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Ghaziabad News: महिला मित्र को स्विट्जरलैंड घुमाने के लिए बने वाहन चोर
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माेदीनगर। भोजपुर पुलिस ने शुक्रवार सुबह चेकिंग के दौरान दो वाहन चोर फैसल और तालिब को गिरफ्तार किया। दोनों छह महीने में दिल्ली-एनसीआर में 15 वाहन चोरी कर चुके हैं। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि वाहन चोरी के पीछे उनका मकसद ढाई-ढाई लाख रुपये इकट्ठा करना था। इस रकम से उन्हें अपनी-अपनी महिला मित्र को स्विट्जरलैंड घुमाने के लिए ले जाना था। महिला मित्र ने इसकी ख्वाहिश जाहिर की थी। उनकी ख्वाहिश पूरी करने के लिए ही वे वाहन चोर बने।
एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि गिरफ्तार चोर पुरानी दिल्ली के सीमापुरी क्षेत्र की इंदिरा-नेहरु कैंप काॅलोनी के निवासी हैं। दोनों ने आठवीं तक पढ़ाई की है। उनकी निशानदेही पर चोरी की आठ स्कूटी और दो बाइक बरामद हुई हैं। दोनों छह महीने से वाहन चोरी कर रहे थे। पुलिस को उनकी तलाश थी। चेकिंग के दौरान पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे। घेराबंदी करने पर हाथ आए। वे चोरी की स्कूटी पर थी। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने 15 वाहन चोरी करना कुबूल किया। वे चोरी के वाहन बेचकर अपनी-अपनी महिला मित्र को विदेश घुमाने के लिए रकम जुटाना चाहते थे। एक मिनट में तोड़ देता है लाॅक : 19 साल के वाहन चोर तालिब ने बताया कि वह एक मिनट से कम समय में महंगी से महंगी बाइक या स्कूटी का लाॅक तोड़ देता है। वाहन चोरी के लिए उसने सबसे पहले यही सीखा। इसमें एक मिस्त्री ने उसकी मदद की। दुकान या शो-रूम के बाहर जैसे ही कोई वाहन खड़ा करके जाता, वैसे ही उसे चोरी कर लेता है।
कलछीना में बना रखा था गोदाम
वाहन चोरों ने कलछीना में गोदाम बना रखा था। इसमें चोरी के वाहन रखते थे। ग्राहक मिलने पर यहीं से बेच देते थे। एक लाख कीमत से एक से दो साल पुरानी बाइक 20 से 25 हजार में दे देते थे। चोरी किए वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते थे। चोरी गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, पलवल और दिल्ली से करते थे। चोरी के वाहनों को मोदीनगर और मुरादनगर के गांवों में बेचते थे।
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पांच लाख का इंतजाम करने का था वादा
फैसल ने बताया कि छह महीने पहले दिल्ली के एक पार्क में घूमते हुए दोनों की महिला मित्र ने कहा था कि तुम कोई काम नहीं करते हो, फिर उनकी ख्वाहिश कैसे पूरी करोगे। ख्वाहिश पूछने पर दोनों ने कहा कि उन्हें स्विट्जरलैंड जाना है, चार लोगों का खर्च लगभग पांच लाख रुपये आएगा। उन्होंने उनसे वादा किया था कि एक साल से कम समय में रकम का इंतजाम करेंगे। कुछ और समझ नहीं आया तो वाहन चोरी करने लगे।
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एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि गिरफ्तार चोर पुरानी दिल्ली के सीमापुरी क्षेत्र की इंदिरा-नेहरु कैंप काॅलोनी के निवासी हैं। दोनों ने आठवीं तक पढ़ाई की है। उनकी निशानदेही पर चोरी की आठ स्कूटी और दो बाइक बरामद हुई हैं। दोनों छह महीने से वाहन चोरी कर रहे थे। पुलिस को उनकी तलाश थी। चेकिंग के दौरान पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे। घेराबंदी करने पर हाथ आए। वे चोरी की स्कूटी पर थी। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने 15 वाहन चोरी करना कुबूल किया। वे चोरी के वाहन बेचकर अपनी-अपनी महिला मित्र को विदेश घुमाने के लिए रकम जुटाना चाहते थे। एक मिनट में तोड़ देता है लाॅक : 19 साल के वाहन चोर तालिब ने बताया कि वह एक मिनट से कम समय में महंगी से महंगी बाइक या स्कूटी का लाॅक तोड़ देता है। वाहन चोरी के लिए उसने सबसे पहले यही सीखा। इसमें एक मिस्त्री ने उसकी मदद की। दुकान या शो-रूम के बाहर जैसे ही कोई वाहन खड़ा करके जाता, वैसे ही उसे चोरी कर लेता है।
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कलछीना में बना रखा था गोदाम
वाहन चोरों ने कलछीना में गोदाम बना रखा था। इसमें चोरी के वाहन रखते थे। ग्राहक मिलने पर यहीं से बेच देते थे। एक लाख कीमत से एक से दो साल पुरानी बाइक 20 से 25 हजार में दे देते थे। चोरी किए वाहनों की नंबर प्लेट बदल देते थे। चोरी गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, पलवल और दिल्ली से करते थे। चोरी के वाहनों को मोदीनगर और मुरादनगर के गांवों में बेचते थे।
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पांच लाख का इंतजाम करने का था वादा
फैसल ने बताया कि छह महीने पहले दिल्ली के एक पार्क में घूमते हुए दोनों की महिला मित्र ने कहा था कि तुम कोई काम नहीं करते हो, फिर उनकी ख्वाहिश कैसे पूरी करोगे। ख्वाहिश पूछने पर दोनों ने कहा कि उन्हें स्विट्जरलैंड जाना है, चार लोगों का खर्च लगभग पांच लाख रुपये आएगा। उन्होंने उनसे वादा किया था कि एक साल से कम समय में रकम का इंतजाम करेंगे। कुछ और समझ नहीं आया तो वाहन चोरी करने लगे।