जाते-जाते वह दे गई छह लोगों को एक नई जिंदगी
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मौत के बाद भी एक महिला छह को नई जिंदगी दे गई। एम्स ट्रामा सेंटर में ब्रेन डेड घोषित महिला के परिजनों ने उसके अंगों को दान करने का निर्णय लिया।
दो मरीजों को किडनी और एक को लिवर प्रत्यारोपित किया गया, जबकि दो कॉर्निया और एक हार्ट वॉल्ब को जरूरतमंद मरीज के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
एम्स के निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा ने बताया कि 6 फरवरी को नांगलोई निवासी 26 वर्षीय महिला छत से गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी। गंभीर अवस्था में महिला को बालाजी एक्शन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ब्रेन डेड हुआ तो घरवालों ने उठाया सराहनीय कदम
कुछ दिनों बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई। उसको शनिवार की रात एक्शन बालाजी अस्पताल से एम्स के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। इलाज के दौरान रविवार सुबह उसको डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
इसके बाद एम्स में ही एक 55 वर्षीय मरीज, जबकि एक 14 वर्षीय मरीज को किडनी ट्रांसप्लांट की गई। डॉ. मिश्रा ने बताया कि ब्रेन डेड मरीज की दोनों कॉर्निया और हृदय के वॉल्ब को दूसरे जरूरतमंद मरीज के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
महिला के परिजनों ने इस तरह का कदम उठाकर उन हजारों लोगों के लिए एक मिसाल कायम की है जो समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं।