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Ghaziabad News: एमएमजी अस्पताल में शुरू होगा ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों का इलाज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jun 2025 12:49 AM IST
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Treatment of brain stroke patients will start in MMG hospital
गाजियाबाद।
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एमएमजी अस्पताल में अब गंभीर ब्रेन स्ट्रोक के इलाज की सुविधा शुरू होगी। इसके लिए चिकित्सकों को जल्द ही ट्रे्निंग दी जाएगी। एक महीने के अंदर यह सुविधा शुरू करने की योजना है।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने कहा कि ऐसे मरीज जिनके ब्रेन में रक्तप्रवाह कम हो जाता है या रक्त के थक्के बन जाते हैं ऐसे गंभीर मरीजों का इलाज अभी जिला स्तर पर नहीं हो पाता था। ऐसे में मरीजों को दिल्ली या अन्य हायर सेंटर भेजना पड़ता था। अब जिला स्तर पर ही ऐसे मरीजों का इलाज होगा, इसके लिए चिकित्सकों और स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी। अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा पहले से ही है। सेरेब्रोवास्कुलर एक्सीडेंट (सीवीए) के केस में एंटी थंबोटिक थेरेपी देने का प्रशिक्षण कराया जाएगा। अस्पताल में इससे संबंधित दवाएं और इंजेक्शन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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क्या है सीवीए

सेरेब्रोवास्कुलर एक्सिडेंट का उपयोग मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति में अचानक व्यवधान के लिए किया जाता है। यह व्यवधान रक्त थक्का जमने से या अन्य कारण से हो सकता है। मस्तिष्क ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की निरंतर आपूर्ति पर निर्भर करता है इसलिए किसी भी रुकावट के कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है जिससे स्थायी विकलांगता या मृत्यु भी हो सकती है। फिजिशियन डॉ. अंशुल वार्ष्णेय ने बताया कि थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क की धमनियों में से किसी एक में रक्त का थक्का बन जाता है या धमनी की दीवारों पर प्लाक जम जाता है।
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इसके लक्षण
- अचानक सुन्नपन या कमजोरी होना। विशेषकर शरीर के एक तरफ जो चेहरे, हाथ या पैर को प्रभावित करती है।

- बोलने या भाषण को समझने में अचानक कठिनाई आना

- एक या दोनों आंखों से अचानक देखने में परेशानी होना

- चक्कर आना या संतुलन न होना

- अचानक होने वाला गंभीर सिरदर्द, जिसका कोई ज्ञात कारण नहीं होता, विशेष रूप से रक्तस्रावी स्ट्रोक में आम है
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि एमएमजी में एक महीने के अंदर इसको शुरू कर दिया जाएगा। यहां सफलता मिलने के बाद संयुक्त जिला अस्पताल में भी शुरू किया जाएगा। इससे स्ट्रोक के गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

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