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अब योगी जी के दरबार में होगा फीस का फैसला

Thu, 20 Apr 2017 01:00 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Thu, 20 Apr 2017 01:00 AM IST
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Yogi Ji's court will decide the fees
फीस वृद्धि पर भड़के अभिभावक - फोटो : amar ujala

गाजियाबाद। पब्लिक स्कूलों की मनमानी से परेशान अभिभावक संघ ने अब आर-पार के लिए मोर्चा खोल दिया है। जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से नाराज अभिभावकों ने अब मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी तक मामले को पहुंचाने की ठान ली है।

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अभिभावक संघ को रविवार यानी 23 अप्रैल को मुख्यमंत्री से मिलने का समय भी मिल गया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मिलने के बाद अभिभावक संघ बड़ी संख्या में अभिभावकों को लखनऊ ले जाने की तैयारी में जुट गया है।
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इस सिलसिले में संघ ने बृहस्पतिवार सुबह 7:30 बजे अभिभावकों की बैठक भी बुलाई है। बैठक में तय किया जाएगा कि सीएम से मिलने कितने अभिभावक जाएंगे। अभिभावक एसोसिएशन के पदाधिकारी अनिल ने कहा कि मुख्यमंत्री से रविवार को लखनऊ स्थित उनके आवास पर सुबह 9 से 9:30 बजे तक मिलने का समय मिल गया है।
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हमारी तरफ से समय मिलने की सूचना बाकी अभिभावकों को भी दे दी गई है। अभिभावक संघ के पदाधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि बैठक में अभिभावकों की संख्या तय होने के बाद बसों का इंतजाम किया जाएगा।

लखनऊ तक हर अभिभावक को नहीं ले जाया जा सकता। ऐसे में स्कूल वाइज प्वाइंट तैयार कर अभिभावकों की संख्या तय की जाएगी। पब्लिक स्कूलों की सूची के साथ उनके दोबारा बीते सालों की गई फीस वृद्धि और एनुअल चार्ज से लेकर तमाम साक्ष्य सीएम के समक्ष रखे जाएंगे।
 
अभिभावकों का बनेगा महासंघ  
स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए मोदीनगर-मुरादनगर के अभिभावकों को भी गाजियाबाद के अभिभावक संघ से जोड़ा जा रहा है ताकि पूरे जिले में चल रही पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार कर लड़ाई लड़ी जा सके।

अब तक गाजियाबाद और टीएचए में ही अभिभावकों की एसोसिएशन सक्रिय है। जबकि भारी फीस बढ़ोतरी का मामला पूरे जिले भर के अभिभावकों का है। एसोसिएशन का महासंघ सोशल साइट के जरिए अभिभावकों को एकजुट कर रहा है। बताया जा रहा है कि एसोसिएशन जल्द ही महासंघ के बनाकर पब्लिक स्कूलों के खिलाफ अभियान छेड़ेगा।

पीएम से की स्कूल पोर्टेबिलिटी के तहत कानून बनाने की मांग
एनुअल चार्ज पर पब्लिक स्कूलों की मनमानी को रोकने के  लिए बुधवार को सात्विक फाउंडेशन ने पीएम के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। फाउंडेशन अध्यक्ष सौरभ गर्ग ने बताया है कि मोबाइल पोर्टेबिलिटी की तर्ज पर स्कूल पोर्टेबिलिटी कानून बनना चाहिए, जिसकी मांग ज्ञापन के जरिए प्रधानमंत्री से की गई है।

अगर यह कानून बन जाता है तो अभिभावकों को स्कूल की मनमानी पर अंकुश लगाने को मौका मिल जाएगा। स्कूल ब्लैकमेल करता है तो फिर अभिभावक अपने बच्चे दूसरे स्कूल में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ट्रांसफर करा सकेंगे। उनका कहना है कि भारत सरकार को इस मुद्दे पर भी चर्चा करनी चाहिए कि हर साल किताब के लिए पब्लिशर्स बदलने और नया सिलेबस लागू की व्यवस्था पर भी रोक लगी चाहिए।

स्कूल की मनमानी, कहा-कर्ज लेकर जमा करो फीस
गाजियाबाद। स्कूल द्वारा मनमानी का एक नया मामला सामने आया है। दिल्ली एमसीडी में कार्यरत अभिभावक नम्रता सिंह ने बुधवार को डीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी का स्कूल मैनेजमेंट फीस वसूली को लेकर मनमानी कर रहा है।

उनकी बेटी शास्त्रीनगर के एक स्कूल की छात्रा है। आरोप है कि समय पर वेतन न मिलने से वह बच्ची की फीस समय पर जमा नहीं करा सकीं। उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट से बात की कि दो किस्तों में फीस जमा करा लें, क्योंकि अभी वेतन नहीं मिला है, जिस पर स्कूल डायरेक्टर ने इंकार कर दिया।


उल्टे स्कूल प्रशासन ने कर्ज लेकर फीस जमा करने की सलाह दे दी। ज्ञापन में नम्रता सिंह ने कहा है कि वो अपनी बेटी को पढ़ा पाने में असमर्थ हैं, इसलिए सारे मामले पर स्कूल के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

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