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Ghaziabad News: निर्माणाधीन इमारत में करंट लगने से तीन मजदूरों की मौत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Aug 2023 12:46 AM IST
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Three laborers died due to electrocution in under construction building
गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार में टी. एंड टी. कंपनी की योजना टी. होम्स की निर्माणाधीन इमारत में शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सामान ऊपर-नीचे ले जाने वाली ट्रॉली में अचानक करंट आ जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। तीनों मजदूर तार से ट्रॉली को ऊपर की ओर खींच रहे थे। माना जा रहा है कि इसी दौरान ट्राॅली का तार बिजली के तार से छू गया। इससे ट्राॅली में करंट आ गया जो मजदूरों का काल बन गया। पुलिस के साथ विद्युत सुरक्षा विभाग भी करंट आने की वजह तलाश कर रहा है।
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निर्माणाधीन इमारत में रंग-रोगन और अन्य काम किए जा रहे थे। तीनों मजदूर 26 वें तल पर सहकर्मियों के साथ मौजूद थे। चश्मदीद मजदूर राहुल ने बताया कि हादसे का शिकार बने साथी ट्राॅली के तार को खींच रहे थे। उस समय बिजली नहीं आ रही थी। छत पर ट्रांसफार्मर रखा है। तार भी फैले हुए हैं। वहां पानी भी भरा था।
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जैसे ही बिजली आई, वैसे ही ट्राॅली धड़ाम से नीचे जाकर गिरी। उसका तार खींच रहे मजदूरों की चीख निकली। उन्हें जोर का झटका लगा और वे छत पर गिर पड़े। पास में काम कर रहे मजदूर समझ गए कि उन्हें करंट लगा है। सावधानीपूर्वक उन्हें वहां से उठाया गया और पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन करंट का झटका इतनी जोर से लगा था कि तीनों में से किसी की जान नहीं बच पाई।
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डाक्टर ने देखते ही कहा कि उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि हादसे में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज निवासी इजराल एसके (33) पुत्र शुक्शा एसके, गोकुल(48) पुत्र विभूति और शुभांकर(25) पुत्र झाकूराम की मौत हुई है।



मजदूरों ने किया हंगामा
तीन साथियों की मौत हो जाने पर मजदूरों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि हादसा साफ तौर पर लापरवाही का नतीजा है। इस पर साइट मैनेजर ने उन्हें समझाया और मृतकों के परिजनों को उचित आर्थिक मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इस पर मजदूर शांत हो गए। पुलिस ने बताया कि उनके परिजनों से बात हो गई है। उन्होंने आने में तीन दिन का समय लगेगा। उनके कहने पर शव एंबुलेंस से मजदूरों के गांव भेजे जाएंगे।



ग्लब्ज होते तो न जाती जान
हादसे गम में डूबे मजदूरों ने कहा कि अगर कंपनी की ओर से रबड़ के ग्लब्ज दिए गए होते तो तीनों की जान न जाती। मजदूरों का कहना था कि जिन जगहों पर लापरवाही बरती जाती है, वहीं ऐसे हादसे होते हैं। जिस जगह से तीनों मजदूर लोहे का तार खींच रहे थे, वहां आसपास बिजली के तार खुले पड़े हैं। छत पर ट्रांसफार्मर की मरम्मत का काम चल रहा है। बारिश का पानी भी भरा हुआ है। ये लापरवाही साफतौर पर हादसे को न्योता दे रही थी।




जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसीपी नगर निमिष पाटिल का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा। सबसे पहले यह मालूम करने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्राॅली के तार में करंट कैसे आया। इसी वजह से हादसा होना माना जा रहा है।
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