गाजियाबाद: 100 करोड़ की धोखाधड़ी में दो गिरफ्तार, राजकुमार जैन का बेटा मुख्य आरोपी, अक्षय और प्रतीक के खिलाफ दर्ज हैं 72 मुकदमे
आरोपी फर्जी नक्शा दिखाकर लोगों को विश्वास में लेकर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करते थे। इसके अलावा जीडीए द्वारा पास नक्शे के विपरीत फर्जी दस्तावेज तैयार कर पास नक्शे से अधिक की मंजिल के फ्लैट भी लोगों को बेचकर धोखाधड़ी की।
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रेड एप्पल, मंजू जे होम्स, आइडिया बिल्डर समेत 50 कंपनी बनाकर की गई 100 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अक्षय जैन और उसके सहयोगी प्रतीक जैन को गिरफ्तार कर लिया है। धोखाधड़ी से जुड़े अलग-अलग थानों में दर्ज हर मुकदमों में अक्षय जैन और प्रतीक जैन शामिल हैं। अक्षय और प्रतीक पर 46 मुकदमे नंदग्राम, 12 सिहानी गेट, चार कविनगर थाने समेत लिंक रोड, इंदिरापुरम, मुरादनगर, मधुबन बापूधाम, नगर कोतवाली में कुल 72 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है।
पुलिस ने बताया कि अक्षय जैन ने देवेन गर्ग के नाम और प्रतीक जैन ने राहुल गर्ग के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर पासपोर्ट बनवाए थे। साथ ही अक्षय ने देवेन गर्ग के नाम से ही दुबई का नागरिकता कार्ड भी बनवाया था। जिसे पुलिस पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद कर चुकी है।
धोखाधड़ी के मामले में अक्षय जैन मुख्य आरोपी
नंदग्राम थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में अक्षय जैन मुख्य आरोपी है जबकि प्रतीक जैन उसका सहयोगी है। दोनों मिलकर अपने परिवार के सदस्यों को ही अलग-अलग कंपनी बनाकर उनमें निदेशक बनाते थे। इसके बाद लोगों को फर्जी नक्शा दिखा लोगों को विश्वास में लेकर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करते थे। इसके अलावा जीडीए द्वारा पास नक्शे के विपरीत फर्जी दस्तावेज तैयार कर पास नक्शे से अधिक की मंजिल के फ्लैट भी लोगों को बेचकर धोखाधड़ी की। साथ ही बैंकों से सांठगांठ करके करोड़ों रुपये का लोन भी ले लिया। इससे पहले बिल्डर राजकुमार जैन, नमन जैन, रिषभ जैन, अनुशा जैन, इंदु जैन, वीरेंद्र जैन, उमंग जैन को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच की जा रही है। सभी मुकदमों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। इसमें बैंक अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। तत्कालीन बैंक अधिकारियों का पता कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
100 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में अब 27 लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। एसबीआई, पीएनबी के बाद इलाहाबाद बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। पीड़ितों द्वारा अक्षय जैन, राजकुमार जैन, इंदु जैन, प्रतीक जैन, नमन जैन, विजयंत जैन, प्रवीन मित्तल, मुकेश गोस्वामी, शैलेंद्र शुक्ला, विरेंद्र जैन, तरुण कुमार, निखिल जैन, मनोज जैन, प्रदीप जैन, प्रियंका जैन, किरन गर्ग, रितु मित्तल, अजीत कुमार, अलका जैन, अरुण जैन, नरेंद्र पाल, मंजू जैन, मनोज बेनीवाल, संजय कुमार अमित श्रीवास्तव, मनोहर मीना और अंकित के साथ एसबीआई, पीएनबी व इलाहाबाद बैंक के लोन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नंदग्राम समेत जनपद के अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नंदग्राम थाने में 100 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों के खिलाफ पिछले दिनों नौ नए मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें आरोपियों ने नौ लोगों से करीब तीन करोड़ 16 लाख 51 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। राजनगर एक्सटेंशन निवासी लोकेश कुमार से 18.80 लाख, रोहिणी दिल्ली निवासी विकास शर्मा से 20 लाख, वसुंधरा निवासी रोहतास कंवर मलिक से 25.12 लाख, शंकर नगर एक्सटेंशन दिल्ली निवासी आकांक्षा सिंह से 34.07 लाख, शास्त्री नगर गाजियाबाद निवासी प्रशांत गोस्वामी से 30 लाख, जनकपुरी नई दिल्ली निवासी सुधीर कुमार गुप्ता से 23.17 लाख, महरौली नई दिल्ली निवासी प्रशांत कुमार से 28.29 लाख, रोहिणी दिल्ली निवासी अनिल सिंह से 1.12 करोड़ और विजयनगर निवासी कविता वर्मा से 24.49 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। सभी मामलों में आरोपियों ने फ्लैट देने के नाम पर रकम ऐंठी और लोन कराने के नाम पर बैंक से लोन की रकम ले ली लेकिन पीड़ितों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।