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Ghaziabad News: यूपीपीसीएस...हेड कॉन्स्टेबल के बेटे ने प्रदेश में हासिल की तीसरी रैंक
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यूपीपीसीएस में चंद्रेश सिंह ने हासिल की तीसरी रैंक
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) परीक्षा में गाजियाबाद से अभय प्रताप सिंह ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया। अभय पुलिस लाइन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल संदेश सिंह के बेटे हैं। उनकी उपलब्धि पर सिर्फ उनका परिवार ही नहीं, पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मी भी गौरवान्वित हैं। दूसरी तरफ लोहियानगर की रहने वाली रश्मि ने 182वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है।
अभय प्रताप सिंह ने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास की है। उनके पिता संदेश ने बताया कि अभय बचपन से ही वर्दी पहनकर देश सेवा करने का सपना देखते थे और उसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की। वह शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से हिंदी ऑनर्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उनका पूरा ध्यान केवल लक्ष्य पर केंद्रित रहा।
परिवार के अनुसार, अभय ने पढ़ाई के लिए दोस्तों और पारिवारिक कार्यक्रमों तक से दूरी बना ली थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले अभय ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में दो बार प्री क्वालिफाई किया, लेकिन मेन्स में असफलता मिली। इससे वह परेशान भी हो गए थे। परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया और उन्होंने दोबारा दृढ़ संकल्प के साथ तैयारी की।
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लोहियानगर निवासी रश्मि ने अपने तीसरे प्रयास में 182वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। उनके पिता सहारनपुर में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। रश्मि ने जीवविज्ञान से स्नातक व जंतु विज्ञान से परास्नातक की पढ़ाई की है। उन्होंने वर्ष 2021 से सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। तैयारी के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और शैक्षणिक पढ़ाई के साथ सिविल सेवा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था।
रश्मि ने बताया कि दो बार मेन्स परीक्षा में असफल होने के बाद उनका मनोबल कमजोर हुआ और तबीयत भी खराब हो गई। उन्हें चिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दवाइयों के सहारे भी उन्होंने तैयारी जारी रखी। उन्होंने मन में ठान लिया था कि बिना फल की चिंता किए केवल कर्म करना है।
रश्मि ने कहा कि तैयारी के दौरान कई बार भावनात्मक रूप से कमजोर पल भी आए, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और पढ़ाई जारी रखी। शैक्षणिक और सिविल सेवा की तैयारी को साथ लेकर चलना कठिन जरूर था, मगर उन्होंने इसे नामुमकिन नहीं माना।
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अभय प्रताप सिंह ने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास की है। उनके पिता संदेश ने बताया कि अभय बचपन से ही वर्दी पहनकर देश सेवा करने का सपना देखते थे और उसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की। वह शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से हिंदी ऑनर्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उनका पूरा ध्यान केवल लक्ष्य पर केंद्रित रहा।
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परिवार के अनुसार, अभय ने पढ़ाई के लिए दोस्तों और पारिवारिक कार्यक्रमों तक से दूरी बना ली थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले अभय ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में दो बार प्री क्वालिफाई किया, लेकिन मेन्स में असफलता मिली। इससे वह परेशान भी हो गए थे। परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया और उन्होंने दोबारा दृढ़ संकल्प के साथ तैयारी की।
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लोहियानगर निवासी रश्मि ने अपने तीसरे प्रयास में 182वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। उनके पिता सहारनपुर में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। रश्मि ने जीवविज्ञान से स्नातक व जंतु विज्ञान से परास्नातक की पढ़ाई की है। उन्होंने वर्ष 2021 से सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। तैयारी के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और शैक्षणिक पढ़ाई के साथ सिविल सेवा की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं था।
रश्मि ने बताया कि दो बार मेन्स परीक्षा में असफल होने के बाद उनका मनोबल कमजोर हुआ और तबीयत भी खराब हो गई। उन्हें चिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दवाइयों के सहारे भी उन्होंने तैयारी जारी रखी। उन्होंने मन में ठान लिया था कि बिना फल की चिंता किए केवल कर्म करना है।
रश्मि ने कहा कि तैयारी के दौरान कई बार भावनात्मक रूप से कमजोर पल भी आए, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और पढ़ाई जारी रखी। शैक्षणिक और सिविल सेवा की तैयारी को साथ लेकर चलना कठिन जरूर था, मगर उन्होंने इसे नामुमकिन नहीं माना।

यूपीपीसीएस में चंद्रेश सिंह ने हासिल की तीसरी रैंक