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निजी स्कूलों की मनमानी पर देर से जागी सरकार: आप
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- महंगी फीस और सामान खरीदने के दबाव पर सरकार को घेरा, कार्रवाई को बताया दिखावा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि जब तक स्कूलों ने महंगी किताबें, ड्रेस और अन्य सामान बेचकर कमाई कर ली, तब तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, जबकि 15 मार्च से ही निजी स्कूल अभिभावकों पर तय दुकानों से सामान खरीदने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में अप्रैल के अंत में निरीक्षण की घोषणा करना केवल औपचारिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्कूलों ने फीस में 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है और पुनः प्रवेश, कंप्यूटर व अन्य सुविधाओं के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। भारद्वाज ने कहा कि यदि सख्ती करनी है तो फीस वृद्धि पर की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार कार्रवाई का दावा करती रही हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े निजी स्कूल के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं, विधायक संजीव झा ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि लाखों अभिभावक पहले ही महंगे पैकेज खरीदने को मजबूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब निरीक्षण की बात करना बहुत देर से उठाया गया कदम है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि जब तक स्कूलों ने महंगी किताबें, ड्रेस और अन्य सामान बेचकर कमाई कर ली, तब तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, जबकि 15 मार्च से ही निजी स्कूल अभिभावकों पर तय दुकानों से सामान खरीदने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में अप्रैल के अंत में निरीक्षण की घोषणा करना केवल औपचारिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्कूलों ने फीस में 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है और पुनः प्रवेश, कंप्यूटर व अन्य सुविधाओं के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। भारद्वाज ने कहा कि यदि सख्ती करनी है तो फीस वृद्धि पर की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार कार्रवाई का दावा करती रही हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े निजी स्कूल के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं, विधायक संजीव झा ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि लाखों अभिभावक पहले ही महंगे पैकेज खरीदने को मजबूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब निरीक्षण की बात करना बहुत देर से उठाया गया कदम है।
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