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कोरोना से पूरा परिवार तबाह : दो मासूम बच्ची हो गई अनाथ, पहले दादा-पिता को छीना, फिर दादी और मां को निगला

Sun, 09 May 2021 03:03 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sun, 09 May 2021 03:03 PM IST
सार

सोसाइटी के टावर-2 फ्लैट नंबर 205 में पिछले कई सालों से दुर्गेश प्रसाद अपनी पत्नी, बेटे, पुत्रवधू और पोतियों के साथ रहते थे। पहले दादा फिर पिता, इसके बाद दादी और मां की मौत हो गई।

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this family completely destroy due to corona grand father grand mother father mother death two girls became orphan  
गाजियाबाद : दादा-दादी समेत माता-पिता की कोविड से मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद में कोरोना ने एक घर को पूरी तरह से तबाह कर दिया। जिससे दो बच्ची अनाथ हो गई। पूरा परिवार हरा-भरा था। लेकिन इस परिवार की खुशियां पर कोरोना की नजर लग गई। एक-एक कर सबको छीन लिया। दोनों बच्चियों के सिर से माता-पिता का साया हट गया। यह मामला क्रॉसिंग रिपब्लिक पंचशील वेलिंगटन का है। 

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राजकुमार राठी ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते सोसाइटी में हर दूसरे-तीसरे दिन एक व्यक्ति की मौत हो रही है। अभी तक 10-12 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी के टावर-2 फ्लैट नंबर 205 में पिछले कई सालों से दुर्गेश प्रसाद अपनी पत्नी, बेटे, पुत्रवधू और पोतियों के साथ रहते थे। पहले दादा फिर पिता, इसके बाद दादी और मां की मौत हो गई।
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दुर्गेश प्रसाद की 27 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई थी। उस वक्त बेटा अश्वनी और बहू निर्मला शारदा हॉस्पीटल में भर्ती हुए थे। कुछ दिनों बाद अश्वनी की भी अस्पताल में मौत हो गई। कुछ घंटे बाद दुर्गेश प्रसाद की पत्नी संतोष कुमारी का भी निधन हो गया। इसके बाद निर्मला की भी मौत हो गई। काफी लंबे से समय से शारदा हॉस्पिटल में निर्मला का इलाज चल रहा था। 
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राजकुमार राठी ने दाह संस्कार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 112 पर एंबुलेंस के लिए काफी फोन किया, लेकिन सरकार की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हुई। बाद में प्राइवेट एंबुलेंस की व्यवस्था कर उनका दाह संस्कार कराया गया। फिलहाल दो बच्चे हैं जिनकी आयु लगभग 6 वर्ष और दूसरे की लगभग 8 वर्ष है इन दोनो बच्चियों को लोकल विस्तार किया भेजा हुआ है।

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