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Ghaziabad News: सात घंटे के जाम में फंसे बराती, मरीज और स्कूली बच्चे
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साहिबाबाद। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड से कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को संभल जाने से रोकने के लिए यूपी गेट को बुधवार सुबह सात बजे ही पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस ने एक के बाद एक तीन लाइन में लोहे के बैरिकेड लगाकर यूपी की तरफ जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया। पुलिस ने पूरी सख्ती दिखाकर कांग्रेस नेताओं को रोका लेकिन इसके साथ ही ट्रैफिक भी रुक गया।
ट्रैफिक जाम में स्कूली बच्चे, एंबुलेंस से जा रहे मरीज और बरात की गाड़ियां भी फंस गईं। नौकरीपेशा लोग ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंच पाए। कई स्कूलों में प्री-बोर्ड की परीक्षा चल रही है। जाम में फंसे बच्चे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9 और लिंक रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
राहुल और प्रियंका के वापस जाने तक पुलिस ने जाम खुलवाने की तरफ ध्यान ही नहीं दिया। दोनों नेता 12: 40 बजे के बाद वापस गए। तब तक इतना भीषण जाम लग चुका था कि पुलिस के खुलवाए भी नहीं खुला। दोपहर दो बजे वाहन निकल पाए। इस तरह सुबह सात से दोपहर दो बजे तक सात घंटे लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ी। यूपी गेट पर टीएचए के सभी थानों की फोर्स के साथ रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात की गई थी।
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दूल्हा भी फंसा जाम में पुलिस ने निकलवाया
(बराती नहीं निकल पाए)
एनएच-9 पर लगे ट्रैफिक जाम में दूल्हे का गाड़ी और बरातियों की बस भी फंस गई। एक घंटे तक दूल्हा और बराती जाम खुलने का इंतजार करते रहे। इसके बाद दूल्हा गाड़ी से उतरा और पुलिस के पास पहुंचे। दिल्ली से आ रहे दूल्हे ने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसे मेरठ जाना है। दिन की शादी है। अगर जाम में फंसा रहा तो शादी का मुहूर्त निकल जाएगा। इस पर पुलिस ने जैसे तैसे दूल्हे की गाड़ी निकलवा दी लेकिन बरातियों की बस फंसी ही रही।
अगर जाम में फंसा रहा तो वारंट जारी हो जाएगा
(पुलिस को दिखाया सम्मन)
एनएच-9 पर एक कार से निकले युवक ने पुलिसकर्मियों को कोर्ट का सम्मन दिखाया। उसने बताया कि उसे मेरठ में एक केस में कोर्ट में पेश होना है। दो सम्मन पहले आ चुके हैं। अगर एक और बार कोर्ट में नहीं पहुंच सका तो गिरफ्तारी वारंट जारी हो जाएगा। पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद नहीं की। वह लोगों से गुजारिश करता रहा और अपनी कार के निकलने का रास्ता बनाया। इसके बाद मेरठ के लिए चला गया।
मरीज की हालत बिगड़ रही है, एंबुलेंस निकलवाइए
(तीरमारदारों ने की मिन्नत)
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाम में चार एंबुलेंस फंस गई। एक से तीमारदार निकले और पुलिस से कहा, हमारे मरीज की हालत बिगड़ रही है। कुछ भी करके एंबुलेंस के लिए रास्ता खुलवाइए। पुलिस ने सड़क के किनारे से एक-एक कर एंबुलेंस को निकलवाया। इसके अलावा स्कूली बच्चे बस से उतरकर पुलिस के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी परीक्षा छूट जाएगी। मेरठ जा रहे एक बुजुर्ग ने पुलिस से कहा कि उनके रिश्तेदार का इंतकाल हो गया है। पुलिस ने उनसे कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा।
कांग्रेसियों पर फूटा ट्रैफिक जाम में फंसे लोगों का गुस्सा
