Delhi: सड़कों पर उड़ती धूल से सांसत में सांसें, ग्रेप लागू होने के बाद कागजों पर हो रही है प्रदूषण की रोक-थाम
सबसे ज्यादा लापरवाही निर्माण सामग्री को लेकर बरती जा रही है। सड़क किनारे खुले में निर्माण सामग्री डाली जा रही है। इससे सड़कों पर धूल उड़ रही है। यही नहीं नियमों को ताक पर रखकर निर्माण स्थलों के बाहर खुले में सामग्री की लोड़िग-अनलोडिंग भी की जा रही है।
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू है। इसके लागू होते ही दूसरे ही दिन सोमवार को नियमों की खुलेआम उल्लंघन होता दिखा। सबसे ज्यादा लापरवाही निर्माण सामग्री को लेकर बरती जा रही है। सड़क किनारे खुले में निर्माण सामग्री डाली जा रही है। इससे सड़कों पर धूल उड़ रही है। यही नहीं नियमों को ताक पर रखकर निर्माण स्थलों के बाहर खुले में सामग्री की लोड़िग-अनलोडिंग भी की जा रही है। सराय काले खां, दिलशाद गार्डन, शास्त्री पार्क, आनंद विहार, गीता कॉलोनी, शाहदरा, नेताजी नगर, सरोजनी नगर समेत कई इलाकों में कमोबेश यही स्थिति है। यहां निर्माण स्थलों पर आने वाले ट्रक भी बिना तिरपाल के सामग्री लाद कर ला रहे हैं।
सड़कों पर खुले में पड़ी निर्माण सामग्री
सराय काले खां के पास सड़क पर ही निर्माण सामग्री का ढेर पड़ा है। यहां पड़ी बालू को ढका तक नहीं गया है। तेज हवाएं चलने से धूल का गुबार उठ जाता है। वहीं, वाहनों के गुजरते ही यहां धूल ही धूल फैल रही है। इन निर्माणाधीन स्थलों के बाहर कोई एंटी स्मॉग गन तैनात नहीं की गई है। सड़कों पर पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। इससे दोपहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को धूल के बीच से ही गुजरना पड़ रहा है।
धूल के बीच से गुजरना मजबूरी
सराय काले खां से गाजीपुर की ओर जा रहे नीरज कहते हैं कि उनका रोजाना यहां से आना-जाना होता है, वह इस धूल के बीच से ही गुजरते हैं। इससे काफी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि उन्हें सांस की परेशानी है, जिससे उन्हें कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी तरह की स्थिति मधु विहार व आनंद विहार के पास देखने को मिली। यहां भी निर्माण सामग्री खुले में पड़ी हुई है। वहीं, इंडिया गेट के पास डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड पर धूल ही धूल है। सरोजनी नगर के पी एंड टी कॉलोनी के निवासी अंकित ने बताया कि ऑफिस से आते-जाते समय अधिक परेशानी हो रही है। सड़क पर धूल ही धूल है।
बिना ग्रीन कवर हो रही पत्थरों की कटाई
नियम है कि पत्थर की कटाई व खुदाई करते समय निर्माण स्थल को ग्रीन कवर से ढकना होता है, लेकिन कई जगहों पर इसकी अनदेखी की जा रही है। उद्योग भवन के पास कारीगर खुले में पत्थरों की कटाई करते नजर आए। वहीं, जनपथ के टेलीग्राफ लेन में खुदाई कर मिट्टी को खुले में छोड़ दिया गया है। यहां काम कर रहे ठेकेदार नरेश ने कहा कि नियमों के बारे में सुना है, लेकिन यह कब लागू हुआ इस बारे में जानकारी नहीं थी।
निर्माण सामग्री लाने वाले ट्रकों से तिरपाल नदारद
सरोजनी नगर में के-एवेन्यु के पास निर्माण सामग्री लादे कई ट्रक बिना ढके आवाजाही करते नजर आए। यहां किसी भी ट्रक में तिरपाल लगा नजर नहीं आया। इसी तरह का हाल नेताजी नगर में भी देखने को मिला। जैसे ही ट्रक तेजी से चल रहे थे, तो उन से धूल धीरे-धीरे उड़ती दिखाई दी। इससे इनके पीछे आने वाले वाहनों को धूल का सामना करना पड़ रहा है। यहां कोई भी एंटी स्मॉग गन का भी उपयोग होता नजर नहीं आया। यहां रात के समय निर्माण सामग्री लादे ट्रक पहुंच रहे हैं।
विक्रेता भी नहीं बरत रहे सावधानी
दरियागंज व त्रिलोकपुरी के 35 ब्लॉक की मुख्य मार्ग के पास खुले में निर्माण सामग्री रखी हुई है। बिल्डिंग सामग्री बेचने वाले लोग सावधानी नहीं बरत रहे हैं। यहां खुले में ही सामग्री को रखी हुई है। पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। त्रिलोकपुरी में बिल्डिंग निर्माण की सामग्री बेचने वाले उदित ने बताया कि उन्हें अभी तक किसी तरह के निर्देश नहीं दिए गए हैं, जानकारी मिलने पर निर्देशों का पालन किया जाएगा।