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Ghaziabad News: सर्दियों में बढ़ा निमोनिया का खतरा, बच्चों और बुजुर्गों की ओपीडी में भीड़

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 21 Dec 2025 01:46 AM IST
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The risk of pneumonia increases in winter, with children and the elderly crowding the OPD.
जिला अस्पताल की ओपीडी में कतार में खड़े मरीज। संवाद
गाजियाबाद। सर्दी के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एमएमजी और संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 35 से 40 बुजुर्ग और बच्चे इस बीमारी के इलाज के लिए आ रहे हैं। चिकित्सक चेतावनी दे रहे हैं कि सर्दी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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संयुक्त अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि बच्चों में निमोनिया की वजह आमतौर पर वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण होता है। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में बदलाव और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता से यह बीमारी जल्दी फैलती है। डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि अक्सर माता-पिता बच्चों में खांसी या जुकाम की शिकायत नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह निमोनिया में बदल सकता है।
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श्वसन प्रणाली कमजोर होने से निमोनिया का खतरा
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा ने कहा कि बुजुर्ग और बच्चों में श्वसन प्रणाली कमजोर होने के कारण निमोनिया का गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि दवाई से अधिक सर्दी से बचाव जरूरी है। डॉ. संतराम ने लोगों को चेताया कि बुजुर्गों में प्रारंभिक लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सर्दी में घर के अंदर पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन बनाए रखना भी संक्रमण को रोकने में मदद करता है। इसके साथ ही रोजाना हल्का व्यायाम और ताजे फल-सब्जियों का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि लोगों को स्वयं सतर्क रहने और बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि दवा पर अधिक निर्भर रहने की बजाय, रोकथाम के उपाय अपनाने से निमोनिया की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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निमोनिया के बढ़ने के कारण
मौसम में अचानक बदलाव और सर्दी का बढ़ना।
कम तापमान और शुष्क हवा से श्वसन मार्ग पर असर।

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों में।

प्रदूषण और धूल से फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव।

भीड़भाड़ वाले स्थानों में संक्रमण फैलने की संभावना।

निमोनिया से बचाव के उपाय
सर्दी में गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ठंड से बचाएं।
बच्चों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रखें।

समय-समय पर हाथ धोएं और संक्रमण से बचाव करें।

संतुलित आहार और पर्याप्त पानी से प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करें।

आवश्यक होने पर चिकित्सक की सलाह अनुसार टीकाकरण कराएं।
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