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Ghaziabad News: कोडीनयुक्त कफ सिरप के तीन तस्करों की 50 करोड़ की संपत्ति होगी सीज
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गाजियाबाद। कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी के मामले में जेल में बंद तस्करों की संपत्ति एसआईटी जल्द जब्त करेगी। एसआईटी ने इसके लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है। मामले में 13 फरवरी को सुनवाई होगी। कानूनी प्रक्रिया के बाद इंदिरापुरम के सौरव त्यागी और सहारनपुर में रहने वाले विभोर राणा और उसके भाई वैभव राणा की संपत्ति सीज की जाएगी। इन तीनों से करीब 50 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा टीम ने एकत्र कर लिया है। इस मामले में अब तक 19 लोग आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें से 12 के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र पेश किया जा चुका है। टीम सहारनपुर में रहने वाले अभिषेक शर्मा को जल्द रिमांड पर लेगी। अभिषेक शर्मा से मनी ट्रेल की बाबत पूछताछ की जाएगी।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि आरएस फार्मा इंदिरापुरम का मालिक सौरव त्यागी अपनी फर्म से ही कफ सिरप के बिल तस्करों को मुहैया कराता था। उससे बरामद लेपटॉप, मोबाइल फोन, नकदी और बिल से इसकी संलिप्तता उजागर हुई है। जेल में बंद सौरव त्यागी ने अनैतिक रूप से संपत्ति अर्जित की है। पकड़े गए अभिषेक शर्मा ने पूछताछ में बताया कि विभोर राणा और वैभव राणा की जीआर ट्रेडिंग फर्म बंद होने के बाद एबॉट के अधिकारियों से मिलीभगत कर विभोर की फर्म बीएन फार्मास्युटिकल को केयरिंग एंड फारवर्डिंग एजेंट (सीएफए) बनाकर कारोबार किया गया।
सहारनपुर स्थित जीआर ट्रेडिंग के संचालक विभोर राणा और उसका भाई वैभव राणा उत्तराखंड से तस्करों को कोडीनयुक्त सिरप मुहैया कराते थे। टीम ने इसके सुबूत भी एकत्र कर लिए हैं। डीसीपी ने बताया कि ऐसे में सौरव त्यागी, विभोर राणा और वैभव राणा ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी कर अवैध रूप से करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है। इन संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट के चेप्टर पांच-ए के अंतर्गत अवैध चल-अचल संपत्ति पर फिलहाल सीजिंग की कार्रवाई की जाएगी।
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अभिषेक शर्मा को रिमांड पर लेगी एसआईटी
अभिषेक ने सचिन मेडिकोज के नाम से फर्म का नाम बदलकर मारुति मेडिकोज कर दिया। इसके बाद विशाल व विभोर ने अपने भाई व शुभम के नाम पर कई फर्जी फर्म बनाईं। बताया कि जेल में बंद अभिषेक को रिमांड पर लेकर कुछ अन्य फर्मों की बाबत पूछताछ की जाएगी।
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डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि आरएस फार्मा इंदिरापुरम का मालिक सौरव त्यागी अपनी फर्म से ही कफ सिरप के बिल तस्करों को मुहैया कराता था। उससे बरामद लेपटॉप, मोबाइल फोन, नकदी और बिल से इसकी संलिप्तता उजागर हुई है। जेल में बंद सौरव त्यागी ने अनैतिक रूप से संपत्ति अर्जित की है। पकड़े गए अभिषेक शर्मा ने पूछताछ में बताया कि विभोर राणा और वैभव राणा की जीआर ट्रेडिंग फर्म बंद होने के बाद एबॉट के अधिकारियों से मिलीभगत कर विभोर की फर्म बीएन फार्मास्युटिकल को केयरिंग एंड फारवर्डिंग एजेंट (सीएफए) बनाकर कारोबार किया गया।
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सहारनपुर स्थित जीआर ट्रेडिंग के संचालक विभोर राणा और उसका भाई वैभव राणा उत्तराखंड से तस्करों को कोडीनयुक्त सिरप मुहैया कराते थे। टीम ने इसके सुबूत भी एकत्र कर लिए हैं। डीसीपी ने बताया कि ऐसे में सौरव त्यागी, विभोर राणा और वैभव राणा ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी कर अवैध रूप से करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है। इन संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट के चेप्टर पांच-ए के अंतर्गत अवैध चल-अचल संपत्ति पर फिलहाल सीजिंग की कार्रवाई की जाएगी।
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अभिषेक शर्मा को रिमांड पर लेगी एसआईटी
अभिषेक ने सचिन मेडिकोज के नाम से फर्म का नाम बदलकर मारुति मेडिकोज कर दिया। इसके बाद विशाल व विभोर ने अपने भाई व शुभम के नाम पर कई फर्जी फर्म बनाईं। बताया कि जेल में बंद अभिषेक को रिमांड पर लेकर कुछ अन्य फर्मों की बाबत पूछताछ की जाएगी।