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ग्रेटर नोएडा: फसल की 3डी-मैपिंग से गन्ने की मिठास बताएगा ड्रोन, खेती को उन्नत बनाने में मिलेगी मदद

Wed, 27 Jul 2022 03:55 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी संदीप वर्मा, ग्रेटर नोएडा
संदीप वर्मा, ग्रेटर नोएडा Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Wed, 27 Jul 2022 03:55 PM IST
सार

गन्ने की खेती को उन्नत बनाने के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी को विकसित करने में जुटे जीबीयू के विद्यार्थी, बनाया प्रोटोटाइप, अंतिम दस में चयन हुआ।

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Greater Noida: Drone will tell sweetness of sugarcane
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है जो बताएगा कि किस तरह की भूमि पर गन्ने की मिठास बढे़गी। साथ ही गुणवत्तापरक फसल के लिए किस समय बुवाई की जाए। शोध करने वाले विद्यार्थियों की टीम ने इसका प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय की ओर से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) की ओर से प्रोजेक्ट चयनित हो गया है।

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गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के डेढ़ माह पहले शुरू हुए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन ड्रोन टेक्नोलॉजी (सीएइडीटी) के विद्यार्थियों की रिसर्च टीम गन्ने की खेती को उन्नत बनाने में लगी है। इसके लिए कोआर्डिनेटर एंड कन्वीनर डॉ. नवेद रिजवी की देखरेख में छात्र मणिकांत पांडे (सॉफ्टवेयर), सौरभ सैनी (हार्डवेयर), सुविज्ञ पांडे (बैटरी सिस्टम) की टीम ने एक प्रोटोटाइप तैयार किया है। इसमें लगने वाले मल्टी स्पैक्ट्रल कैमरे और हाईपर स्पैक्ट्रल कैमरे की मदद से गन्ने की फसल की ड्रोन मैपिंग करेगा। 
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बैटरी की क्षमता, भार घटाने में लगे विद्यार्थी
विद्यार्थियों की टीम ड्रोन की बैटरी क्षमता बढ़ाने का प्रयास कर रही है। वहीं, इसके भार को भी कम करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे यह अधिक समय तक कार्य कर सके। 
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रियल टाइम डाटा देगा ड्रोन
ड्रोन में मौजूद हाइपर या मल्टी स्पैक्ट्रल कैमरे से सीधे डाटा सेंटर पर रियल टाइम डाटा ट्रांसफर होता रहेगा। इससे ड्रोन में अलग से डाटा स्टोरेज की झंझट से बचाव होगा। 

अंतिम चार में पहुंचने पर मिलने लगेगी ग्रांट
एसटीपीआई की ओर से देशभर से कृषि प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे 100 में अंतिम 10 में से शुगरकेन फार्मिंग के इस प्रोजेक्ट का चयन हुआ है। अंतिम चार प्रोजेक्ट में चयनित होने पर ग्रांट मिल सकेगी। 

 

 

विश्वविद्यालय में सात प्रोजेक्ट पर 40 विद्यार्थियों और प्रोफेसर्स की टीम कार्य कर रही है। गन्ने की फसल पर विद्यार्थियों ने शोध कर ड्रोन का प्रोटोटाइप बना लिया है। रिसर्च जारी है।

- प्रोफेसर आरके सिन्हा, कुलपति जीबीयू

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