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Ghaziabad News: डासना सीएचसी में जल्द शुरू होगी अल्ट्रासाउंड जांच
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गाजियाबाद। डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों को अब अल्ट्रासाउंड की सुविधा के लिए प्राइवेट अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। शासन से सीएचसी को अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करा दी गई है। जांच शुरू होने पर गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को जांच के लिए जिला अस्पताल या निजी केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
अस्पताल को हाल ही में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा मिला है। इस दर्जे के साथ स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। एफआरयू बनने के बाद अब यहां सिजेरियन ऑपरेशन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को तत्काल उपचार देने की सुविधा भी विकसित की जा रही है।
अब तक सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए प्राइवेट सेंटरों पर भेजा जाता था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हर माह करीब 300 गर्भवतियों को निजी केंद्रों में अल्ट्रासाउंड के लिए रेफर किया जाता है। अब यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही जांच का लाभ मिलेगा।
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डासना सीएचसी को एफआरयू का दर्जा मिलने के बाद नवजात बच्चों के लिए न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू होने से क्षेत्र की करीब पांच लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और गर्भवती महिलाओं की देखभाल में भी बड़ी सुविधा होगी।
सीएचसी प्रभारी डॉ. प्राची पाल ने बताया कि शासन से अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बाद संचालन से जुड़ी सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। अब मशीन को इंस्टॉल कर जल्द ही जांच शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अस्पताल में डिजिटल एक्सरे की सुविधा शुरू करने के लिए भी प्रयास जारी हैं।
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अस्पताल को हाल ही में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा मिला है। इस दर्जे के साथ स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। एफआरयू बनने के बाद अब यहां सिजेरियन ऑपरेशन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को तत्काल उपचार देने की सुविधा भी विकसित की जा रही है।
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अब तक सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए प्राइवेट सेंटरों पर भेजा जाता था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हर माह करीब 300 गर्भवतियों को निजी केंद्रों में अल्ट्रासाउंड के लिए रेफर किया जाता है। अब यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही जांच का लाभ मिलेगा।
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डासना सीएचसी को एफआरयू का दर्जा मिलने के बाद नवजात बच्चों के लिए न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू होने से क्षेत्र की करीब पांच लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और गर्भवती महिलाओं की देखभाल में भी बड़ी सुविधा होगी।
सीएचसी प्रभारी डॉ. प्राची पाल ने बताया कि शासन से अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बाद संचालन से जुड़ी सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। अब मशीन को इंस्टॉल कर जल्द ही जांच शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अस्पताल में डिजिटल एक्सरे की सुविधा शुरू करने के लिए भी प्रयास जारी हैं।