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Delhi: दिल्ली-एनसीआर से ग्रैप-1 की पाबंदियां खत्म, हवा में सुधार देखने के बाद लिया गया फैसला
Sun, 18 May 2025 10:02 PM IST
श्याम जी.
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 18 May 2025 10:02 PM IST
सार
ग्रैप-1 के प्रावधानों को भी हटाने का फैसला किया गया। इस तरह अब दिल्ली और एनसीआर से ग्रैप के सभी प्रतिबंध पूरी तरह से हट गए हैं। साथ ही आयोग ने कहा है कि हवा की गुणवत्ता खराब न होने पाए, इसके लिए एनसीआर की संबंधित सभी एजेंसियां प्रयास जारी रखें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) 1 के तहत लागू पाबंदियों को हटा दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने यह कदम राजधानी में रविवार को आए हवा में सुधार को देखने के बाद लिया।
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ग्रैप के पहले चरण के तहत सड़क किनारे भोजनालयों, होटलों व रेस्तरां में कोयले के इस्तेमाल पर रोक थी, लेकिन अब ये दोबारा शुरू हो जाएंगे। आयोग की उप-समिति की रविवार को बैठक हुई। इसमें दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। पिछले दो दिनों से लगातार हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। इसीलिए अब ग्रैप-वन के प्रावधानों को भी हटाने का फैसला किया गया। इस तरह अब दिल्ली और एनसीआर से ग्रैप के सभी प्रतिबंध पूरी तरह से हट गए हैं। साथ ही आयोग ने कहा है कि हवा की गुणवत्ता खराब न होने पाए, इसके लिए एनसीआर की संबंधित सभी एजेंसियां प्रयास जारी रखें।
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जानें क्या होता है ग्रैप फार्मूला?
ग्रैप को दिल्ली एनसीआर में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरण के हिसाब से बांटा गया गया है। ग्रैप का चरण-1 उस वक्त लागू होता है, जब AQI का स्तर 201-300 के बीच होता है। मौजूदा समय में ग्रैप का चरण-1 ही प्रभावी था। ग्रैप का दूसरा चरण उस परिस्थिति में प्रभावी होता है, जब राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 301-400 के बीच 'बहुत खराब' मापा जाता है।
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चरण-3 'गंभीर' वायु गुणवत्ता के बीच लागू किया जाता है। इस वक्त दिल्ली में एक्यूआई 401-450 के बीच होता है। वहीं, ग्रैप कार्य योजना का अंतिम और चरण-4 'गंभीर +' वायु गुणवत्ता की परिस्थिति में लागू किया जाता है।