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अवैध कब्जों से गायब हुई ग्रीन बेल्ट, पर्यावरण पर खतरा

Fri, 18 Mar 2016 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 18 Mar 2016 09:38 AM IST
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Green Belt has disappeared illegal encroachments on the environment at risk
अतिक्रमण

शहर के पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए हर सड़क और सेक्टरों में बनाई  गई ग्रीन बेल्ट पर कब्जा हो गया है। औद्योगिक शहर दिनोंदिन देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार होता जा रहा है।

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लेकिन, ग्रीन बेल्ट से कब्जे हटाने के लिए निगम अधिकारी तैयार नहीं हैं। कई जगह अपने लाभ के लिए लगाए गए पेड़ काटे जा रहे हैं लेकिन उसकी भी खबर नगर निगम को नहीं है।
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ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या ऐसे ही शहर की आबोहवा शुद्ध हो पाएगी। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। यही नहीं निगम अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी मानने को तैयार नहीं है।
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इन प्रमुख सड़कों से गायब हैं ग्रीन बेल्ट
नीलम-बाटा रोड, बाईपास रोड, हार्डवेयर सोहना रोड, बड़खल मोड़, मुल्ला होटल से मस्जिद चौक, अनाज गोदाम रोड एनएच-2, प्याली से हार्डवेयर रोड, बाटा पुल, नीलम चौक से रेलवे रोड, बीके से हार्डवेयर तक, सेक्टरों की डिवाइडिंग रोड, 12-14 डिवाइडिंग रोड, मथुरा रोड हाईवे, अंबेडकर चौक से तिगांव, अंबेडकर चौक से सोहना रोड, 14-17 की डिवाइडिंग, चिमनीबाई धर्मशाला, वाईएमसीए से सेक्टर-7 की डिवाइडिंग रोड, ओल्ड चौक से मंडी रोड आदि।


ये हैं सुप्रीम कोर्ट का आदेश
स्टेट ऑफ गुजरात बनाम यूनियन ऑफ इंडिया 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि ग्रीन बेल्ट, रोड और पार्क में कब्जा नहीं हो सकता। कोई भी सरकार उक्त स्थानों पर बसने अथवा कब्जा करने की अनुमति नहीं दे सकती।

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