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Ghaziabad News: दुहाई हॉल्ट पर टिकट काउंटर बंद, बिना टिकट सफर कर रहे यात्री
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रेल मार्ग पर स्थित दुहाई हॉल्ट से रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन टिकट खरीदने की स्थायी व्यवस्था नहीं है। हॉल्ट पर बना टिकट काउंटर लंबे समय से बंद है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, टिकट की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां से सफर करने वाले करीब 80 फीसदी यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं। इससे रेलवे को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
दुहाई हॉल्ट पर अप और डाउन दिशा में रोजाना छह पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है। इनमें प्रतिदिन करीब ढाई से तीन हजार यात्री गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ, मोदीनगर और मुरादनगर के लिए सफर करते हैं। लगभग इतने ही यात्री यहां उतरते भी हैं। इसके बावजूद टिकट बिक्री की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, टिकट चेकिंग अभियान के दौरान टीटीई टीम जब यात्रियों से टिकट मांगती है तो कई बार कहासुनी की स्थिति बन जाती है। यात्रियों का कहना है कि हॉल्ट पर टिकट ही उपलब्ध नहीं है तो वे टिकट कहां से लाएं। सीटीआई की ओर से भी इस संबंध में मुख्यालय को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया है।
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दैनिक यात्री संघ ने भी रेलमंत्री को पत्र भेजकर दुहाई हॉल्ट पर स्थायी टिकट काउंटर और प्लेटफॉर्म निर्माण की मांग की है। संघ के पदाधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि पहले सुविधा उपलब्ध कराई जाए, इसके बाद नियमों के पालन के लिए दबाव बनाया जाए।
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50 साल पुराना टिकटघर खंडहर में तब्दील
दुहाई हॉल्ट पर टिकटघर की इमारत करीब 50 साल पुरानी है। रखरखाव के अभाव में इमारत जर्जर हो रही है। खिड़कियां और दरवाजे टूट चुके हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक अंदर असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा रहता है। हॉल्ट पर साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है। प्लेटफॉर्म और ट्रैक के किनारे दूर तक घास और झाड़ियां उगी हैं। यात्रियों के बैठने के लिए लगाई गई कई बेंच भी टूटी पड़ी हैं। स्थानीय निवासी टीनू चौधरी ने बताया कि दुहाई हॉल्ट काफी पुराना है। पहले यहां से बड़ी संख्या में लोग सफर करते थे, लेकिन सुविधाओं के अभाव में धीरे-धीरे इसकी स्थिति खराब होती गई। उनका आरोप है कि रेलवे का कोई अधिकारी यहां नियमित निरीक्षण के लिए भी नहीं आता।
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एक तरफ प्लेटफॉर्म नहीं, जान जोखिम में डालकर उतरते हैं यात्री
दुहाई हॉल्ट पर मेरठ की तरफ लंबा प्लेटफॉर्म बना है, लेकिन गाजियाबाद की ओर प्लेटफॉर्म नहीं है। ऐसे में गाजियाबाद की तरफ से आने वाली ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को नीचे कूदकर उतरना पड़ता है। बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यात्रियों के मुताबिक कई बार उतरते या चढ़ते समय लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। रात में यह जोखिम और बढ़ जाता है।
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ये ट्रेनें रुकती हैं दुहाई हॉल्ट पर
मेरठ-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस, सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर, दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर, गाजियाबाद-मेरठ सिटी मेमू, मेरठ सिटी-गाजियाबाद मेमू, दिल्ली-मेरठ मेमू।
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दुहाई हॉल्ट पर टिकट देने के लिए निजी व्यक्ति को अधिकृत किया गया है। वह समय पर नहीं पहुंच रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दुहाई हॉल्ट पर नया प्लेटफॉर्म बनाया जाना प्रस्तावित है। सफाई और अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्य भी कराए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा को लेकर रेलवे गंभीर है।
-हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे
दुहाई हॉल्ट पर अप और डाउन दिशा में रोजाना छह पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है। इनमें प्रतिदिन करीब ढाई से तीन हजार यात्री गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ, मोदीनगर और मुरादनगर के लिए सफर करते हैं। लगभग इतने ही यात्री यहां उतरते भी हैं। इसके बावजूद टिकट बिक्री की स्थायी व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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रेलवे सूत्रों के मुताबिक, टिकट चेकिंग अभियान के दौरान टीटीई टीम जब यात्रियों से टिकट मांगती है तो कई बार कहासुनी की स्थिति बन जाती है। यात्रियों का कहना है कि हॉल्ट पर टिकट ही उपलब्ध नहीं है तो वे टिकट कहां से लाएं। सीटीआई की ओर से भी इस संबंध में मुख्यालय को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया गया है।
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दैनिक यात्री संघ ने भी रेलमंत्री को पत्र भेजकर दुहाई हॉल्ट पर स्थायी टिकट काउंटर और प्लेटफॉर्म निर्माण की मांग की है। संघ के पदाधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि पहले सुविधा उपलब्ध कराई जाए, इसके बाद नियमों के पालन के लिए दबाव बनाया जाए।
50 साल पुराना टिकटघर खंडहर में तब्दील
दुहाई हॉल्ट पर टिकटघर की इमारत करीब 50 साल पुरानी है। रखरखाव के अभाव में इमारत जर्जर हो रही है। खिड़कियां और दरवाजे टूट चुके हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक अंदर असामाजिक तत्वों का भी जमावड़ा रहता है। हॉल्ट पर साफ-सफाई की स्थिति भी खराब है। प्लेटफॉर्म और ट्रैक के किनारे दूर तक घास और झाड़ियां उगी हैं। यात्रियों के बैठने के लिए लगाई गई कई बेंच भी टूटी पड़ी हैं। स्थानीय निवासी टीनू चौधरी ने बताया कि दुहाई हॉल्ट काफी पुराना है। पहले यहां से बड़ी संख्या में लोग सफर करते थे, लेकिन सुविधाओं के अभाव में धीरे-धीरे इसकी स्थिति खराब होती गई। उनका आरोप है कि रेलवे का कोई अधिकारी यहां नियमित निरीक्षण के लिए भी नहीं आता।
एक तरफ प्लेटफॉर्म नहीं, जान जोखिम में डालकर उतरते हैं यात्री
दुहाई हॉल्ट पर मेरठ की तरफ लंबा प्लेटफॉर्म बना है, लेकिन गाजियाबाद की ओर प्लेटफॉर्म नहीं है। ऐसे में गाजियाबाद की तरफ से आने वाली ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को नीचे कूदकर उतरना पड़ता है। बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। यात्रियों के मुताबिक कई बार उतरते या चढ़ते समय लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। रात में यह जोखिम और बढ़ जाता है।
ये ट्रेनें रुकती हैं दुहाई हॉल्ट पर
मेरठ-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस, सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर, दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर, गाजियाबाद-मेरठ सिटी मेमू, मेरठ सिटी-गाजियाबाद मेमू, दिल्ली-मेरठ मेमू।
दुहाई हॉल्ट पर टिकट देने के लिए निजी व्यक्ति को अधिकृत किया गया है। वह समय पर नहीं पहुंच रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। दुहाई हॉल्ट पर नया प्लेटफॉर्म बनाया जाना प्रस्तावित है। सफाई और अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्य भी कराए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा को लेकर रेलवे गंभीर है।
-हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे