फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   The dedication of the villagers has brought a glow of development to the villages.

Ghaziabad News: ग्रामीणों के समर्पण से गांवों में विकास की चमक

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 12:44 AM IST
विज्ञापन
The dedication of the villagers has brought a glow of development to the villages.
गाजियाबाद। गांवों के विकास की तस्वीर अब बदलने लगी है। सरकारी योजनाओं के साथ-साथ अब ग्रामीण भी अपनी जन्मभूमि को संवारने के लिए आगे आ रहे हैं। इस पहल का आधार बन रही है शासन की मातृभूमि योजना। इस योजना के तहत जिले में सात लोगों ने आवेदन कर गांवों में विकास कार्य कराने की इच्छा जताई है।
विज्ञापन

कोई गांव में सड़क बनवाना चाहता है तो कोई पेयजल और प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने की पहल कर रहा है। एक ग्रामीण ने अपने स्तर पर 20 हजार रुपये खर्च कर गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाकर मिसाल पेश की है। डीपीआरओ जाहिद हुसैन ने बताया कि मातृभूमि योजना से लोगों को गांव के विकास में योगदान देकर लंबे समय तक याद किए जाने का अवसर मिल रहा है। इस योजना के तहत गांवों के विकास में समृद्ध लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि गांव में जो व्यक्ति विकास कार्य कराएगा, वहां उसके नाम की शिलापट लगाई जाएगी। योजना में विकास कार्य की कुल लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा संबंधित व्यक्ति को वहन करना होगा। शेष 40 प्रतिशत राशि शासन की ओर से दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये जागरूक ग्रामीण आए आगे
-रजापुर ब्लॉक के डासना देहात में प्रधान सतीश ने 20,484 रुपये खर्च कर स्ट्रीट लाइट लगवाई हैं।
-यूसुफपुर मनौटा निवासी अंकुर सिंह ने 20 लाख रुपये से सड़क निर्माण कराने के लिए आवेदन किया है।
-मुरादनगर के मिल्क रावली गांव में सहंसर पाल ने पांच वाटर कूलर लगाने का प्रस्ताव दिया है।
-अबूपुर गांव में विपिन कुमार और राजकुमार ने एक-एक वाटर कूलर लगाने के लिए आवेदन किया है।
-लोनी के असालपुर गांव में योगेश गुप्ता कन्या पाठशाला में वाटर कूलर लगवाएंगे।
-निठौरा गांव में प्रधान सतवीर बाबा मोहनराम मंदिर में वाटर कूलर स्थापित कराएंगे।

माता-पिता की स्मृति में भी कराना चाहते हैं विकास कार्य

डीपीआरओ के अनुसार, फिलहाल सात आवेदन मिले हैं। इसके अलावा भी कई लोग योजना की जानकारी लेने के लिए संपर्क कर चुके हैं। कुछ लोग अपने माता-पिता की स्मृति में गांव में विकास कार्य कराना चाहते हैं, ताकि उनके नाम की शिलापट लग सके। विदेशों में रह रहे गांव के लोग भी अपनी मातृभूमि के लिए योगदान देने में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक लोगों को योजना की पूरी जानकारी दी जा रही है और आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed