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अतिक्रमण का शिकार, सबसे पुराना फर्नीचर बाजार

Sat, 25 Feb 2017 12:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद Updated Sat, 25 Feb 2017 12:36 AM IST
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Victim of encroachment, the oldest furniture market
अतिक्रमण के कारण रमते राम रोड पर लगा जाम - फोटो : अमर उजाला
अतिक्रमण का दंश शहर का सबसे पुराना फर्नीचर मार्केट ‘रमतेराम रोड बाजार’ भी झेल रहा है। करीब एक किलोमीटर के दायरे में फैला यह बाजार अतिक्रमण की चपेट में इस तरह घिरा है कि यहां दिनभर ट्रैफिक जाम रहता है।
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बाजार के एक छोर से दूसरे छोर तक करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ग्राहकों को आधे घंटे का समय लग जाता है। इस फर्नीचर बाजार के माथे पर अतिक्रमण और जाम का ‘कलंक’ ऐसा लगा कि अब ग्राहक यहां आने से भी कतराने लगे हैं।
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रमते राम रोड मार्केट में फर्नीचर की दुकानें और बड़े शोरूम हैं। रात को बाजार बंद होने के बाद यहां सड़कें चौड़ी नजर आती हैं लेकिन सुबह 9 बजे के बाद सड़कों की सूरत बदल जाती है।
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दुकानों के बाहर 10-10 फीट आगे तक फर्नीचर का सामान रख दिया जाता है। ऐसे में सड़क पर वाहनों का निकलना दूभर हो जाता है। ऐसे में वाहन चालकों के साथ यहां रहने वाले लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 

शोरूम और मॉल का रुख करने लगे ग्राहक
पुराने समय में फर्नीचर की दुकानें सिर्फ रमतेराम रोड पर ही हुआ करती थीं लेकिन अतिक्रमण और जाम की वजह से अब दुकानदार यहां से शिफ्ट होने लगे हैं। खुले बाजारों में भी फर्नीचर की दुकानें खुलने लगी हैं।

इसके अलावा रेडिमेड कपड़े, सेनेट्री, फुटवियर के ग्राहक भी इस बाजार से मुंह मोड़ने लगे हैं। ग्राहक अब कालोनियों के बीच बने छोटे बाजार और शॉपिंग मॉल का रुख कर रहे हैं।

पार्किंग की किल्लत से घट रहा कारोबार 
रमते राम रोड मार्केट में करीब 700 से ज्यादा दुकानें हैं लेकिन यहां न तो दुकानदारों के लिए वाहन पार्किंग की व्यवस्था है और न ही ग्राहकों के लिए। ग्राहक अगर यहां आ भी जाते हैं तो उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती वाहन खड़ा करने की होती है।

कई बार जाम को देखकर ग्राहक दूसरे बाजारों का रुख कर लेते हैं। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की मानें तो जाम की वजह से ही रमते राम रोड बाजार के कारोबार में हर महीने करोड़ों का नुकसान हो रहा है। जाम से निजात मिले तो आमदनी बढ़ सकती है।

कारोबारी बोले
अतिक्रमण और जाम की वजह से कारोबार पर असर पड़ रहा है। सरकारी स्तर पर व्यापारियों को पार्किंग आदि की सहूलियत नहीं मिल रही है। जल्द ही अतिक्रमण हटाने को लेकर व्यापारी खुद पहल करेंगे। 
- गौरव अग्रवाल, फर्नीचर कारोबारी

रमते राम रोड की सबसे बड़ी समस्या यहां पार्किंग की व्यवस्था न होना है। ग्राहक अपनी गाड़ियां दुकानों के सामने खड़ी कर चले जाते हैं। इसकी वजह से परेशानी होती है। निगम की पार्किंग शुरू तो हो गई है लेकिन रमते राम रोड पर गेट नहीं खोला गया। 

- अशोक भारतीय, फर्नीचर कारोबारी

ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम का सहयोग मिले तो बाजार से अतिक्रमण और जाम की समस्या दूर हो सकती है। पुलिस अधिकारियों से वार्ता की गई है। चुनाव बाद अतिक्रमण और जाम को लेकर ठोस योजना बनाकर लागू की जाएगी।
  - राकेश स्वामी, अध्यक्ष, रमतेराम रोड व्यापार मंडल 
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