{"_id":"6629a85abd6c56780a034986","slug":"you-can-still-vote-even-if-your-voter-slip-has-not-arrived-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-361571-2024-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: मतदाता पर्ची नहीं पहुंचा तो भी कर सकते हैं मतदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: मतदाता पर्ची नहीं पहुंचा तो भी कर सकते हैं मतदान
विज्ञापन
गाजियाबाद। दूसरे चरण के मतदान के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। बृहस्पतिवार को पोलिंग पार्टियां रवाना होगी और 26 अप्रैल को सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो जाएगा। मतदान से पहले मतदाताओं के मन में कई प्रकार के सवाल होते हैं। बुधवार को जिला निर्वाचन अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने मतदाताओं से जुड़े सवालों का विस्तृत जवाब अमर उजाला के साथ सांझा किया।
सवाल : अगर किसी के पास मतदाता पर्ची नहीं पहुंची तो वह कैसे वोट डाल सकता है?
जवाब : मतदाता पर्ची नहीं मिली है तब भी अगर मतदान केंद्र की जानकारी है तो वहां जाकर मतदान कर सकता है। इसके अलावा वह 1090 पर अपना एपिक नंबर डालकर अपनी मतदाता पर्ची डाउनलोड कर सकता है और मतदान कर सकता है।
सवाल : अगर किसी के पास वोटर कार्ड नहीं है तो वह कैसे वोट डाल सकता है।
जिसके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, उसको चिंता करने की जरूरत नहीं है। वह किसी भी पहचान पत्र जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, कार्यालय पहचानपत्र, स्कूल का प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, पासपोर्ट सहित 12 में से कोई एक दस्तावेज दिखाकर मतदान कर सकता है।
विज्ञापन
सवाल: सूची में नाम गलत छप गया है तो क्या साक्ष्य दिखाकर वोट डाल सकते हैं ?
जवाब: सूची में नाम गलत भी हो तब किसी भी साक्ष्य की जरूरत नहीं है। पीठासीन अधिकारी मतदान से नहीं रोक सकते हैं। अपना कोई पहचान पत्र दिखाकर कर वोट करें।
सवाल: अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है और उसके पास वोटर आईडी कार्ड है तो क्या वह वोट डाल सकता है।
वोटर लिस्ट में अगर किसी व्यक्ति का नाम नहीं है तो वह वोट नहीं डाल सकता है।
सवाल : अगर किसी का वोट कोई और पहले ही डाल गया तो वह कैसे मतदान कर सकता है।
आपके पहुंचने से पहले आपका वोट कोई और डाल गया है और किसी एजेंट ने चैलेंज नहीं किया है तो टेंडर वोट की प्रक्रिया है। एक मतपत्र जारी कर उसपर मतदान कराया जाता है और अलग लिफाफे में उसको रखा जाता है।
सवाल: अगर बूथ पर लाइन लंबी लगी है तो किसी का नंबर जल्दी कैसे आ सकता है।
जवाब: मतदाता होने का हौसला लेकर बूथ पर जाएं। मतदान केंद्रों पर पानी, कुर्सी, छाया की व्यवस्था है। दूध पिलाने वाली माताओं के लिए भी अलग से व्यवस्था होगी। हर बूथ पर यह व्यवस्था की गई है कि वहां 1500 से अधिक मतदाता होने पर अलग बूथ बनाए गए हैं। इसलिए इतनी लंबी कतार कहीं नहीं होगी कि इंतजार करना मुश्किल हो।
सवाल : अगर कोई दिव्यांग है तो उसकी मदद के लिए क्या व्यवस्था है।
जवाब : हर बूथ पर उनके लिए व्हील चेयर की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा उनको बूथ पर प्राथमिकता दी जाएगी।
सवाल : अगर किसी को मतदान के बारे में जानकारी करनी है तो मतदान केंद्र पर किसके पास जाए।
जवाब: मतदान केंद्र पर सहयोग के लिए बूथ लेवल ऑफिसर मौजूद होगा। जिसके पास मतदाता सूची होगी वह पूरी जानकारी वहां प्रदान करेगा।
सवाल: मतदान के दिन गाजियाबाद में छुट्टी है, लेकिन दिल्ली और एनसीआर के अन्य जिलों में छुट्टी नहीं है। ऐसे में नौकरी करने वाले लोगों को मतदान के लिए क्या छूट मिल सकती है।
गाजियाबाद के मतदाता जो दिल्ली एनसीआर या अन्य जिलों में नौकरी करते हैं, उनको मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सवेतनिक अवकाश मिलेगा। यूपी सरकार के अनुरोध पर संबंधित सरकारों की तरफ से यह घोषणा की गई है कि मताधिकार का प्रयोग करने वालों को अवकाश मिलेगा।
सवाल : एनआरआई वोटर कैसे वोट डाल सकते हैं।
सर्विस वोटर का प्रावधान दिया गया था लेकिन यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
सावल : क्या जेल के कैदियों को वोट डालने की भी व्यवस्था है।
जेल के कैदियों के लिए दो प्रकार के बंदियों के लिए वोट की सुविधा थी। जेल में यह प्रक्रिया पूरी करा ली गई है।
विज्ञापन
सवाल : अगर किसी के पास मतदाता पर्ची नहीं पहुंची तो वह कैसे वोट डाल सकता है?
