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रेलवे स्टेशन पर गर्मी में अव्यवस्था की मार : पंखे दूर-दूर, खुले आसमान के नीचे तप रहीं बेंच

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 02:14 AM IST
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The railway station is in a state of chaos during the summer: fans are far apart, benches are burning under the open sky
गाजियाबाद। 45 डिग्री तापमान में गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पहुंच रहे यात्रियों को रेलवे की बदइंतजामी से जूझना पड़ रहा है। जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। प्लेटफॉर्म पर पंखे तो लगे हैं, लेकिन सीटों से काफी दूर। बेंच खुले आसमान के नीचे लगी हैं और वाटर कूलर से गर्म पानी निकल रहा है।
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रोज 30 हजार यात्रियों की आवाजाही, सुविधाएं नाकाफी

रेलवे स्टेशन से रोजाना 8-10 हजार टिकट काउंटर से बिकते हैं। इतने ही यात्री उतरते भी हैं। कुल मिलाकर 30 हजार से ज्यादा यात्रियों की रोज आवाजाही होती है। इसके बावजूद मूलभूत सुविधाएं नाकाफी हैं।
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अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर सबसे ज्यादा ट्रेनें रुकती हैं। यहां पंखे प्लेटफॉर्म के बीच में लगे हैं, जबकि यात्रियों के बैठने की बेंच किनारे सटाकर रखी गई हैं। पंखों की ऊंचाई भी ज्यादा है। इससे हवा नीचे तक नहीं पहुंचती। गर्मी से बचने के लिए यात्री पंखे के नीचे चादर बिछाकर बैठने को मजबूर हैं।
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प्लेटफॉर्म तीन और चार के बीच का हाल और बुरा है। यहां कई जगह शेड नहीं है और बेंच खुले आसमान के नीचे लगी हैं। दोपहर एक बजे जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो प्लेटफॉर्म पर यात्री कम थे, लेकिन जो थे वे पसीने से तरबतर थे। खुले में लगी बेंच इतनी गर्म थीं कि उन पर बैठना मुश्किल था।


ठंडे पानी के लिए तरस रहे यात्री, 700 पेटी रोज बिक रही बोतल

अधिकारियों का दावा है कि सभी प्लेटफॉर्म पर वाटर कूलर लगे हैं, लेकिन यात्रियों की शिकायत है कि नलों से गर्म पानी आता है। खुर्जा से रोज गाजियाबाद आकर काम करने वाले रिंकू शर्मा ने बताया, जब भी प्लेटफॉर्म से पानी लिया, गर्म ही मिला। कई जगह ठंडा पानी लिखा है, लेकिन निकलता गर्म ही है।

बरेली जा रहे सुनील ने कहा कि जितनी देर में वाटर कूलर का पानी ठंडा होता है, उतनी देर में यात्री भर ले जाते हैं। मजबूरी में यात्रियों को बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। स्टॉल और वेंडरों से रोजाना करीब 700 पेटी पानी की बोतलें बिक रही हैं। एक पेटी में 10 बोतल होती हैं।
अमरोहा जा रहे रमेश चंद्र ने बताया कि प्लेटफॉर्म दो पर पानी की टंकी टपक रही थी। गजरौला के सोहन सिंह बोले कि ठंडे पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और लाइन भी लगानी पड़ती है।


प्लेटफॉर्म पर कुत्तों का कब्जा, नगर निगम बेपरवाह

सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर कुत्तों पर पाबंदी के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म एक पर कुत्ते घूमते रहते हैं। रेलवे ने नगर निगम को पत्र लिखकर कुत्ते पकड़वाने को कहा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।




क्या बोले अधिकारी

स्टेशन अधीक्षक एमके चौधरी ने कहा सभी प्लेटफॉर्म पर पेयजल के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था है। पंखे मानकों के अनुसार लगाए गए हैं। खुले में बेंच का मामला संज्ञान में आया है, दिखवाया जाएगा।



यात्री बोले

प्लेटफॉर्म पर पंखे काफी दूर-दूर लगे हैं। इतने ऊंचे हैं कि हवा नीचे नहीं आती। - सौरभ राजपूत, कोटी
नलों से गर्म पानी आता है। ठंडे पानी के लिए काफी देर खड़ा रहना पड़ता है।- सोहन सिंह, गजरौला
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