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कोई नहीं सुन रहा गोल्ड मेडलिस्ट इन खिलाड़ियों का दर्द

Thu, 02 Apr 2015 07:15 PM IST
Updated Thu, 02 Apr 2015 07:15 PM IST
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Golden girls are waiting for job in haryana

ओम प्रकाश

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अनीसा सैयद ने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में 2 गोल्ड और 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता। वर्ष 2014 के इंचियोन एशियाड में अनीता मावी ने गोल्ड मेडल हासिल किया...।

इन दोनों महिला खिलाड़ियों ने और न जाने कितनी उपलब्धियां इस प्रदेश और देश के झोली में डाली हैं। लेकिन इन्हें अब तक राज्य सरकार ने नौकरी नहीं दी। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों के खिलाड़ियों को इस मामले में पूरी तवज्जो दी गई।
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हुडा सरकार पर श्वेतपत्र लाकर कई क्षेत्रों में भेदभाव करने की बात उजागर करने वाली भाजपा सरकार ने भी अब तक फरीदाबाद की इन होनहार बेटियों की सुध नहीं ली।
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अनीता मावी को तो आज तक पुरस्कार की राशि भी नहीं मिली। शहर के विधायक विधानसभा में इनकी आवाज बन सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। कैबिनेट की बैठक में खेल विभाग का असिस्टेंट डायरेक्टर बनाने की घोषणा के बाद भी अनीसा को आज तक नौकरी नहीं दी गई।

सीएम भी नहीं दे रहे वक्त

Golden girls are waiting for job in haryana

अनीसा सैयद के पति मुबारक का कहना है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिलना आसान था लेकिन वर्तमान
सीएम में वो बात नहीं।

उनके पीए से कई बार बात की लेकिन उन्होंने इस बारे में मुलाकात का समय ही नहीं दिया। सरकार का यह रवैया दुखी करने वाला है।

अनीसा के साथ जातीय और क्षेत्रीय दोनों आधार पर भेदभाव किया गया। अब खेल विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि अनीसा तो नौकरी करना ही नहीं चाहती थी इसलिए उसकी फाइल बंद कर दी गई।

अब आप सोचिए आज के वक्त में भला कौन व्यक्ति नौकरी नहीं करना चाहेगा। मुबारक का कहना है कि सरकार घोषणाएं तो करती है लेकिन नीचे वाले हमेशा पैसा चाहते हैं। जो पैसा दे उसका काम होता है।

विधायक ने दी सांत्वना

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दूसरी ओर सितंबर 2014 में हुए एशियाड में स्वर्ण पदक (कबड्डी में) जीतकर आई अनीता मावी को भी अब तक नौकरी नहीं मिली। पुरस्कार राशि भी नहीं दी गई।

मावी का कहना है कि नौकरी खुद देनी होती है। न तो हुड्डा ने ऑफर किया और न ही खट्टर सरकार ने। सरकार ने भेदभाव किया। ऐसे ही खिलाड़ियों को हतोत्साहित किया गया तो नए लोग कैसे आएंगे।

‘मैं सीएम के सामने फरीदाबाद की इन दोनों खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि के आधार पर नौकरी दिलाने का मुद्दा उठाउंगी। इन दोनों के साथ हुडा सरकार ने भेदभाव किया।’ - सीमा त्रिखा, विधायक, बड़खल विधानसभा क्षेत्र

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