{"_id":"67ae42a617b7846ce20a999a","slug":"warning-given-to-leave-job-if-acr-is-sent-as-normal-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-573448-2025-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: एसीआर सामान्य भेजने पर नौकरी छोड़ने की दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: एसीआर सामान्य भेजने पर नौकरी छोड़ने की दी चेतावनी
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में कार्यरत स्टाफ और चिकित्सकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) शासन को भेजने पर दो चिकित्सकों ने एसीआर पर सीएमएस से आपत्ति दर्ज कराई है। दाेनों चिकित्सकों का कहना है कि वह अस्पताल में हर समय मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध रहते हैं। इसके बावजूद उनकी एसीआर सामान्य भेजी गई है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि जल्द ही नौकरी छोड़ देंगे। हालांकि किसी भी चिकित्सकों ने सीएमएस को लिखित में शिकायत नहीं दी है।
बृहस्पतिवार को अस्पताल में कार्यरत एक चिकित्सक की सीएमएस कक्ष में काफी बहस भी हो गई। वहीं, दूसरे चिकित्सक का कहना था कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के अलावा भी मरीजों के इलाज में पूरा योगदान देते हैं। इसके बावजूद उनकी रिपोर्ट सामान्य भेजी गई है। सीएमएस के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इस कार्यप्रणाली से मनोबल गिरता है। चिकित्सकों का कहना था कि इलाज के अलावा पोस्टमार्टम और वीआईपी ड्यूटी में कभी भी किसी तरह की लापरवाही नहीं की। इसके बावजूद उनके साथ गलत व्यवहार किया गया।
सीएमएस डॉ.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी स्टाफ या चिकित्सक के कार्य का मूल्यांकन उसके कार्य प्रदर्शन के अनुसार ही किया जाता है। किसी भी तरह का पक्षपात नहीं किया गया है। एसीआर गोपनीय होती है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है। इसकी जांच कराई जाएगी कि किसके स्तर से रिपोर्ट लीक की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में कार्यरत स्टाफ और चिकित्सकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) शासन को भेजने पर दो चिकित्सकों ने एसीआर पर सीएमएस से आपत्ति दर्ज कराई है। दाेनों चिकित्सकों का कहना है कि वह अस्पताल में हर समय मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध रहते हैं। इसके बावजूद उनकी एसीआर सामान्य भेजी गई है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि जल्द ही नौकरी छोड़ देंगे। हालांकि किसी भी चिकित्सकों ने सीएमएस को लिखित में शिकायत नहीं दी है।
बृहस्पतिवार को अस्पताल में कार्यरत एक चिकित्सक की सीएमएस कक्ष में काफी बहस भी हो गई। वहीं, दूसरे चिकित्सक का कहना था कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के अलावा भी मरीजों के इलाज में पूरा योगदान देते हैं। इसके बावजूद उनकी रिपोर्ट सामान्य भेजी गई है। सीएमएस के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इस कार्यप्रणाली से मनोबल गिरता है। चिकित्सकों का कहना था कि इलाज के अलावा पोस्टमार्टम और वीआईपी ड्यूटी में कभी भी किसी तरह की लापरवाही नहीं की। इसके बावजूद उनके साथ गलत व्यवहार किया गया।
विज्ञापन
सीएमएस डॉ.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी स्टाफ या चिकित्सक के कार्य का मूल्यांकन उसके कार्य प्रदर्शन के अनुसार ही किया जाता है। किसी भी तरह का पक्षपात नहीं किया गया है। एसीआर गोपनीय होती है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है। इसकी जांच कराई जाएगी कि किसके स्तर से रिपोर्ट लीक की गई है।
विज्ञापन