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Ghaziabad News: विश्वामित्र के अयोध्या पहुंचने और ताड़का वध की लीला ने बांधा समां
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मुरादनगर। श्री बड़ी रामलीला कमेटी की ओर से चल रही रामलीला में मंचन करते कलाकार। संवाद
मुरादनगर। रावली रोड चुंगी नंबर तीन स्थित रामलीला मैदान में श्री बड़ी रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित 95वें रामलीला महोत्सव के चौथे दिन महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन और ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय और संवादों ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा। ताड़का वध के दौरान मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
रामलीला मंचन में दिखाया गया कि महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ में राक्षस लगातार बाधा डाल रहे थे। यज्ञ की रक्षा के लिए विश्वामित्र अयोध्या पहुंचे और राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ भेजने का आग्रह किया। पुत्रों को भेजने की बात पर राजा दशरथ चिंतित हो गए, लेकिन गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने दोनों राजकुमारों को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेज दिया। मार्ग में विश्वामित्र ने श्रीराम और लक्ष्मण को ताड़का के आतंक के बारे में बताया। इसके बाद श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषि-मुनियों और क्षेत्रवासियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई। ताड़का वध के युद्ध दृश्य पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अरविंद सिंघल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं और मजबूत की जा रही हैं। परिसर में कैमरे और अग्निशमन यंत्र लगाने की व्यवस्था की जा रही है। कमेटी के सदस्य श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहे हैं। धर्मप्रकाश, परमानंद गर्ग, सतीश चंद मित्तल, चेयरमैन दीपक मित्तल, अध्यक्ष मोहित मुंडे, महामंत्री अंकित गर्ग, मोहित गर्ग, कोषाध्यक्ष अंकुर मित्तल, नरेश कश्यप, मनोज शर्मा, राजेंद्र सक्सेना, नवीन गर्ग, नीरज जांगिड़, गीता सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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रामलीला मंचन में दिखाया गया कि महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ में राक्षस लगातार बाधा डाल रहे थे। यज्ञ की रक्षा के लिए विश्वामित्र अयोध्या पहुंचे और राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ भेजने का आग्रह किया। पुत्रों को भेजने की बात पर राजा दशरथ चिंतित हो गए, लेकिन गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्होंने दोनों राजकुमारों को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेज दिया। मार्ग में विश्वामित्र ने श्रीराम और लक्ष्मण को ताड़का के आतंक के बारे में बताया। इसके बाद श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषि-मुनियों और क्षेत्रवासियों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई। ताड़का वध के युद्ध दृश्य पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अरविंद सिंघल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं और मजबूत की जा रही हैं। परिसर में कैमरे और अग्निशमन यंत्र लगाने की व्यवस्था की जा रही है। कमेटी के सदस्य श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहे हैं। धर्मप्रकाश, परमानंद गर्ग, सतीश चंद मित्तल, चेयरमैन दीपक मित्तल, अध्यक्ष मोहित मुंडे, महामंत्री अंकित गर्ग, मोहित गर्ग, कोषाध्यक्ष अंकुर मित्तल, नरेश कश्यप, मनोज शर्मा, राजेंद्र सक्सेना, नवीन गर्ग, नीरज जांगिड़, गीता सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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