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Delhi NCR News: राजधानी में गिग वर्कर्स और ड्राइवरों का प्रदर्शन
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उचित वेतन, काम की सुनिश्चितता और ड्राइवर आयोग की मांग, मार्च 2026 में देशव्यापी महारैली का एलान
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। अमेजन इंडिया वर्कर्स यूनियन, गिग वर्कर्स एसोसिएशन और ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन ने शुक्रवार को राजधानी में संयुक्त प्रदर्शन किया। इसमें ऑटो-टैक्सी ड्राइवर, अमेजन वेयरहाउस कर्मचारी और हजारों गिग वर्कर्स शामिल हुए। यूनियन के अध्यक्ष सुमेर अंबावता ने कहा कि सरकार ने टैक्सी और ऑटो चालकों की स्थिति खराब कर दी है। उन्होंने 22-23 मार्च 2026 को देशभर की बड़ी महारैली की घोषणा की।
अमेजन वेयरहाउस कर्मचारियों ने उचित वेतन, सोशल सिक्योरिटी, सुरक्षित कार्य वातावरण और तय कार्य-घंटों की मांग की। गिग वर्कर्स और टैक्सी-ऑटो चालकों ने ड्राइवर आयोग, काम की सुनिश्चितता, वेलफेयर बोर्ड, 30 लाख रुपये तक बीमा और शोषण रोकने की मांग रखी।
डिलीवरी वर्कर मोहित ने कहा कि सोशल सिक्योरिटी कोड में गिग वर्कर्स का जिक्र काफी नहीं है, उन्हें काम की सुरक्षा भी मिले। अमेजन इंडिया वर्कर्स यूनियन से जुड़े पवन ने कहा कि मौजूदा सैलरी बेहद कम है और मैनेजमेंट शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट में हेरफेर कर ग्रेच्युटी जैसे फायदे रोकता है। यूनियन और एसोसिएशन ने संयुक्त बयान में कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। अमेजन इंडिया वर्कर्स यूनियन, गिग वर्कर्स एसोसिएशन और ऑल दिल्ली ऑटो-टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन ने शुक्रवार को राजधानी में संयुक्त प्रदर्शन किया। इसमें ऑटो-टैक्सी ड्राइवर, अमेजन वेयरहाउस कर्मचारी और हजारों गिग वर्कर्स शामिल हुए। यूनियन के अध्यक्ष सुमेर अंबावता ने कहा कि सरकार ने टैक्सी और ऑटो चालकों की स्थिति खराब कर दी है। उन्होंने 22-23 मार्च 2026 को देशभर की बड़ी महारैली की घोषणा की।
अमेजन वेयरहाउस कर्मचारियों ने उचित वेतन, सोशल सिक्योरिटी, सुरक्षित कार्य वातावरण और तय कार्य-घंटों की मांग की। गिग वर्कर्स और टैक्सी-ऑटो चालकों ने ड्राइवर आयोग, काम की सुनिश्चितता, वेलफेयर बोर्ड, 30 लाख रुपये तक बीमा और शोषण रोकने की मांग रखी।
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डिलीवरी वर्कर मोहित ने कहा कि सोशल सिक्योरिटी कोड में गिग वर्कर्स का जिक्र काफी नहीं है, उन्हें काम की सुरक्षा भी मिले। अमेजन इंडिया वर्कर्स यूनियन से जुड़े पवन ने कहा कि मौजूदा सैलरी बेहद कम है और मैनेजमेंट शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट में हेरफेर कर ग्रेच्युटी जैसे फायदे रोकता है। यूनियन और एसोसिएशन ने संयुक्त बयान में कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
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