लड़की ने बुलाई कैब, सामने आया खतरनाक सच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली सरकार ने भले ही कुछ रेडियो कैब्स को बैन कर दिया हो पर आलम यह है कि वह सिर्फ कागजों पर ही बैन हैं। हद तो इस बात की है कि रेडियो टैक्सी ऑपरेटरों पर सरकारी बैन के बारे में दिल्ली पुलिस भी अनजान है।
सरकारी तंत्र में यह खामी तब सामने आई जब एक लड़की ने अपनी आप बीती बताई। इसके साथ ही एक ओला कैब ड्राइवर को जब पुलिस ने एक नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़ा तो काफी बातें साफ हो गईं।
बैन के बाद से टैक्सियों को उनपर लगे स्टीकर हटाने का आदेश दिया गया है। पर इन स्टीकरों के हट जाने से प्रतिबंधित और अन्य टैक्सियों में अंतर काफी मुश्किल हो जाएगा।
शादी में जाना था उसे
प्रतिबंधित टैक्सी ऑपरेटरों की कहानी सुनाते हुए गुड़गांव में काम करने वाली महक अरोड़ा बताती है कि पिछले शनिवार को उसे अपने ऑफिस के एक सीनियर की शादी में पीतमपुरा जाना था। वह उस शादी में जाने के लिए काफी उत्साहित थी।
महक और उसके अन्य साथियों ने मिलकर यह तय किया था कि वह सभी अपने-अपने घर से टैक्सी लेकर शादी में पहुंचेंगे और वापस भी उसी से आ जाएंगे। महक मालवीय नगर में रहती है, जहां से पीतमपुरा काफी दूर है।
महक बताती है कि वह ओला और मेरू कैब की नियमित ग्राहक है। उसने शनिवार को भी शादी में शामिल होने के लिए मेरू कैब करने की सोची। पर दुर्भाग्यवश उसी समय जोर की बारिश होने लगी।
जब प्रतिबंधित कैब सर्विस का आया मैसेज
बारिश होने के बाद महक ने कस्टमर केयर पर फोन करके मेरू कैब बुक करने की कोशिश की पर उनके एक्जिक्यूटिव ने बताया कि इस वक्त उसे कोई कैब नहीं मिल पाएगी।
फिर उसने कई लोकल टैक्सियों को भी संपर्क किया जिसका कोई फायदा नहीं हुआ। करीब पांच से सात टैक्सियों से बात करने के बाद भी जब कोई फायदा नहीं हुआ तो उसने ओला कैब को फोन किया।
चूंकि महक को पता था कि ओला कैब को प्रतिबंधित कर दिया गया है, उसके बावजूद जब मोबाइल पर ओला कैब से मैसेज आया तो उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा।
8 दिसंबर के बाद भी चल रहे हैं बैन हुए कैब
जब ओला कैब से मैसेज आया तो वह थोड़ी घबरा गई। तब महक ने अपने एक दोस्त को सारी बातें बताईं। उसकी दोस्त ने उसे कैब में बैठ जाने की सलाह दी और सारी डीटेल भेजने को कहा।
मैसेज आने के 25 मिनट के अंदर कैब महक के घर पर पहुंच गई। उसने पूरे रास्ते भर अपने मोबाइल का जीपीएस ऑन रखा और लगातार रास्ते को मॉनीटर करती रही। फिर आराम से वह 20 मिनट के अंदर शादी में पहुंच गई।
इस पूरे वाकये में यह गौर करने वाली बात है कि ओला कैब और टैक्सी फॉर श्योर जैसे कैब बैन होने के बाद भी सड़कों पर फर्राटा से दौड़ रहे हैं। यही नहीं इनके विज्ञापन टीवी और सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी देखे जा सकते हैं।
इन विज्ञापनों में यह दावा किया जाता है कि यह ग्राहकों को अब भी सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। बता दें कि 8 दिसंबर को सिटी ट्रांस्पोर्ट विभाग ने एक पब्लिक नोटिस जारी करते हूए एयर कैब, चांसन, इजी कैब, मेगा कैब, मेरू कैब और यो कैब को ही सड़कों पर चलने के लिए लाइसेंस दिया है। इनके अलावा किसी भी ऑपरेटर की टैक्सियां नहीं चल सकतीं।
साभारः मेल टूडे