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Ghaziabad News: वकील का फर्जी मृत्यु प्रमाण बनवा महिला ने अपने नाम करा ली 10 करोड़ की जमीन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 28 Oct 2024 03:13 AM IST
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Woman makes fake death certificate of lawyer
got land worth Rs 10 crore in his name
गाजियाबाद/डासना। अधिवक्ता मनोज नागर तहसील में अपनी जमीन का रिकार्ड निकलवाने पहुंचे तो यह देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई कि उनकी दस करोड़ कीमत की जमीन किसी और के नाम हो चुकी है। जानकारी करने पर पता चला कि पूजा नाम की महिला ने जालसाजी करके ईनायतपुर गांव में स्थित उनकी जमीन अपने नाम कराई है।
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अधिवक्ता की ओर से डीएम और डीसीपी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि पूजा ने पहले उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया। इसके बाद कागजों में खुद को उनकी पत्नी दिखा दिया और फिर खुद और अपने बेटे को उनका वारिस बताकर सात बीघा जमीन अपने नाम करा ली। इतना ही नहीं। मनोज कुमार ने खसरा-खतौनी समेत जमीन के और दस्तावेज निकलवाए तो पता चला कि पूजा सात बीघा में से 950 वर्ग गर्ज जमीन प्रोपर्टी डीलरों को बेच भी चुकी है।
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मूलरूप से ईनायतपुर गांव निवासी मनोज नागर दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में अधिवक्ता हैं। वह जनता गार्डन पांडवनगर, दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने बताया कि यह पूरी जालसाजी एक साल पहले हुई। उन्हें इसका पता तीन दिन पहले चला। वह तहसील में जमीन के कागजात निकलवाने के लिए गए थे। जिस पूजा नाम की महिला ने यह हेराफेरी की है, वह उसे जानते तक नहीं है।
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जालसाजी में शामिल हैं



अफसर और कर्मचारी



मनोज नागर ने बताया कि उनकी पत्नी का नाम पूनम है। उनकी दो बेटियां हैं आयुषि और प्रेरणा। एक बेटा है शुभम। पूजा नाम की महिला ने जमीन के दो वारिस बनवाए। एक तो वह खुद और दूसरा उसका बेटा वासु। उसने पांच अक्तूबर 2023 को जमीन अपने नाम कराई। इसके लिए एक फरवरी 2023 को फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराया गया। गांव के सचिव, तहसील के राजस्व निरीक्षक और अधिकारियों ने बिना किसी जांच के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया। इसी तरह सत्यापन किए बगैर जमीन पूजा के नाम कर दी। जालसाजी में अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।



पंचायत दिखाकर



फर्जी गवाह बनाए



मनोज नागर ने बताया कि पूजा के आवेदन पर जिस ग्राम सचिव ने उनके नाम का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया, उसने गांव में फर्जी पंचायत दिखाई। उसमें कुछ लोगों को गवाह बना दिया। दिखाया गया कि ग्रामीणों ने मनोज नागर के मृत होने की पुष्टि की है। इसके बाद प्रमाणपत्र जारी किया गया। गांव में इस तरह की कोई पंचायत नहीं हुई। वह भले ही दिल्ली रहते हैं, लेकिन गांव में आना जाना रहता है। उनके परिवार के लोग भी गांव में रहते हैं। इसके बावजूद यह जालसाजी की गई




डीएम ने दिए जांच के आदेश



डीएम ने इस मामले की जांच बैठा दी है। मनोज नागर ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर भी दे दी है।एसीपी लिपि नगायच ने बताया कि जांच चौकी प्रभारी को सौंपी गई है। सभी पक्षों से बात कर वह रिपोर्ट देंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। एसडीएम सदर अरुण दीक्षित का कहना है कि शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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