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पड़ोसी राज्य सरकारों की नाकामी छुपा रहीं है एजेंसियां, स्थानीय प्रदूषण का स्त्रोत बताएं: गोपाल राय
Sat, 19 Oct 2019 04:11 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 19 Oct 2019 04:11 AM IST
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आप नेता गोपाल राय (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दावे पर सवाल उठाया है। पार्टी संयोजक गोपाल राय का कहना है कि अगर 93 फीसदी प्रदूषण स्थानीय है तो इसका स्रोत क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित सरकारी संस्थान दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य की चिंता छोड़ पड़ोसी राज्य की सरकारों की नाकामियों को छुपाने में लगा है।
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मीडिया से बात करते हुए दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि सारी सरकारी एजेंसियां पड़ोसी राज्य यूपी, हरियाणा और पंजाब में जलाई जा रही पराली से होने वाले प्रदूषण के बचाव में लगी है। सीपीसीबी के अनुसार पराली जलने से मात्र 7 फीसदी प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले सफर ने इस आंकड़े का एक फीसदी बताया था। जबकि ईपीसीए का कहना है कि यह आंकड़ा दस फीसदी है।
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गोपाल राय ने सवाल किया कि सरकारी एजेंसियां प्रदूषण का समाधान देने की जगह यह बताने में क्यों लगी हैं कि दिल्ली में प्रदूषण लोगों की वजह से बढ़ रहा है। वह भाजपा शासित राज्यों के बचाव में क्यों हैं। गोपाल राय ने कहा कि अगर 93 फीसदी प्रदूषण दिल्ली का है ता सीपीसीबी इसकी जानकारी भी दे दे कि इसके स्रोत क्या हैं।
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दूसरी तरफ आप प्रवक्ता राघव चड्ढा पे कहा कि बीते नौ सालों में वायु गुणवत्ता के मामले में सितंबर 2019 की हवाल सबसे अच्छी रही। पिछले पंद्रह दिनों में ऐसा कोई बदलाव भी नहीं हुआ है कि जिससे अचानक से प्रदूषण की मात्रा में इतनी बढ़ जाए। सितंबर और अक्तूबर के बीच प्रदूषण के आंतरिक स्रोत नहीं बदले हैं।