जीएसटी इफेक्टः उद्यमियों की मांग, आयात होने वाली चीजें महंगी हों
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जीएसटी को लेकर नोएडा के उद्यमियों का कहना है कि अभी काफी चीजें स्पष्ट नहीं हैं। भले ही 15 दिन या एक महीना और लगे लेकिन जीएसटी तभी लागू हो जब इससे जुड़ी सभी बातें स्पष्ट हों।
उद्यमियों की मांग है कि आयात होने वाली चीजें महंगी हों ताकि नोएडा समेत पूरे भारतीय बाजार को फायदा होगा।बाहर की बजाए लोग यहां के उद्यमियों से सामान खरीदें।
नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन (एनईए) के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने कहा कि जीएसटी भारत के कर ढांचे में सुधार का एक बहुत बड़ा कदम है। वस्तु एवं सेवा कर (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) एक अप्रत्यक्ष कर कानून है।
जीएसटी एक एकीकृत कर है जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। जीएसटी लागू होने से पूरा देश एकीकृत बाजार में तब्दील हो जाएगा और ज्यादातर अप्रत्यक्ष कर जैसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैट, मनोरंजन, विलासिता, लॉटरी टैक्स आदि जीएसटी में समाहित हो जाएंगे। इससे पूरे भारत में एक ही प्रकार का अप्रत्यक्ष कर लगेगा।
उन्होंने कहा कि लेकिन अभी भी जीएसटी के फायदे और नुकसान को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नोएडा में इलेक्ट्रानिक्स, कागज, पैकेजिंग समेत कई तरह के उद्योग हैं और सभी में असमंजस की स्थिति है।
आयत होने वाले चीजें महंगी होंगी तभी नोएडा समेत भारतीय उद्यमियों को फायदा होगा। ऐसे में बाहर की बजाए यहां बनने वाली चीजें लोग खरीदेंगे। अब तक सभी चीजों पर जीएसटी स्पष्ट हो जाना चाहिए था।
उद्यमी सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पूरे देश में एक ही प्रकार का अप्रत्यक्ष कर होगा। इससे व्यवसायियों को खरीदी गयी वस्तुओं और सेवाओं पर चुकाए गए जीएसटी का पूरा क्रेडिट मिल जाएगा जिसका उपयोग वह बेची गयी वस्तुओं और सेवाओं पर लगे जीएसटी के भुगतान में कर सकेगा। इससे टैक्स पर टैक्स लगाने की व्यवस्था खत्म होगी जिससे लागत में कमी आएगी।
उन सभी व्यवसायी, उत्पादक या सेवा प्रदाता को रजिस्टर्ड होना होगा जिनकी वर्ष भर में कुल बिक्री का मूल्य एक निश्चित मूल्य से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में उम्मीद है कि अच्छा होगा लेकिन ईमानदारी से काम होना जरूरी है। सरकार को यह ध्यान रखना होगा कि बिना पंजीकरण कोई व्यापार न हो।
उत्पादों का पूरा विवरण रखें
सीए सारिका सिंघल ने कहा कि व्यापारियों का 30 जून से पहले के स्टॉक में रखे उत्पादों का पूरा विवरण अपने पास रखना चाहिए ताकि वे उस पर जीएसटी का फायदा ले सकें। उस स्टॉक पर जो टैक्स दे रखे हैं, जीएसटी में उसे उसका फायदा मिलेगा। टैक्स कम देना पड़ेगा। बीते दिनों इस संबंध में जानकारी देने के लिए एक कार्यशाला भी आयोजित की गई थी।