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Ghaziabad News: फर्जी दस्तावेजों व सिम से पासपोर्ट के लिए आवेदन करते थे गिरोह के बदमाश
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गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच की टीम ने फर्जी पासपोर्ट मामले में संलिप्त दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने गिरोह के 10 आरोपियों को जेल भेज दिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी ग्राहक खोजने और उनसे वसूली करने का काम करते थे। गिरोह पासपोर्ट सेवा केंद्र की बजाए पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र में ग्राहकों से आवेदन कराता था।
क्योंकि पासपोर्ट सेवा केंद्र पर दस्तावेजों की जांच चार अलग-अलग स्थानों पर होती है और पोस्ट ऑफिस कार्यालय में मात्र एक ही प्रतिनिधि दस्तावेजों की जांच करता था। ऐसे में यह गिरोह भोजपुर के पोस्ट ऑफिस सेवा केंद्र पर आवेदन करके पोस्टमैन अरुण से फर्जी दस्तावेजों को सत्यापित करा लेते थे। बता दें कि फर्जी पासपोर्ट मामले में टीम ने कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम मुश्ताक अहमद(55) निवासी जौहरी पार्क जामियानगर दिल्ली और मूल निवासी डीडीए कॉलोनी ख्याला दिल्ली और उसके साथी ने अपना नाम मुदासिर खान(45) निवासी दरियागंज दिल्ली मूल निवासी काशी मोहल्ला कस्बा व थाना बटमालू जनपद श्रीनगर कश्मीर बताया है।
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मुश्ताक अहमद दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है और फर्जी पतों पर पासपोर्ट बनवाने की एवज में एक से डेढ़ लाख रुपये आवेदकों से वसूलता था। ग्राहक को खोजने का काम मुदासिर खान करता था। एक ग्राहक खोजने पर उसे 25 हजार रुपये दिए जाते थे।
मुदासिर खान ओला-ऊबर में टैक्सी चालक है। पिछले सात वर्षों से दोनों एक दूसरे से परिचित हैं। यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए सिम, उससे बनाई गई ईमेल आईडी आदि से भोजपुर स्थित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र की ई-मेल पर आवेदन करते थे।
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क्योंकि पासपोर्ट सेवा केंद्र पर दस्तावेजों की जांच चार अलग-अलग स्थानों पर होती है और पोस्ट ऑफिस कार्यालय में मात्र एक ही प्रतिनिधि दस्तावेजों की जांच करता था। ऐसे में यह गिरोह भोजपुर के पोस्ट ऑफिस सेवा केंद्र पर आवेदन करके पोस्टमैन अरुण से फर्जी दस्तावेजों को सत्यापित करा लेते थे। बता दें कि फर्जी पासपोर्ट मामले में टीम ने कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम मुश्ताक अहमद(55) निवासी जौहरी पार्क जामियानगर दिल्ली और मूल निवासी डीडीए कॉलोनी ख्याला दिल्ली और उसके साथी ने अपना नाम मुदासिर खान(45) निवासी दरियागंज दिल्ली मूल निवासी काशी मोहल्ला कस्बा व थाना बटमालू जनपद श्रीनगर कश्मीर बताया है।
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मुश्ताक अहमद दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है और फर्जी पतों पर पासपोर्ट बनवाने की एवज में एक से डेढ़ लाख रुपये आवेदकों से वसूलता था। ग्राहक को खोजने का काम मुदासिर खान करता था। एक ग्राहक खोजने पर उसे 25 हजार रुपये दिए जाते थे।
मुदासिर खान ओला-ऊबर में टैक्सी चालक है। पिछले सात वर्षों से दोनों एक दूसरे से परिचित हैं। यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए सिम, उससे बनाई गई ईमेल आईडी आदि से भोजपुर स्थित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र की ई-मेल पर आवेदन करते थे।