साहिबाबाद। ट्रैफिक जाम में फंसे लोग एक बजे तक तो जैसे तैसे परेशानी झेलते रहे लेकिन राहुल और प्रियंका गांधी के वापस चले जाने के बाद उनका धैर्य जवाब दे गया। कई लोग वाहनों से उतरकर पुलिस के पास पहुंच गए और बैरिकेडिंग हटाने के लिए कहा। पुलिस ने उनकी बात सुनकर अनसुनी कर दी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेसियों से सवाल किया कि जब आपके नेता चले गए तो आप लोग क्यों नहीं चले जाते? इस पर एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने विरोध जाहिर कर दिया। यह देख लोग और भड़क गए। उन्होंने कांग्रेसियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। राहुल गांधी के खिलाफ नारे भी लगाए। कुछ देर तक तो पुलिस चुपचाप देखती रही लेकिन बात बढ़ने लगी तो बीच-बचाव किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी वापस चल दिए।
संभल में निषेधाज्ञा लागू होने की वजह से राहुल गांधी को रोका गया था। बातचीत के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। कुछ देर बाद यातायात व्यवस्था को सुचारू कर दिया गया था। - निमिष पाटिल, डीसीपी ट्रांस हिंडन
मुसीबत के पल
सुबह 7:00 बजे - ट्रांस हिंडन पुलिस ने एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले रूट पर बैरीकेडिंग लगाई। ट्रैफिक रुक गया।
सुबह 7:30 बजे - यूपी गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आना शुरू हुआ। पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी बैरिकेडिंग लगा दी।
सुबह 8:30 बजे - कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी की। कांग्रेस के यूपी, बिहार, दिल्ली और केरल के नेता पहुंचे।
सुबह 10:40 बजे - यूपी गेट बॉर्डर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक आए। पुलिस ने आते ही रोक लिया।
सुबह 11:00 बजे - ट्रैफिक जाम से परेशान लोग पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने उनकी बात सुनकर अनसुनी कर दी। लोगों ने हंगामा किया।
सुबह 11:30 बजे - राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से यूपी पुलिस ने बातचीत की। पुलिस ने साफ कहा कि किसी भी सूरत में यहां से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
दोपहर 12:10 बजे - राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपनी गाड़ी के बाहर निकलकर लोगों से बात की। प्रियंका ने कहा कि पुलिस की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं।
दोपहर 12:43 बजे - राहुल गांधी और प्रियंका गांधी यूपी गेट से वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए। कई कांग्रेसी नेता यूपी गेट पर ही डटे रहे।
दोपहर एक बजे - जाम में फंसे लोगों का गुस्सा फूटा। पहले पुलिस से उलझे। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की।
दोपहर दो बजे - ट्रैफिक जाम खुला। यातायात सामान्य हुआ।
संभल में सरकार क्या छिपाना चाहती है
साहिबाबाद। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि संभल जरूर जांएगे। वहां के लोगों का दुख, दर्द जानेंगे। पांच लोगों की हत्या हुई है, सरकार क्या छिपाना चाहती है, क्यों वहां लोगों को जाने से रोक रही है। डर किस बात का है, कौन सा खुलासा हो जाएगा। महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था पर बात नहीं कर रही है।
उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा, अमेरिका में एफआईआर हुआ है, वारंट जारी हुआ है। उस पर सरकार चर्चा नहीं करना चाहती है। संभल की घटना पर सरकार चर्चा नहीं करना चाहती। यह डरी हुई सरकार है, अगर सरकार डरती है तो पुलिस को आगे करती है।
यह लोकतंत्र की व्यवस्था है। हम लोग सूचना देकर संभल जा रहे हैं इसके बावजूद प्रशासन रोक रही है। यह सांविधानिक अधिकारों का हनन है। पुलिस प्रशासन यदि हमें शांति से वहां जानें दे तो इतना बखेड़ा ही खड़ा न हो, पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था भी नहीं संभाल पा रही। - किशोर लाल शर्मा, सांसद, अमेठी
इनके आतंक से राहुल के प्यार, मोहब्बत का कदम पीछे नहीं हटेगा। संभल में पुलिस ने कानून के खिलाफ काम किया है। न्यायिक यात्राएं कर रहे हैं, दो व्यक्तियों के मल्ल युद्ध में आम जनता पिस रही है। राहुल गांधी देश बचाने का सपना देखते हैं। - पप्पू यादव, पूर्णिया, सांसद
हमें रोकना है तो रोकिए लेकिन ट्रैफिक जाम करके लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है। हम कानून का उल्लंघन करें तो गिरफ्तार करें, जेल भेजे लेकिन बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को रोकना गलत है। - इमरान मसूद, सहारनपुर, सांसद
