Delhi Pollution: दिल्ली समेत एनसीआर में ग्रैप-1 लागू, CAQM ने जारी किया आदेश; जानिए क्या रहेगा बंद?
दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-1 के नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
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Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas invokes all actions under Stage-I GRAP, with immediate effect, to mitigate the effects of 'poor' air quality pic.twitter.com/Z9VG8dfQKU
— ANI (@ANI) March 7, 2025विज्ञापन
आमतौर पर ग्रैप-1 तब लागू किया जाता है, जब शहर का एक्यूआई 200 के पार पहुंच जाता है। ग्रैप-1 लागू होने के बाद होटलों और रेस्तरां में कोयला और लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। साथ ही निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियों में धूल शमन उपायों और सीएंडडी कचरे के ठोस पर्यावरण प्रबंधन पर निर्देशों का उचित कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इसमें 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के भूखंड आकार वाली ऐसी परियोजनाओं के संबंध में सीएंडडी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो संबंधित के वेब पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं।
जानें क्या होता है ग्रैप फार्मूला?
ग्रैप को दिल्ली एनसीआर में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता के चार अलग-अलग चरण के हिसाब से बांटा गया गया है। ग्रैप का चरण-1 उस वक्त लागू होता है, जब दिल्ली में AQI का स्तर 201-300 के बीच होता है। मौजूदा समय में दिल्ली में ग्रैप का चरण-1 ही प्रभावी था। ग्रैप का दूसरा चरण उस परिस्थिति में प्रभावी होता है, जब राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 301-400 के बीच 'बहुत खराब' मापा जाता है।
चरण-3 'गंभीर' वायु गुणवत्ता के बीच लागू किया जाता है। इस वक्त दिल्ली में एक्यूआई 401-450 के बीच होता है। वहीं ग्रैप कार्य योजना का अंतिम और चरण-4 'गंभीर +' वायु गुणवत्ता की परिस्थिति में लागू किया जाता है।