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विश्व प्रीमेच्योरिटी दिवस: प्रदूषण और देर से शादी से समय से पहले पैदा हो रहे 18 फीसदी बच्चे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2024 01:52 AM IST
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World Prematurity Day: 18 percent children being born prematurely due to pollution and late marriage

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आशुतोष यादव
गाजियाबाद। प्रदूषण, देर से शादी और एनीमिया की बीमारी के कारण 18 फीसदी बच्चों का समय से पूर्व जन्म हो रहा है। एक अप्रैल से 20 अक्तूबर तक 4,090 शिशु जिला महिला अस्पताल में पैदा हुए। इनमें से 749 शिशुओं का जन्म समय से पहले हुआ। नवंबर महीने में एक सप्ताह में 20 शिशु समय से पहले हुए हैं। सभी शिशुओं का वजन सामान्य मानक 3.50 किग्रा से कम था। इनका इलाज अस्पताल की नर्सरी में भर्ती कर किया गया।



पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक एवं महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपा त्यागी का कहना है कि प्रसव के दौरान मां के वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से नवजात में जन्म के तुरंत बाद सांस संबंधी समस्याओं की परेशानी बढ़ रही है। एक रिसर्च जर्नल एनवायर्नमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स (ईएचपी) में प्रकाशित हुआ है। इसके अलावा देर से शादी और खून की कमी भी प्रीमेच्योर डिलीवरी (नौ महीने से पहले प्रसव) हो रही है।
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रिसर्च में यह भी सामने आया है कि प्रदूषण के महीन कणों (पीएम-2.5) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ-2) के संपर्क में आने से परेशानी बढ़ रही है। जो मां पीएम 2.5 के संपर्क में आई थीं, उनके शिशुओं में सांस लेने से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। जो महिलाएं नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (एनओ-2) के संपर्क में आ रही हैं, उनके बच्चों में एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता पड़ रही है। डॉ. दीपा ने बताया कि मां के सांस लेने पर ब्लैक कार्बन के कण भ्रूण तक पहुंच सकते हैं।
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यह हो रही शिशुओं में परेशानी
वायु प्रदूषण के प्रभाव से बच्चों की मृत्यु, गंभीर श्वसन संक्रमण, समय से पहले और मृत जन्म, स्टंटिंग, एनीमिया, एलर्जिक राइनाइटिस और दिमागी विकास बाधित होने की परेशानी हो रही हैं। वायु प्रदूषण से आंत के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। पहले छह महीनों में सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करने वाले प्रदूषक आंत के रोगाणुओं पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। इस कारण से एलर्जी, मोटापा और मधुमेह का खतरा बढ़ने की परेशानी रहती है। दिमागी विकास पर भी इसका असर पड़ सकता है। साथ ही बच्चे में हृदय रोग, अस्थमा, टाइप-2 मधुमेह से ग्रसित होने का खतरा बन रहा है।
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