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Ghaziabad News: कैशियर से 9.56 लाख की लूट में मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार
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इंदिरापुरम। कोतवाली पुलिस ने सात नवंबर को पेट्रोल पंप के कैशियर अजब शर्मा से हुई 9.56 लाख की लूट में मास्टरमाइंड अभिषेक उर्फ लैपर्ड समेत तीन लुटेरों को गिरफ्तार किया है। घटना में रेकी करने वाले दोनों सगे भाई हैं। पुलिस ने तीनों से 2.30 लाख रुपये, तमंचा और कारतूस बरामद किया है । घटना में अभी तक आठ लुटेरे गिरफ्तार हो चुके हैं।
डीसीपी शुभम पटेल ने बताया कि मास्टरमाइंड अभिषेक उर्फ लैपर्ड और दो सगे भाई सागर व सूरज निवासी घूकना नंदग्राम को गिरफ्तार किया है। तीनों लोग एक दूसरे के पड़ोसी हैं। पूर्व में अभिषेक राजनगर के आरडीसी में पेट्रोल पंप पर तेल डालने का काम करता था। चार महीने पहले उसे मलिक ने रुपयों के विवाद में नौकरी से निकाल दिया था। उसकी मुलाकात राहुल निवासी हरबंशनगर से हुई थी। राहुल के टूर एंड ट्रैवल्स ऑफिस पर उसकी जान पहचान अमित पाल उर्फ मोनू से हुई थी। राहुल का काम पिछले दो महीने से खराब चल रहा था जिससे वह अमित को वेतन नहीं दे पा रहा था। नौकरी जाने के बाद अभिषेक भी परेशान था।
वहीं, सागर और सूरज दोनों इंदिरापुरम नीतिखंड में भारत पेट्रोल पंप पर सेल्समैन का काम करते हैं। सागर तीन महीने पहले दुष्कर्म के मामले में जेल गया था। वहां से लौट के बाद उसे नौकरी नहीं मिली। महंगे शौक पूरे करने के लिए अभिषेक ने लोगों से कर्जा ले लिया था। इस दौरान उसे सूरज और सागर ने अपने पेट्रोल पंप के कैशियर के रोजाना बैंक जाने की बात बताई। तब अभिषेक ने सभी के साथ मिलकर लूट की योजना तैयार की और सूरज व सागर को रेकी करने की जिम्मेदारी दी। सात नवंबर की दोपहर लुटेरों ने योजना के तहत कैशियर अजब शर्मा और दीपक कुमार से रुपयों से भरा बैग लूट लिया था।
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सगे भाइयों को मिले 40-40 हजार रुपये
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि सूरज और सागर ने घटना में शामिल होने की शर्त रखी थी कि वह इन सभी को छोड़कर बाकी किसी के सामने नहीं आएंगे। गिरोह का कोई सदस्य उनका नाम भी नहीं बताया। साथ ही दोनों ने 40-40 हजार रुपये की मांग की थी। जो लूट के बाद दोनों को दे दिए गए थे। एसीपी का कहना है कि घटना में आठ लोग गिरफ्तार किया जा चुके हैं। जिसमें अमित पाल मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया था।
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डीसीपी शुभम पटेल ने बताया कि मास्टरमाइंड अभिषेक उर्फ लैपर्ड और दो सगे भाई सागर व सूरज निवासी घूकना नंदग्राम को गिरफ्तार किया है। तीनों लोग एक दूसरे के पड़ोसी हैं। पूर्व में अभिषेक राजनगर के आरडीसी में पेट्रोल पंप पर तेल डालने का काम करता था। चार महीने पहले उसे मलिक ने रुपयों के विवाद में नौकरी से निकाल दिया था। उसकी मुलाकात राहुल निवासी हरबंशनगर से हुई थी। राहुल के टूर एंड ट्रैवल्स ऑफिस पर उसकी जान पहचान अमित पाल उर्फ मोनू से हुई थी। राहुल का काम पिछले दो महीने से खराब चल रहा था जिससे वह अमित को वेतन नहीं दे पा रहा था। नौकरी जाने के बाद अभिषेक भी परेशान था।
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वहीं, सागर और सूरज दोनों इंदिरापुरम नीतिखंड में भारत पेट्रोल पंप पर सेल्समैन का काम करते हैं। सागर तीन महीने पहले दुष्कर्म के मामले में जेल गया था। वहां से लौट के बाद उसे नौकरी नहीं मिली। महंगे शौक पूरे करने के लिए अभिषेक ने लोगों से कर्जा ले लिया था। इस दौरान उसे सूरज और सागर ने अपने पेट्रोल पंप के कैशियर के रोजाना बैंक जाने की बात बताई। तब अभिषेक ने सभी के साथ मिलकर लूट की योजना तैयार की और सूरज व सागर को रेकी करने की जिम्मेदारी दी। सात नवंबर की दोपहर लुटेरों ने योजना के तहत कैशियर अजब शर्मा और दीपक कुमार से रुपयों से भरा बैग लूट लिया था।
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सगे भाइयों को मिले 40-40 हजार रुपये
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि सूरज और सागर ने घटना में शामिल होने की शर्त रखी थी कि वह इन सभी को छोड़कर बाकी किसी के सामने नहीं आएंगे। गिरोह का कोई सदस्य उनका नाम भी नहीं बताया। साथ ही दोनों ने 40-40 हजार रुपये की मांग की थी। जो लूट के बाद दोनों को दे दिए गए थे। एसीपी का कहना है कि घटना में आठ लोग गिरफ्तार किया जा चुके हैं। जिसमें अमित पाल मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया था।