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जागा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, शाहबेरी में बिना अनुमति के बन रहीं 5 इमारतों को किया जमींदोज

Thu, 27 Sep 2018 04:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Thu, 27 Sep 2018 04:53 AM IST
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Greater Noida Authority Dropped five buildings who made without permission
अवैध बिल्डिंग को तोड़ता प्राधिकरण का प्रवर्तन दस्ता

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बुधवार को शाहबेरी गांव के तीन खसरा नंबरों पर बिना अनुमति के बन रहीं पांच बिल्डिंगों को ढहा दिया। इनमें एक बिल्डिंग बन चुकी थी, जबकि चार निर्माणाधीन थीं। इस दौरान खरीदारों ने प्रदर्शन भी किया। बुधवार सुबह 11 बजे प्राधिकरण के जीएम एके अरोड़ा के नेतृत्व में प्राधिकरण का अतिक्रमण हटाओ दस्ता शाहबेरी गांव पहुंचा। उनके साथ एसडीएम दादरी अंजनी कुमार, सीओ तृतीय निशांक शर्मा, एक पीएसी कंपनी और 12 थानों की पुलिस बल भी मौजूद रही।

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दस्ते ने गौड़ सिटी-2 के 10वें एवेन्यू के सामने बनी बिल्डिंगों को तोड़ना शुरू किया। प्राधिकरण अफसरों ने बताया कि खसरा नंबर 54, 55 और 60 पर बिना अनुमति के निर्माण चल रहा है। खसरा नंबर 60 पर भविष्य इंडिया के नाम से एक बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी थी, जबकि चार अन्य बिल्डिंग में निर्माण कार्य चल रहा था। सभी का काम बंद कराकर निर्माण को तोड़ा गया। इसमें प्राधिकरण की आठ से अधिक जेसीबी मशीन और ड्रिल मशीन लगी थी। 
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जीएम एके अरोड़ा ने बताया कि खसरा नंबर 60 में वेदपाल, धर्मपाल, सतपाल, श्रीपाल, यशपाल निवासी कमलानगर दिल्ली, खसरा नंबर 55 में रजत कुमार, प्रवीन कुमार, रोशनी देवी व बाबुराम निवासी शाहबेरी और खसरा नंबर 54 में मुवस्सिर हुसैन निवासी शाहबेरी का नाम दर्ज है। जीएम ने बताया कि सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। साथ ही जो निर्माण करा रहे है, उनके खिलाफ भी मुकदमा पहले ही दर्ज करा दिया गया था। उनका कहना है कि अगर फोर्स मिली तो आज भी अभियान जारी रहेगा। 

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बिल्डिंग के अंदर लोग और चलती रही तोडफ़ोड़       

Greater Noida Authority Dropped five buildings who made without permission

प्राधिकरण और पुलिस-प्रशासन ने निर्माण को हटाने की कार्रवाई के दौरान लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया। भविष्य इंडिया बिल्डिंग के बाहर जेसीबी निर्माण को तोड़ रही थी, जबकि, अंदर शोरूम के मालिक और कर्मचारी सामान निकाल रहे थे। वहीं अतिक्रमण हटाओ दस्ते को देखकर बिल्डिंग में काम कर रहे मजदूर और रेहड़ी-पटरी वालें भाग गए। वहीं, कार्रवाई के दौरान बिल्डरों के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे जो बिल्डरों को पल-पल की जानकारी दे रहे थे।

झुकी बिल्डिंगों को कब गिराएगा प्राधिकरण?
शाहबेरी हादसे के बाद गांव में एक तरफ झुकी तीन बिल्डिंगों को प्राधिकरण ने सील कर दिया था। उस वक्त कहा गया था कि तीनों इमारतें कभी भी गिर सकती हैं। लेकिन तीनों बिल्डिंग को गिराया नहीं है। ऐसे में लोग सवाल उठा रहे है कि प्राधिकरण ने इन बिल्डिंग को गिराने की जगह कॉमर्शियल बिल्डिंग को गिराने की कार्रवाई पहले क्यों की।  17 जुलाई को शाहबेरी गांव में दो बहुमंजिला बिल्डिंग गिर गई थीं। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी।

जिसके बाद प्राधिकरण ने शाहबेरी में 100 से अधिक बिल्डिंग को नोटिस कर सात दिन में निर्माण को गिराने का समय दिया था। चेतावनी दी थी कि उसके बाद प्राधिकरण निर्माण को गिराएगा। इनमें से तीन बिल्डिंग ऐसी थीं, जो एक तरफ झुक गई हैं और कभी भी गिर सकती हैं। अगर बिल्डिंग गिरी तो आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों की जानमाल का खतरा है, लेकिन प्राधिकरण ने उन्हें गिराने की जगह कॉमर्शियल बिल्डिंग को तोड़ा है।

लोगों ने कहा बिल्डरों को होगा लाभ
लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण ने बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जिन पांच बिल्डिंग को प्राधिकरण ने गिराया है, उनमें बन रही दुकानों की कीमत बिल्डरों की दुकानों से काफी कम थीं। ऐसे के लोग इन अवैध बिल्डिंग में दुकान खरीद रहे थे। जिससे बिल्डरों को नुकसान हो रहा था। 

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