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Ghaziabad News: मजदूर के परिजनों ने थाना घेरा, पुलिस पर लगाया समझौते का दबाव बनाने का आरोप
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- मोदी शुगर मिल में टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आकर हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीनगर। मोदी शुगर मिल में 21 अगस्त को टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट आकर नाले में गिरने से हुई मजदूर सागर की मौत के मामले में शनिवार को परिजनों ने थाने का घेराव किया। परिजनों ने पुलिस पर ठेकेदार की ओर से दिए गए आर्थिक सहायता राशि के छह लाख रुपये के चेक को वापस करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया और हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को इंसाफ का भरोसा दिया।
मोदी शुगर मिल में सोमवार दोपहर टैंक की सफाई के दौरान दो मजदूर सागर 24 पुत्र राजू और अमन निवासी जगतपुरी जहरीली गैस की चपेट में आकर नाले में गिर गए थे। उपचार के दौरान अगले दिन सागर की मौत हो गई थी। सागर के परिजनों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपाेर्ट दर्ज कराई थी और कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पर हंगामा किया था।
तब मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि के रूप में छह लाख रुपये का चेक दिया गया था। पूरा सप्ताह बीते जाने के बाद भी पीड़ित पक्ष को धनराशि नहीं मिली। सागर की बहन पूजा ने आरोप लगाया कि पुलिस उन पर समझौता कर चेक वापस करने का दबाव बना रही है।
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नाराज लोग शनिवार शाम सागर के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पूजा का आरोप था कि पुलिस रोजाना चेक वापस लेने उनके घर जाती है। आरोप है कि बयान के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके अलावा पूजा ने मिल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए। कहा कि सागर को केवल शुगर मिल में झाड़ू लगाने के लिए रखा गया था। बताया कि सागर पिछले पांच सालों से अधिक समय से मिल में झाड़ू लगाता था।
इसके बावजूद सागर को खतरनाक काम पर लगाया गया। आरोप लगाया कि उसका भाई करीब एक घंटे तक नाले में पड़ा रहा लेकिन किसी ने उसे बाहर नहीं निकला। शनिवार को हंगामे के दौरान मोदी शुगर मिल अधिकारियों को भी थाने बुलाया गया। एसएचओ ने पीड़ित परिवार काे कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया।
एसीपी ज्ञानप्रकाश राय का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं फिर भी मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अगर कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है, उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीनगर। मोदी शुगर मिल में 21 अगस्त को टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट आकर नाले में गिरने से हुई मजदूर सागर की मौत के मामले में शनिवार को परिजनों ने थाने का घेराव किया। परिजनों ने पुलिस पर ठेकेदार की ओर से दिए गए आर्थिक सहायता राशि के छह लाख रुपये के चेक को वापस करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया और हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को इंसाफ का भरोसा दिया।
मोदी शुगर मिल में सोमवार दोपहर टैंक की सफाई के दौरान दो मजदूर सागर 24 पुत्र राजू और अमन निवासी जगतपुरी जहरीली गैस की चपेट में आकर नाले में गिर गए थे। उपचार के दौरान अगले दिन सागर की मौत हो गई थी। सागर के परिजनों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपाेर्ट दर्ज कराई थी और कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पर हंगामा किया था।
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तब मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि के रूप में छह लाख रुपये का चेक दिया गया था। पूरा सप्ताह बीते जाने के बाद भी पीड़ित पक्ष को धनराशि नहीं मिली। सागर की बहन पूजा ने आरोप लगाया कि पुलिस उन पर समझौता कर चेक वापस करने का दबाव बना रही है।
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नाराज लोग शनिवार शाम सागर के परिजनों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पूजा का आरोप था कि पुलिस रोजाना चेक वापस लेने उनके घर जाती है। आरोप है कि बयान के नाम पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके अलावा पूजा ने मिल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप लगाए। कहा कि सागर को केवल शुगर मिल में झाड़ू लगाने के लिए रखा गया था। बताया कि सागर पिछले पांच सालों से अधिक समय से मिल में झाड़ू लगाता था।
इसके बावजूद सागर को खतरनाक काम पर लगाया गया। आरोप लगाया कि उसका भाई करीब एक घंटे तक नाले में पड़ा रहा लेकिन किसी ने उसे बाहर नहीं निकला। शनिवार को हंगामे के दौरान मोदी शुगर मिल अधिकारियों को भी थाने बुलाया गया। एसएचओ ने पीड़ित परिवार काे कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया।
एसीपी ज्ञानप्रकाश राय का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं फिर भी मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अगर कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है, उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।