फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ghazipur landfill to be cleared by December 2027; target set to remove 69 lakh metric tonnes of waste.

Delhi NCR News: दिसंबर 2027 तक साफ होगा गाजीपुर लैंडफिल, 69 लाख मीट्रिक टन कचरा हटाने का लक्ष्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 05:18 PM IST
विज्ञापन
एनजीटी में एमसीडी का हलफनामा, अब तक 67.57 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का बायो-माइनिंग से निपटान
विज्ञापन

नए कचरे के ढेर रोकने के लिए वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोगैस और प्रोसेसिंग परियोजनाओं पर तेज हुआ काम

नितिन राजपूत
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली स्थित गाजीपुर लैंडफिल साइट पर जमा करीब 69 लाख मीट्रिक टन कचरे को दिसंबर 2027 तक पूरी तरह हटाने की योजना बनाई गई है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने इस संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में चल रही सुनवाई के दौरान विस्तृत कार्ययोजना का हलफनामा दाखिल किया है। निगम का कहना है कि तय समयसीमा के भीतर बायो-माइनिंग और अन्य परियोजनाओं के जरिए लैंडफिल साइट को लगभग पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा।
एमसीडी के अनुसार, गाजीपुर लैंडफिल साइट पर अब तक करीब 67.57 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का बायो-माइनिंग के माध्यम से निपटान किया जा चुका है। हालांकि अभी भी लगभग 69 लाख मीट्रिक टन कचरा हटाया जाना बाकी है। निगम ने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिसंबर 2027 तक का रोडमैप तैयार किया गया है। यह मामला 21 अप्रैल 2024 को गाजीपुर लैंडफिल साइट पर लगी भीषण आग और उससे फैले जहरीले धुएं के बाद एनजीटी में पहुंचा था। सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में उठाए गए सवालों के जवाब में एमसीडी ने अपनी प्रगति और आगे की योजना का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया है।
विज्ञापन

हलफनामे में बताया गया है कि गाजीपुर लैंडफिल साइट की शुरुआत वर्ष 1984 में हुई थी। उस समय ठोस कचरा प्रबंधन के आधुनिक नियम लागू नहीं थे। इसके बाद वर्षों तक यहां लगातार कचरा डाला जाता रहा, जिससे विशाल कचरे का पहाड़ तैयार हो गया। निगम के अनुसार, वर्तमान में चल रहे बायो-माइनिंग कार्य का टेंडर सितंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। इसके लिए नया टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है और तकनीकी बोलियां जुलाई 2026 में खोली जाएंगी, ताकि काम बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

एमसीडी ने बताया कि साइट पर फिलहाल 28 ट्रॉमेल मशीनें चौबीसों घंटे संचालित की जा रही हैं। इन मशीनों की मदद से प्रतिदिन हजारों टन पुराने कचरे की प्रोसेसिंग की जा रही है। निगम का दावा है कि इससे तय समय में शेष कचरे का निपटान संभव होगा।
भविष्य में कचरे का नया पहाड़ बनने से रोकने की तैयारी
एमसीडी ने बताया कि केवल पुराने कचरे को हटाने पर ही नहीं, बल्कि भविष्य में नए कचरे का ढेर बनने से रोकने पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत 800 टन प्रतिदिन क्षमता की कचरा प्रोसेसिंग यूनिट, 25 मेगावाट का नया वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, 300 टन क्षमता का बायोगैस प्लांट तथा कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। मौजूदा वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट पहले से संचालित है और उसकी क्षमता 1600 से बढ़ाकर 1700 टन प्रतिदिन करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए कचरे से निकलने वाले जहरीले पानी का उपचार भी किया जा रहा है।
सीबीजी-सीएनजी परियोजना और बायोगैस उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
एमसीडी ने बताया कि इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) को 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां सीबीजी और सीएनजी आधारित फ्यूल स्टेशन विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। वहीं, घड़ौली क्षेत्र में मवेशियों के गोबर और गीले कचरे से बायोगैस उत्पादन के लिए भी निविदाएं जारी की गई हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक निपटान के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है।

साइट खाली होने के बाद होगी मिट्टी और भूजल की सफाई
एमसीडी के अनुसार, जिन हिस्सों से कचरा हटाया जा चुका है, उनका फिलहाल उपयोग मशीनों और वाहनों के संचालन के लिए किया जा रहा है। पूरी साइट खाली होने के बाद विशेषज्ञ एजेंसियों की निगरानी में मिट्टी और भूजल की सफाई का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा फ्लाई ऐश के सुरक्षित उपयोग की दिशा में भी काम चल रहा है। इसे ईंट निर्माण समेत अन्य औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है। निगम का कहना है कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाएंगी, जिससे गाजीपुर लैंडफिल से जुड़ी पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed