तीन बांग्लादेशी बदमाश गिरफ्तार: गाजियाबाद में दवा कारोबारी के घर डाली थी डकैती, एक साथ सुलझी 18 वारदातों की गुत्थी
गाजियाबाद के कवि नगर में दवा कारोबारी के यहां डकैती डालने की गुत्थी को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन बांग्लादेशी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गैंग लीडर मोहम्मद खैरुल उर्फ अरमान (46), मोहम्मद सादिक शेख (29) और मोंटू मुल्ला (30) के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में चोरी की 18 वारदातें सुलझाने का दावा किया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सोने और हीरे के जेवरात, सात महंगी घड़ियां और चोरी करने में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए हैं। आरोपी कुछ समय में माल इकट्ठा कर वापस बांग्लादेश भाग जाते थे। कुछ समय बिताने के बाद आरोपी दोबारा यहां आकर वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि 27 फरवरी की रात को पांच बांग्लादेशी बदमाशों के गैंग ने गाजियाबाद के कवि नगर में दवा कारोबारी पवन गर्ग के घर पर धावा बोल दिया था। एक आरोपी घर के बाहर खड़ा रहा। बाकी चार घर की खिड़की काटकर अंदर दाखिल हो गए।
बदमाशों ने पवन की पत्नी और दो नाबालिग बेटों को चाकू और पिस्टल दिखाकर बंधक बनाया। इसके बाद उनके घर से लाखों रुपये के जेवरात और कैश लूट लिया। बाद में बाहर खड़ी कार में बैठकर मौके से फरार गए। पीड़ित की शिकायत पर कवि नगर थाने में डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ।
इस बीच दिल्ली एनसीआर में लगातार चोरी और लूटपाट की वारदातें होती रही। लोकल पुलिस के अलावा दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भी जांच शुरू की। अपराध शाखा की एसटीएफ ने आरोपियों की जानकारी जुटाना शुरू की। पुलिस को पता चला कि वारदातों के पीछे बांग्लादेशी गैंग का हाथ है। मुखबिरों से सूचना मिली कि भारत में खैरुल नामक बदमाश का गैंग एक्टिव है।
खैरुल और उसके गैंग की तलाश के लिए पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह व अन्यों की टीम ने जांच शुरू की। इस बीच सूचना मिली कि बदमाशों का गैंग दक्षिण दिल्ली के लाडो सराय में आना वाला है। सूचना के बाद पुलिस ने खैरुल, सादि और मोंट को गिरफ्तार कर उनसे जेवरात, कुछ चोरी का सामान और औजार बरामद किए। पूछताछ के दौरान खैरुल ने बताया कि वह 1997 से भारत में एक्टिव है। वह कई बार जेल भी गया है।
जेल में उसकी मुलाकात राजीव श्रीवास्तव नामक शख्स से हुई थी। राजीव गैंग के रहने और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करता है। रात के समय पॉश इलाकों को टारगेट किया जाता है। खिड़की या दरवाजा काटकर घर में दाखिल हुआ जाता है। यदि सोते से कोई जाग जाता है तो उसे बंधक बनाकर वारदात की जाती है।
विरोध करने पर बदमाश गोली चलाने से भी गुरेज नहीं करते हैं। गैंग लीडर खैरुल 16, सादिक दो और मोंटू 19 वारदातों में शामिल रहा है। वारदात के बाद यह माल समेटकर बांग्लादेश भाग जाते थे। कुछ समय वहां बिताने के बाद दोबारा अवैध रूप से भारत में आकर दोबारा वारदातों को अंजाम देते थे।