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Ghaziabad News: पेंशन भेजने के लिए डिटेल मांग खाते से निकाल लिए दस लाख रुपये

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2025 11:56 PM IST
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To send pension, ten lakh rupees were withdrawn from the detail demand account
गाजियाबाद। पेंशन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ने एक और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को अपना शिकार बना लिया। इस बार भी ठगी का तरीका वैसा ही रहा, जैसा पिछले मामलों में रहा था। ठग ने खुद को कोषागार अधिकारी बताते हुए गोविंदपुरम के गायत्री एंक्लेव निवासी वीरेंद्र कुमार को दो महीने की पेंशन खाते में भेजने का झांसा दिया। इसके लिए खाते की जानकारी मांगी। जानकारी मिलते ही खाते से 9,99,999 रुपये निकाल लिए।
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हाल ही में सेवानिवृत्त हुए 60 वर्षीय वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पास एक फरवरी को अनजान नंबर से काॅल आई। काॅलर ने कहा कि वह गाजियाबाद कोषागार का अधिकारी है। सरकार से दो महीने की पेंशन आई है। यह भेजनी है। उसके पास पूरा रिकाॅर्ड मौजूद है। सिर्फ खाते की जानकारी चाहिए। यह मिलते ही पेंशन भेज दी जाएगी।
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वीरेंद्र कुमार ने उसे कोषागार का अधिकारी मानकर खाते की जानकारी दे दी। ठग ने इस जानकारी का इस्तेमाल कर उनके मोबाइल में इंटरनेट बैंकिंग शुरू कराई। दो फरवरी को ठग ने एक लिंक भेजा। इस पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके दो बैंक खातों से रकम ट्रांसफर हो गई। उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो वह कोषागार पहुंचे। जानकारी करने पर पता चला कि न तो दो महीने की पेंशन आई है और न ही कोषागार से उन्हें किसी ने काॅल की थी। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस उन खातों के बारे में जानकारी कर रही है जिनमें रकम ट्रांसफर कराई गई। जिस मोबाइल नंबर से काॅल की गई थी, वह स्विच आफ आ रहा है।
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आठ साल से सक्रिय है गिरोह



पेंशन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह लगभग आठ साल में सक्रिय हैं। आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद समेत प्रदेश के लगभग हर जिले के सेवानिवृत्त कर्मचारी इन गिरोह का शिकार बन चुके हैं।



ये गिरोह पहले सिर्फ सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते थे। इसके बाद अन्य महकमों के कर्मचारियों से भी ठगी करने लगे। ऐसे कई गिरोह पकड़े भी जा चुके हैं।



यह गिरोह उन कर्मचारियों को काॅल करता है, जिनकी सेवानिृत्ति कुछ दिन पहले हुई हो और पेंशन मिलनी शुरू न हुई हो और अगर हो गई हो तो ज्यादा समय न हुआ हो।



अनजान पर न करें भरोसा



एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि अनजान नंबर से आई काॅल पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। कोई लिंक भेजे तो उस पर क्लिक न करें। अपने खाते की जानकारी किसी से साझा नहीं करें। ऐसा करने पर ही साइबर ठगी से बच सकते हैं।




लिंक भेजकर निकाल



लिए 3.72 लाख रुपये



गाजियाबाद। साइबर अपराधी ने हिंडन विहार निवासी आमिर सैफी के मोबाइल पर लिंक भेजा। उसे क्लिक करते ही उनके खाते से 3.72 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हो गए। उन्होंने नंदग्राम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। आमिर सैफी ने बताया कि कॉलर ने कॉल कर लिंक डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने लिंक डाउनलोड किया, वैसे ही उनका मोबाइल हैंग हो गया। इसके बाद उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से तीन लाख 72 हजार 350 रुपये ट्रांसफर हो गए। पीड़ित ने नंदग्राम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि कंप्युटर संसाधनों से संम्पत्ति हड़पने की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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