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Ghaziabad News: गांधीनगर बिजलीघर में बढ़ी ट्रांसफार्मर क्षमता, ओवरलोडिंग से मिलेगी राहत
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गाजियाबाद। गांधीनगर बिजलीघर में नए बिजनेस प्लान के तहत ट्रांसफार्मर की क्षमता 250 केवीए से बढ़ाकर 400 केवीए कर दी गई है। ऊर्जा निगम का दावा है कि इससे क्षेत्र में ओवरलोडिंग और बार-बार आने वाले फॉल्ट की समस्या काफी हद तक कम होगी। हालांकि, ट्रांसफार्मर बदलने के दौरान पूरे इलाके की बिजली बंद रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ी।
इस बिजलीघर से जुड़े क्षेत्रों में ओवरलोडिंग और फॉल्ट की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया। जोन-एक के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई गई है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
दूसरे दिन भी बिजली ने किया परेशान
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दूसरे दिन बिजली की आंख-मिचौली जारी रही। हालांकि, मंगलवार की तुलना में फॉल्ट की शिकायतें कुछ कम रहीं। सिद्धार्थ विहार निवासी कपिल ने बताया कि रात में उनके इलाके की बिजली तीन बार गुल हुई। मेरठ रोड स्थित दुहाई गांव के टीनू चौधरी के अनुसार, दिन में करीब ढाई घंटे बिजली बाधित रही और रात में भी बार-बार कटौती होती रही। खिमावती, काकड़ा, सुराना, रावली और मकरेड़ा समेत कई गांवों में दिन-रात मिलाकर छह घंटे से अधिक बिजली गुल रही। सुराना गांव के महावीर यादव ने आरोप लगाया कि बिजली कटौती के दौरान अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। भोजपुर निवासी किसान शाहीद ने बताया कि पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से धान की सिंचाई का कार्य भी बाधित हो रहा है। इस समय फसल को प्रतिदिन पानी की आवश्यकता होती है।
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इस बिजलीघर से जुड़े क्षेत्रों में ओवरलोडिंग और फॉल्ट की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया। जोन-एक के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई गई है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
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दूसरे दिन भी बिजली ने किया परेशान
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दूसरे दिन बिजली की आंख-मिचौली जारी रही। हालांकि, मंगलवार की तुलना में फॉल्ट की शिकायतें कुछ कम रहीं। सिद्धार्थ विहार निवासी कपिल ने बताया कि रात में उनके इलाके की बिजली तीन बार गुल हुई। मेरठ रोड स्थित दुहाई गांव के टीनू चौधरी के अनुसार, दिन में करीब ढाई घंटे बिजली बाधित रही और रात में भी बार-बार कटौती होती रही। खिमावती, काकड़ा, सुराना, रावली और मकरेड़ा समेत कई गांवों में दिन-रात मिलाकर छह घंटे से अधिक बिजली गुल रही। सुराना गांव के महावीर यादव ने आरोप लगाया कि बिजली कटौती के दौरान अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। भोजपुर निवासी किसान शाहीद ने बताया कि पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से धान की सिंचाई का कार्य भी बाधित हो रहा है। इस समय फसल को प्रतिदिन पानी की आवश्यकता होती है।
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