पैरा एथलीट चिराग हत्याकांड: ग्रामीणों में फूटा आक्रोश, सड़क जाम कर उठी एनकाउंटर की मांग; आर्थिक मदद की गुहार
इंटरनेशनल पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या के बाद बसंतपुर सैंथली गांव में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पार्थिव शरीर पहुंचने पर सड़क जाम कर हत्यारे के एनकाउंटर और परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता की मांग की गई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गाजियाबाद के बसंतपुर सैंथली गांव निवासी इंटरनेशनल पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या के बाद रविवार को गांव में आक्रोश फूट पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही चिराग का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने हत्यारे के एनकाउंटर और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर अंतिम संस्कार हो सका।
रविवार दोपहर चिराग का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव के मुख्य गेट पर जमा हो गए थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने एंबुलेंस को दूसरे रास्ते से गांव में प्रवेश कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने एंबुलेंस को रोक लिया और शव को गांव के जूनियर हाईस्कूल के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने हत्यारे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग करते हुए नारेबाजी की।
उनका कहना था कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके खिलाड़ी को न्याय दिलाने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, विधायक अजीत पाल त्यागी, जिलाधिकारी और एडिशनल सीपी कानून-व्यवस्था गांव पहुंचे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों तथा परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया।
परिजनों के अनुसार चिराग त्यागी इंटरनेशनल पैरा एथलीट थे और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके थे। उनका चयन अंतरराष्ट्रीय टीम में हो चुका था और वह अगले महीने भारत की ओर से जापान में प्रतियोगिता खेलने जाने वाले थे। परिजनों का आरोप है कि चिराग की सफलता से उसका साथी यश अंदर ही अंदर जलन रखता था। आरोप है कि शनिवार को दिल्ली स्थित स्पोर्ट्स अकादमी से लौटते समय यश ने अपने साथी के साथ मिलकर चिराग की हत्या कर शव गाजियाबाद के साई उपवन क्षेत्र में फेंक दिया।
तिरंगे में दी गई अंतिम विदाई
ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने चिराग के पार्थिव शरीर को तिरंगे से सम्मानपूर्वक ढंकवाया। एडिशनल सीपी ने भरोसा दिलाया कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। वहीं कैबिनेट मंत्री और विधायक ने तत्काल पांच लाख रुपये की सहायता और शासन स्तर पर अतिरिक्त आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और शाम को चिराग का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ग़म में डूबा गांव, माता पिता हुए बेसुध
इंटरनेशनल खिलाड़ी चिराग की अंतिम यात्रा में पूरा गांव उमड़ पड़ा। तिरंगे में लिपटे बेटे को अंतिम विदाई देते समय पिता मनोज त्यागी और मां निशा त्यागी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों के विलाप और गांव के माहौल ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। ग्रामीणों का कहना था कि चिराग भारत की ओर से खेलकर जिले और देश का नाम रोशन करने वाला होनहार खिलाड़ी था।