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Ghaziabad News: भतीजी से दुष्कर्म में चाचा को 21 वर्ष कारावास
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गाजियाबाद। 12 वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म के दोषी रिश्ते के चाचा को पॉक्सो कोर्ट ने 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के विशेष न्यायाधीश भारत सिंह यादव ने दोषी पर 21 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है। दोषी को सजा दिलाने में पीड़िता के बयान के अलावा मेडिकल रिपोर्ट अहम रहे।
लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने पांच मई 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि युवक को उनकी 12 वर्षीय बेटी चाचा कहकर बुलाती थी। स्कूल से आने के बाद वह किशोरी को अपने घर बुलाया। उसके बाद डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने शारीरिक पीड़ा होने पर यह बात अपनी मां को बताई। मां ने जब बेटी से पूछा कि घटना के समय क्यों नहीं बताया तो उसने बताया कि चाचा ने जान से मारने की धमकी दी थी, इसलिए नहीं बताया। शरीर में पीड़ा होने पर इलाज कराने के लिए बताया था। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं में नामजद कर आरोपी को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई सोमवार को पॉक्सो कोर्ट में हुई थी। विशेष लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने बताया कि सुनवाई के दौरान मामले में सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे। केस में पुलिस ने 29 जनवरी 2020 को आरोप पत्र पेश किया था।
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लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने पांच मई 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि युवक को उनकी 12 वर्षीय बेटी चाचा कहकर बुलाती थी। स्कूल से आने के बाद वह किशोरी को अपने घर बुलाया। उसके बाद डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची ने शारीरिक पीड़ा होने पर यह बात अपनी मां को बताई। मां ने जब बेटी से पूछा कि घटना के समय क्यों नहीं बताया तो उसने बताया कि चाचा ने जान से मारने की धमकी दी थी, इसलिए नहीं बताया। शरीर में पीड़ा होने पर इलाज कराने के लिए बताया था। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं में नामजद कर आरोपी को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई सोमवार को पॉक्सो कोर्ट में हुई थी। विशेष लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने बताया कि सुनवाई के दौरान मामले में सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे। केस में पुलिस ने 29 जनवरी 2020 को आरोप पत्र पेश किया था।
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