जवाब : मतदाता पर्ची नहीं मिली है तब भी अगर मतदान केंद्र की जानकारी है तो वहां जाकर मतदान कर सकता है। इसके अलावा वह 1090 पर अपना एपिक नंबर डालकर अपनी मतदाता पर्ची डाउनलोड कर सकता है और मतदान कर सकता है।
विज्ञापन
सवाल : अगर किसी के पास वोटर कार्ड नहीं है तो वह कैसे वोट डाल सकता है।
जिसके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, उसको चिंता करने की जरूरत नहीं है। वह किसी भी पहचान पत्र जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, कार्यालय पहचानपत्र, स्कूल का प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, पासपोर्ट सहित 12 में से कोई एक दस्तावेज दिखाकर मतदान कर सकता है।
विज्ञापन
सवाल: सूची में नाम गलत छप गया है तो क्या साक्ष्य दिखाकर वोट डाल सकते हैं ?
जवाब: सूची में नाम गलत भी हो तब किसी भी साक्ष्य की जरूरत नहीं है। पीठासीन अधिकारी मतदान से नहीं रोक सकते हैं। अपना कोई पहचान पत्र दिखाकर कर वोट करें।
सवाल: अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है और उसके पास वोटर आईडी कार्ड है तो क्या वह वोट डाल सकता है।
वोटर लिस्ट में अगर किसी व्यक्ति का नाम नहीं है तो वह वोट नहीं डाल सकता है।
सवाल : अगर किसी का वोट कोई और पहले ही डाल गया तो वह कैसे मतदान कर सकता है।
आपके पहुंचने से पहले आपका वोट कोई और डाल गया है और किसी एजेंट ने चैलेंज नहीं किया है तो टेंडर वोट की प्रक्रिया है। एक मतपत्र जारी कर उसपर मतदान कराया जाता है और अलग लिफाफे में उसको रखा जाता है।
सवाल: अगर बूथ पर लाइन लंबी लगी है तो किसी का नंबर जल्दी कैसे आ सकता है।
जवाब: मतदाता होने का हौसला लेकर बूथ पर जाएं। मतदान केंद्रों पर पानी, कुर्सी, छाया की व्यवस्था है। दूध पिलाने वाली माताओं के लिए भी अलग से व्यवस्था होगी। हर बूथ पर यह व्यवस्था की गई है कि वहां 1500 से अधिक मतदाता होने पर अलग बूथ बनाए गए हैं। इसलिए इतनी लंबी कतार कहीं नहीं होगी कि इंतजार करना मुश्किल हो।
सवाल : अगर कोई दिव्यांग है तो उसकी मदद के लिए क्या व्यवस्था है।
जवाब : हर बूथ पर उनके लिए व्हील चेयर की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा उनको बूथ पर प्राथमिकता दी जाएगी।
सवाल : अगर किसी को मतदान के बारे में जानकारी करनी है तो मतदान केंद्र पर किसके पास जाए।
जवाब: मतदान केंद्र पर सहयोग के लिए बूथ लेवल ऑफिसर मौजूद होगा। जिसके पास मतदाता सूची होगी वह पूरी जानकारी वहां प्रदान करेगा।
सवाल: मतदान के दिन गाजियाबाद में छुट्टी है, लेकिन दिल्ली और एनसीआर के अन्य जिलों में छुट्टी नहीं है। ऐसे में नौकरी करने वाले लोगों को मतदान के लिए क्या छूट मिल सकती है।
गाजियाबाद के मतदाता जो दिल्ली एनसीआर या अन्य जिलों में नौकरी करते हैं, उनको मताधिकार का प्रयोग करने के लिए सवेतनिक अवकाश मिलेगा। यूपी सरकार के अनुरोध पर संबंधित सरकारों की तरफ से यह घोषणा की गई है कि मताधिकार का प्रयोग करने वालों को अवकाश मिलेगा।
सवाल : एनआरआई वोटर कैसे वोट डाल सकते हैं।
सर्विस वोटर का प्रावधान दिया गया था लेकिन यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
सावल : क्या जेल के कैदियों को वोट डालने की भी व्यवस्था है।
जेल के कैदियों के लिए दो प्रकार के बंदियों के लिए वोट की सुविधा थी। जेल में यह प्रक्रिया पूरी करा ली गई है।