पुलिस ने हमें बताया कि वह हमें 4-5 दिनों के बाद अनुमति देंगे। उन्होंने जानबूझकर यातायात अवरुद्ध किया है। हम आम लोगों के लिए समस्याएं पैदा नहीं करना चाहते हैं। - केसी वेणुगोपाल, अलपुझा (केरल) सांसद
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ट्रैफिक जाम में स्कूली बच्चे, एंबुलेंस से जा रहे मरीज और बरात की गाड़ियां भी फंस गईं। नौकरीपेशा लोग ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंच पाए। कई स्कूलों में प्री-बोर्ड की परीक्षा चल रही है। जाम में फंसे बच्चे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9 और लिंक रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
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राहुल और प्रियंका के वापस जाने तक पुलिस ने जाम खुलवाने की तरफ ध्यान ही नहीं दिया। दोनों नेता 12: 40 बजे के बाद वापस गए। तब तक इतना भीषण जाम लग चुका था कि पुलिस के खुलवाए भी नहीं खुला। दोपहर दो बजे वाहन निकल पाए। इस तरह सुबह सात से दोपहर दो बजे तक सात घंटे लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ी। यूपी गेट पर टीएचए के सभी थानों की फोर्स के साथ रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात की गई थी।
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दूल्हा भी फंसा जाम में पुलिस ने निकलवाया
(बराती नहीं निकल पाए)
एनएच-9 पर लगे ट्रैफिक जाम में दूल्हे का गाड़ी और बरातियों की बस भी फंस गई। एक घंटे तक दूल्हा और बराती जाम खुलने का इंतजार करते रहे। इसके बाद दूल्हा गाड़ी से उतरा और पुलिस के पास पहुंचे। दिल्ली से आ रहे दूल्हे ने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसे मेरठ जाना है। दिन की शादी है। अगर जाम में फंसा रहा तो शादी का मुहूर्त निकल जाएगा। इस पर पुलिस ने जैसे तैसे दूल्हे की गाड़ी निकलवा दी लेकिन बरातियों की बस फंसी ही रही।
अगर जाम में फंसा रहा तो वारंट जारी हो जाएगा
(पुलिस को दिखाया सम्मन)
एनएच-9 पर एक कार से निकले युवक ने पुलिसकर्मियों को कोर्ट का सम्मन दिखाया। उसने बताया कि उसे मेरठ में एक केस में कोर्ट में पेश होना है। दो सम्मन पहले आ चुके हैं। अगर एक और बार कोर्ट में नहीं पहुंच सका तो गिरफ्तारी वारंट जारी हो जाएगा। पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद नहीं की। वह लोगों से गुजारिश करता रहा और अपनी कार के निकलने का रास्ता बनाया। इसके बाद मेरठ के लिए चला गया।
मरीज की हालत बिगड़ रही है, एंबुलेंस निकलवाइए
(तीरमारदारों ने की मिन्नत)
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाम में चार एंबुलेंस फंस गई। एक से तीमारदार निकले और पुलिस से कहा, हमारे मरीज की हालत बिगड़ रही है। कुछ भी करके एंबुलेंस के लिए रास्ता खुलवाइए। पुलिस ने सड़क के किनारे से एक-एक कर एंबुलेंस को निकलवाया। इसके अलावा स्कूली बच्चे बस से उतरकर पुलिस के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी परीक्षा छूट जाएगी। मेरठ जा रहे एक बुजुर्ग ने पुलिस से कहा कि उनके रिश्तेदार का इंतकाल हो गया है। पुलिस ने उनसे कुछ देर इंतजार करने के लिए कहा।
कांग्रेसियों पर फूटा ट्रैफिक जाम में फंसे लोगों का गुस्सा
साहिबाबाद। ट्रैफिक जाम में फंसे लोग एक बजे तक तो जैसे तैसे परेशानी झेलते रहे लेकिन राहुल और प्रियंका गांधी के वापस चले जाने के बाद उनका धैर्य जवाब दे गया। कई लोग वाहनों से उतरकर पुलिस के पास पहुंच गए और बैरिकेडिंग हटाने के लिए कहा। पुलिस ने उनकी बात सुनकर अनसुनी कर दी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेसियों से सवाल किया कि जब आपके नेता चले गए तो आप लोग क्यों नहीं चले जाते? इस पर एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने विरोध जाहिर कर दिया। यह देख लोग और भड़क गए। उन्होंने कांग्रेसियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। राहुल गांधी के खिलाफ नारे भी लगाए। कुछ देर तक तो पुलिस चुपचाप देखती रही लेकिन बात बढ़ने लगी तो बीच-बचाव किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी वापस चल दिए।
