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Ghaziabad News: डमी पेपर ना मिला तो ऑनलाइन खरीदा था ब्लूटूथ डिवाइस
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लोनी। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के पावी स्थित स्कूल में पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर आई छात्रा रिया के लिए उसके साथियों ने डमी पेपर खरीदने का प्रयास किया था। रिया के साथियों को जब एग्जाम सीट का डमी पेपर नहीं मिला तो उन्होंने ऑनलाइन साइट पर जाकर यह डिवाइस खरीदा था। वहीं, रिया की मदद करने वाले आरोपी गुरुवचन उसको पहले से जानता था। पुलिस पूछताछ में यह बातें सामने आई हैं।
एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि गुरुवचन से पूछताछ में पता चला है कि रिया को वह पहले से जानता था। मेरठ में दोनों मिले थे। गुरुवचन ने ही रिया की मदद की थी। गुरुवचन पहले एक बार परीक्षा दे चुका था। उसको इस परीक्षा के बारे में जानकारी थी। शनिवार को रिया की परीक्षा थी, रविवार को गुरु वचन और राजकुमार को भी परीक्षा देना था। गुरुवचन ने रिया को पास करने के लिए पहले परीक्षा सीट की डमी पेपर खरीदने की कोशिश की थी। उसने किसी अपने जानने वाले से डमी परीक्षा शीट के लिए सेटिंग की थी लेकिन उसे डमी परीक्षा सीट नहीं मिली। इसके बाद उसने ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से एग्जाम दिलाने की योजना बनाई। गुरुवचन ने अपने साथी राजकुमार के साथ मिलकर पांच से सात हजार में यह डिवाइस ऑनलाइन खरीदी थी। एसीपी ने बताया कि अभी मामले में और जांच की जा रही है। एसटीएफ टीम भी इस गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए लगातार अलग-अलग स्थान पर दबिश दे रही है।
ग्रुप के सदस्यों से बात लीक हुई तो एटीएस तक पहुंची
एसीपी ने बताया कि गुरु वचन के साथ आठ से 10 लोगों का गिरोह है, जो इस तरह का काम करते हैं। गिरोह के किसी एक सदस्य के माध्यम से यह बात लीक हुई थी कि यह जब पुलिस भर्ती में कुछ छात्र-छात्राओं को एग्जाम करने में मदद करेंगे। इसके एवज में यह मोटी रकम वसूलते हैं। बता दें की यूपी एसटीएफ ने छापा मारकर पावी स्थित एक स्कूल में कपड़े में छुपा कर ब्लूटूथ डिवाइस एग्जाम हॉल में ले जाने वाली छात्रा रिया और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया था। रिया एग्जाम हॉल में बैठकर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से सवाल बोल रही थी, इस स्कूल के बाहर गाड़ी में बैठे रिया के नाबालिग भाई और उसके दो साथी गुरुवचन और राजकुमार उसे सवाल का उत्तर दे रहे थे।
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एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि गुरुवचन से पूछताछ में पता चला है कि रिया को वह पहले से जानता था। मेरठ में दोनों मिले थे। गुरुवचन ने ही रिया की मदद की थी। गुरुवचन पहले एक बार परीक्षा दे चुका था। उसको इस परीक्षा के बारे में जानकारी थी। शनिवार को रिया की परीक्षा थी, रविवार को गुरु वचन और राजकुमार को भी परीक्षा देना था। गुरुवचन ने रिया को पास करने के लिए पहले परीक्षा सीट की डमी पेपर खरीदने की कोशिश की थी। उसने किसी अपने जानने वाले से डमी परीक्षा शीट के लिए सेटिंग की थी लेकिन उसे डमी परीक्षा सीट नहीं मिली। इसके बाद उसने ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से एग्जाम दिलाने की योजना बनाई। गुरुवचन ने अपने साथी राजकुमार के साथ मिलकर पांच से सात हजार में यह डिवाइस ऑनलाइन खरीदी थी। एसीपी ने बताया कि अभी मामले में और जांच की जा रही है। एसटीएफ टीम भी इस गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए लगातार अलग-अलग स्थान पर दबिश दे रही है।
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ग्रुप के सदस्यों से बात लीक हुई तो एटीएस तक पहुंची
एसीपी ने बताया कि गुरु वचन के साथ आठ से 10 लोगों का गिरोह है, जो इस तरह का काम करते हैं। गिरोह के किसी एक सदस्य के माध्यम से यह बात लीक हुई थी कि यह जब पुलिस भर्ती में कुछ छात्र-छात्राओं को एग्जाम करने में मदद करेंगे। इसके एवज में यह मोटी रकम वसूलते हैं। बता दें की यूपी एसटीएफ ने छापा मारकर पावी स्थित एक स्कूल में कपड़े में छुपा कर ब्लूटूथ डिवाइस एग्जाम हॉल में ले जाने वाली छात्रा रिया और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया था। रिया एग्जाम हॉल में बैठकर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से सवाल बोल रही थी, इस स्कूल के बाहर गाड़ी में बैठे रिया के नाबालिग भाई और उसके दो साथी गुरुवचन और राजकुमार उसे सवाल का उत्तर दे रहे थे।
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