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‘धर्म-जाति की राजनीति बीती बात’
ब्यूरो अमर उजाला/ मोदीनगर
Updated Sat, 15 Oct 2016 12:52 AM IST
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वरुण गांधी
- फोटो : अमर उजाला
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मोदी फाउंडेशन के कार्यक्रम से पहले आयोजित प्रेसवार्ता में पहले तो वरुण गांधी सियासी सवालों से बचते रहे लेकिन बाद में कहा कि धर्म और जाति की राजनीति अब बीती बात हो चुकी है।
देश के सामने अब आर्थिक असमानता से निपटने की चुनौती है। देश के एक प्रतिशत लोग 61 प्रतिशत धन के मालिक हैं जबकि 92 प्रतिशत लोगों के पास 10 फीसदी और 90 प्रतिशत लोगों के पास 8 प्रतिशत धन है।
वरुण गांधी ने अपने संबोधन में आयोजकों से कहा कि उनको अच्छा नहीं लगेगा मगर यह बात सत्य है कि प्राइवेट इंस्टीट्यूट की पढ़ाई का खर्चा सरकारी स्कूलों से आठ गुणा अधिक है। इसी के चलते चार करोड़ विद्यार्थी शिक्षा के लिए बैंक से लिए गए लोन को चुकाने में असमर्थ हैं।
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उन्होंने कहा कि 14 से 18 वर्ष के युवा आत्महत्या करने को मजबूर हैं। इसके पीछे शिक्षा का बोझ और बेरोजगारी बताई जाती है। वरुण गांधी ने कहा कि नौजवानों में चेतना आई है। वह कुछ कर गुजरने की इच्छा रखता है। बस उसे सही मार्ग दर्शन की जरूरत है।
अपने अंदर एक विद्यार्थी को हमेशा जिंदा रखें
विकास की जड़ को जिज्ञासा ही मजबूती देती है। क्या नया हो सकता है, यह हर पल सोचना चाहिए। इसके लिए शिक्षा अर्जित करने के बाद भी ताउम्र खुद के भीतर के विद्यार्थियों को जिंदा रखना होगा। यह बातें भाजपा नेता वरुण गांधी ने कहीं।
शुक्रवार को वह नेता कम एक शिक्षक ज्यादा नजर आए। मौका था डा. केएन मोदी फाउंडेशन के सीएमडी सभागार में आयोजित ‘प्रेरणावचनम’ कार्यक्रम का। अपने 37 मिनट के संबोधन में सियासत से दूर वरुण गांधी ने नौजवानों और विद्यार्थियों को जीवन दर्शन का पाठ पढ़ाया।
छात्रों में नई उर्जा भरी। कुछ नया करने का जोश जगाया। सोच और सपनों का विस्तार देते हुए कामयाबी के टिप्स भी दिए। वरुण गांधी ने कई ऐसे उदाहरण पेश किए, जिनमें लोगों ने स्वयं के प्रयास से जीवन में कुछ नया करके दिखाया और आज वह नौजवानों के लिए प्रेरणा के श्रोत बने हुए हैं।
युवा नौजवानों को सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की प्रेरणा देते हुए वरुण गांधी ने कहा कि जीवन की ताकत का आधार समाज होता है। देश दुनिया के लिए और समाज के लिए सोचें।
फूल से स्वागत न करने का किया आग्रह
कार्यक्रम के दौरान वरुण गांधी ने फूलों से स्वागत न करने का आग्रह किया। इसके पीछे उनका तर्क था कि फूल टूटने के बाद मृत हो जाता हैं और मृत चीजों से कोई भी नई शुरुआत ठीक नहीं। इसके बाद आयोजकों ने वरुण गांधी को तुलसी का पौधा भेंट किया।
इसके बाद मुख्य अतिथि भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर एसडीएम अतुल कुमार, ट्रेनी एसडीएम गजेंद्र कुमार, फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. डी के मोदी और उनके बेटे मानव मोदी, डा.आर सी लाल, सतीश चंद अग्रवाल, मुकेश गर्ग तथा मोदी फाउंडेशन का स्टाफ मौजूद रहा।
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देश के सामने अब आर्थिक असमानता से निपटने की चुनौती है। देश के एक प्रतिशत लोग 61 प्रतिशत धन के मालिक हैं जबकि 92 प्रतिशत लोगों के पास 10 फीसदी और 90 प्रतिशत लोगों के पास 8 प्रतिशत धन है।
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वरुण गांधी ने अपने संबोधन में आयोजकों से कहा कि उनको अच्छा नहीं लगेगा मगर यह बात सत्य है कि प्राइवेट इंस्टीट्यूट की पढ़ाई का खर्चा सरकारी स्कूलों से आठ गुणा अधिक है। इसी के चलते चार करोड़ विद्यार्थी शिक्षा के लिए बैंक से लिए गए लोन को चुकाने में असमर्थ हैं।
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उन्होंने कहा कि 14 से 18 वर्ष के युवा आत्महत्या करने को मजबूर हैं। इसके पीछे शिक्षा का बोझ और बेरोजगारी बताई जाती है। वरुण गांधी ने कहा कि नौजवानों में चेतना आई है। वह कुछ कर गुजरने की इच्छा रखता है। बस उसे सही मार्ग दर्शन की जरूरत है।
अपने अंदर एक विद्यार्थी को हमेशा जिंदा रखें
विकास की जड़ को जिज्ञासा ही मजबूती देती है। क्या नया हो सकता है, यह हर पल सोचना चाहिए। इसके लिए शिक्षा अर्जित करने के बाद भी ताउम्र खुद के भीतर के विद्यार्थियों को जिंदा रखना होगा। यह बातें भाजपा नेता वरुण गांधी ने कहीं।
शुक्रवार को वह नेता कम एक शिक्षक ज्यादा नजर आए। मौका था डा. केएन मोदी फाउंडेशन के सीएमडी सभागार में आयोजित ‘प्रेरणावचनम’ कार्यक्रम का। अपने 37 मिनट के संबोधन में सियासत से दूर वरुण गांधी ने नौजवानों और विद्यार्थियों को जीवन दर्शन का पाठ पढ़ाया।
छात्रों में नई उर्जा भरी। कुछ नया करने का जोश जगाया। सोच और सपनों का विस्तार देते हुए कामयाबी के टिप्स भी दिए। वरुण गांधी ने कई ऐसे उदाहरण पेश किए, जिनमें लोगों ने स्वयं के प्रयास से जीवन में कुछ नया करके दिखाया और आज वह नौजवानों के लिए प्रेरणा के श्रोत बने हुए हैं।
युवा नौजवानों को सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की प्रेरणा देते हुए वरुण गांधी ने कहा कि जीवन की ताकत का आधार समाज होता है। देश दुनिया के लिए और समाज के लिए सोचें।
फूल से स्वागत न करने का किया आग्रह
कार्यक्रम के दौरान वरुण गांधी ने फूलों से स्वागत न करने का आग्रह किया। इसके पीछे उनका तर्क था कि फूल टूटने के बाद मृत हो जाता हैं और मृत चीजों से कोई भी नई शुरुआत ठीक नहीं। इसके बाद आयोजकों ने वरुण गांधी को तुलसी का पौधा भेंट किया।
इसके बाद मुख्य अतिथि भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर एसडीएम अतुल कुमार, ट्रेनी एसडीएम गजेंद्र कुमार, फाउंडेशन के अध्यक्ष डा. डी के मोदी और उनके बेटे मानव मोदी, डा.आर सी लाल, सतीश चंद अग्रवाल, मुकेश गर्ग तथा मोदी फाउंडेशन का स्टाफ मौजूद रहा।