संभल में निषेधाज्ञा लागू होने की वजह से राहुल गांधी को रोका गया था। बातचीत के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। कुछ देर बाद यातायात व्यवस्था को सुचारू कर दिया गया था। - निमिष पाटिल, डीसीपी ट्रांस हिंडन
मुसीबत के पल
सुबह 7:00 बजे - ट्रांस हिंडन पुलिस ने एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले रूट पर बैरीकेडिंग लगाई। ट्रैफिक रुक गया।
सुबह 7:30 बजे - यूपी गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आना शुरू हुआ। पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी बैरिकेडिंग लगा दी।
सुबह 8:30 बजे - कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी की। कांग्रेस के यूपी, बिहार, दिल्ली और केरल के नेता पहुंचे।
सुबह 10:40 बजे - यूपी गेट बॉर्डर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक आए। पुलिस ने आते ही रोक लिया।
सुबह 11:00 बजे - ट्रैफिक जाम से परेशान लोग पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने उनकी बात सुनकर अनसुनी कर दी। लोगों ने हंगामा किया।
सुबह 11:30 बजे - राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से यूपी पुलिस ने बातचीत की। पुलिस ने साफ कहा कि किसी भी सूरत में यहां से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
दोपहर 12:10 बजे - राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपनी गाड़ी के बाहर निकलकर लोगों से बात की। प्रियंका ने कहा कि पुलिस की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं।
दोपहर 12:43 बजे - राहुल गांधी और प्रियंका गांधी यूपी गेट से वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए। कई कांग्रेसी नेता यूपी गेट पर ही डटे रहे।
दोपहर एक बजे - जाम में फंसे लोगों का गुस्सा फूटा। पहले पुलिस से उलझे। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की।
दोपहर दो बजे - ट्रैफिक जाम खुला। यातायात सामान्य हुआ।
संभल में सरकार क्या छिपाना चाहती है
साहिबाबाद। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि संभल जरूर जांएगे। वहां के लोगों का दुख, दर्द जानेंगे। पांच लोगों की हत्या हुई है, सरकार क्या छिपाना चाहती है, क्यों वहां लोगों को जाने से रोक रही है। डर किस बात का है, कौन सा खुलासा हो जाएगा। महंगाई, बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था पर बात नहीं कर रही है।
उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा, अमेरिका में एफआईआर हुआ है, वारंट जारी हुआ है। उस पर सरकार चर्चा नहीं करना चाहती है। संभल की घटना पर सरकार चर्चा नहीं करना चाहती। यह डरी हुई सरकार है, अगर सरकार डरती है तो पुलिस को आगे करती है।
यह लोकतंत्र की व्यवस्था है। हम लोग सूचना देकर संभल जा रहे हैं इसके बावजूद प्रशासन रोक रही है। यह सांविधानिक अधिकारों का हनन है। पुलिस प्रशासन यदि हमें शांति से वहां जानें दे तो इतना बखेड़ा ही खड़ा न हो, पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था भी नहीं संभाल पा रही। - किशोर लाल शर्मा, सांसद, अमेठी
इनके आतंक से राहुल के प्यार, मोहब्बत का कदम पीछे नहीं हटेगा। संभल में पुलिस ने कानून के खिलाफ काम किया है। न्यायिक यात्राएं कर रहे हैं, दो व्यक्तियों के मल्ल युद्ध में आम जनता पिस रही है। राहुल गांधी देश बचाने का सपना देखते हैं। - पप्पू यादव, पूर्णिया, सांसद
हमें रोकना है तो रोकिए लेकिन ट्रैफिक जाम करके लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है। हम कानून का उल्लंघन करें तो गिरफ्तार करें, जेल भेजे लेकिन बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को रोकना गलत है। - इमरान मसूद, सहारनपुर, सांसद
पुलिस ने हमें बताया कि वह हमें 4-5 दिनों के बाद अनुमति देंगे। उन्होंने जानबूझकर यातायात अवरुद्ध किया है। हम आम लोगों के लिए समस्याएं पैदा नहीं करना चाहते हैं। - केसी वेणुगोपाल, अलपुझा (केरल) सांसद