि मल्टीप्लेक्स के अंदर फिल्म के टिकट से अधिक खाने-पीने का सामान महंगा होता है। क्योंकि उसके लिए मल्टीप्लेक्स प्रबंधन अपनी मनमानी करता है। क्योंकि दस रुपये का समोसा सौ रुपये तक बिकता है। जबकि पॉपकोर्न का एक पचास रुपये का पैकेट अंदर ढाई से चार सौ रुपये में बिकता है, उस पर कभी कोई आपत्ति नहीं करता है।
-अर्चना, गृहिणी, दिल्ली।
जीएसटी एक अच्छी पहल, लोगों को भविष्य में दिखेगा असर
जीएसटी लागू होने के बाद मैं फिल्म देखने पहुंचा, लेकिन टिकट के दाम में कोई कमी नहीं हुई है। वहीं, मल्टीप्लेक्स के अंदर खाने-पीने के सामान के दाम भी कम नहीं हुए हैं। हालांकि अब हम इंतजार करेंगे कि यहां भी एक समान दाम तय हों, ताकि परिवार संग फिल्म के टिकट खरीदने से मंहगा खाना-पीना न हो। हालांकि यदि सामान्य टिकट के दाम कम हुए हैं तो उसका आम लोगों को ही फायदा होगा।
- सुधीर दत्ता, निजी कंपनी में कार्यरत, दिल्ली।
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रेस्टोरेंट : कनॉट प्लेस और गोल मार्केट : समय दो बजे
- थाली के दाम में पांच फीसदी तक बढ़ोतरी
जीएसटी लागू होने के साथ ही बड़े रेस्टोरेंट (रेस्टोरेंट चेन)ने अपने खाने के आइटम में बदलाव कर दिया है। कनॉट प्लेस स्थित हीरा स्वीट रेस्टोरेंट में जो स्पेशल थाली पहले 242 रुपये की थी, उसे सीधे 254 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। जबकि मिनी थाली में भी 215 रुपये से सीधे 224 रुपये हो गयी है। हालांकि यह बदलाव सिर्फ मील के मैन्यू में है, लेकिन मिठाइयों के दामों में कोई बढ़ोतरी फिलहाल नहीं की गयी है।
ऐसे ही गोल मार्केट में बंगाली स्वीट्स में भी थाली पर पांच फीसदी के आधार पर दाम बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि छोटे रेस्टोरेंट में यह बदलाव देखने को नहीं मिला। सीपी स्थित अग्रवाल रेस्टोरेंट में थाली या खाने का अन्य सामान पुराने दाम पर बिक रहा था। मिठाई विक्रेता का कहना था कि अभी स्टॉक खत्म करने के बाद जब नया सामान लाएंगे, उसके बाद ही तय करेंगे कि कितना दाम बढ़ाना है। क्योंकि अभी तक पूरी तरह से जीएसटी पर जानकारी नहीं है। क्योंकि जो सामान मिठाई तैयार करने में लगता है, उसका दाम बढ़ेगा तो फिर मिठाई के भी बढ़ेंगे।
- अब हर जगह एक समान दाम होंगे, इस बात से राहत
अभी तक हर कोई अपने मनमाने ढंग से टैक्स वसुल रहा था, लेकिन अब एक समान दाम होने से राहत है। क्योंकि दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद में एक ही कंपनी के रेस्टोरेंट चेन के दाम में बदलाव होता था। लेकिन जीएसटी के चलते अब हमें पता रहेगा कि थाली का दाम कितना होगा। आमआदमी के लिए यह सबसे बड़ी राहत है।
- ममता शर्मा, गृहिणी, दिल्ली।
- थाली के दाम में पांच फीसदी तक बढ़ोतरी
जीएसटी लागू होने के साथ ही बड़े रेस्टोरेंट (रेस्टोरेंट चेन)ने अपने खाने के आइटम में बदलाव कर दिया है। कनॉट प्लेस स्थित हीरा स्वीट रेस्टोरेंट में जो स्पेशल थाली पहले 242 रुपये की थी, उसे सीधे 254 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। जबकि मिनी थाली में भी 215 रुपये से सीधे 224 रुपये हो गयी है। हालांकि यह बदलाव सिर्फ मील के मैन्यू में है, लेकिन मिठाइयों के दामों में कोई बढ़ोतरी फिलहाल नहीं की गयी है।
ऐसे ही गोल मार्केट में बंगाली स्वीट्स में भी थाली पर पांच फीसदी के आधार पर दाम बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि छोटे रेस्टोरेंट में यह बदलाव देखने को नहीं मिला। सीपी स्थित अग्रवाल रेस्टोरेंट में थाली या खाने का अन्य सामान पुराने दाम पर बिक रहा था। मिठाई विक्रेता का कहना था कि अभी स्टॉक खत्म करने के बाद जब नया सामान लाएंगे, उसके बाद ही तय करेंगे कि कितना दाम बढ़ाना है। क्योंकि अभी तक पूरी तरह से जीएसटी पर जानकारी नहीं है। क्योंकि जो सामान मिठाई तैयार करने में लगता है, उसका दाम बढ़ेगा तो फिर मिठाई के भी बढ़ेंगे।
- अब हर जगह एक समान दाम होंगे, इस बात से राहत
अभी तक हर कोई अपने मनमाने ढंग से टैक्स वसुल रहा था, लेकिन अब एक समान दाम होने से राहत है। क्योंकि दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद में एक ही कंपनी के रेस्टोरेंट चेन के दाम में बदलाव होता था। लेकिन जीएसटी के चलते अब हमें पता रहेगा कि थाली का दाम कितना होगा। आमआदमी के लिए यह सबसे बड़ी राहत है।
- ममता शर्मा, गृहिणी, दिल्ली।